Bihar: थाने में दलाली का 'काला खेल' बेनकाब! दलाल के बैग से मिलीं तीन थानों की केस डायरी, 10 पुलिसकर्मी सस्पेंड
बिहार के सहरसा जिले में पुलिस महकमे के भीतर चल रहे कथित दलाली सिंडिकेट का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस मुख्यालय से मिली सूचना के बाद कोशी क्षेत्र के डीआईजी ने सलखुआ थाना का औचक निरीक्षण किया, जिसमें थानाध्यक्ष और एक कथित दलाल के बीच संपर्क की पुष्टि हुई।
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बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर कोशी प्रमंडल के सहरसा जिले में पुलिस विभाग के भीतर चल रहे कथित दलाली सिंडिकेट का बड़ा खुलासा हुआ है। सलखुआ थाना में केस डायरी की सौदेबाजी और पैरवी के खेल का पर्दाफाश होने के बाद कोशी क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक ने खुद औचक निरीक्षण कर कार्रवाई की। इस दौरान एक कथित दलाल को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से तीन अलग-अलग थानों की मूल केस डायरी, लैपटॉप और अन्य सामान बरामद हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए सलखुआ थानाध्यक्ष समेत सहरसा, सुपौल और मधेपुरा के 10 पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।
पुलिस मुख्यालय को मिली थी दलाली सिंडिकेट की सूचना
जानकारी के अनुसार, पुलिस मुख्यालय, पटना को सूचना मिली थी कि सहरसा जिले के सलखुआ थाना में सतीश कुमार नाम का एक कथित दलाल थानाध्यक्ष मुकेश कुमार और पुलिस अवर निरीक्षक रविता कुमारी के माध्यम से थाने में पैरवी और दलाली का सिंडिकेट चला रहा है। सूचना में यह भी बताया गया था कि उसका भाई चंद्रकिशोर रजक मादक पदार्थों के सिंडिकेट से भी जुड़ा हुआ है। इसी इनपुट के आधार पर कोशी क्षेत्र के डीआईजी डॉक्टर कुमार आशीष ने 2 जुलाई 2026 को स्वयं सलखुआ थाना का औचक निरीक्षण किया।
थानाध्यक्ष और कथित दलाल के बीच बातचीत की हुई पुष्टि
औचक निरीक्षण के दौरान जांच में यह पुष्टि हुई कि थानाध्यक्ष मुकेश कुमार और कथित दलाल सतीश कुमार के बीच मोबाइल फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच को और तेज कर दिया।
मंदिर के पास से दबोचा गया कथित दलाल
औचक निरीक्षण के बाद पुलिस टीम गोसपुर मंदिर के पास पहुंची। वहां नीले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर तलाशी ली।
तलाशी के दौरान उसके काले रंग के बैग से एक लैपटॉप, एक की-बोर्ड, एक माउस और एक चार्जर बरामद किया गया।
तीन थानों की मूल केस डायरी मिलने से मचा हड़कंप
पुलिस को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब आरोपी के पास से पिपरा, सलखुआ और नवहट्टा थाना की मूल केस डायरी बरामद हुई। गोपनीय पुलिस दस्तावेज एक बाहरी व्यक्ति के पास मिलने से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। इसके बाद सलखुआ थाना में कांड संख्या 107/26 दर्ज करते हुए आरोपी सतीश कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आरोपी के खिलाफ विधि-सम्मत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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10 पुलिस अधिकारियों को किया गया निलंबित
मामले में कथित संलिप्तता पाए जाने पर डीआईजी ने तत्काल प्रभाव से 10 पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया।
निलंबित अधिकारियों में शामिल हैं-
- मुकेश कुमार सिंह (थानाध्यक्ष, सलखुआ थाना, सहरसा)
- सुवेलाल पासवान (सलखुआ थाना, सहरसा)
- पंकज कुमार (नवहट्टा थाना, सहरसा)
- जुही कुमारी (त्रिवेणीगंज थाना, सुपौल)
- शिशुपाल रविदास (राघोपुर थाना, सुपौल)
- अरमोद कुमार (भर्राही थाना, मधेपुरा)
- चन्द्रजीत प्रभाकर (मधेपुरा जिला बल)
- पिंकी कुमारी (सुपौल जिला बल)
- मनीषा कुमारी (मधेपुरा जिला बल)
- ज्योतिष कुमार (थानाध्यक्ष, घैलाढ़, मधेपुरा)
विशेष जांच दल का किया गया गठन
मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए सिमरी-बख्तियारपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मुकेश कुमार ठाकुर के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। यह टीम पूरे नेटवर्क, केस डायरी के लीक होने और कथित दलाली सिंडिकेट के सभी पहलुओं की जांच करेगी।
जनता से पुलिस की अपील
कोशी क्षेत्र के डीआईजी कार्यालय ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी थाना परिसर या पुलिस कार्यालय में किसी अनधिकृत या बाहरी व्यक्ति द्वारा दलाली, पैरवी या किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की जानकारी मिले, तो इसकी सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और शिकायत सही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।