Bihar: दिव्यांगों का फूटा दर्द, कोई ट्राई साइकिल तो कोई पेंशन से वंचित; डीएम ऑफिस में लगाई गुहार
रोहतास जिले के सासाराम में सरकारी योजनाओं से वंचित दर्जनों दिव्यांगजन अपनी समस्याओं को लेकर जिला समाहरणालय पहुंचे और नए जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई। दिव्यांगों का कहना है कि उन्हें वर्षों से दिव्यांग पेंशन, राशन कार्ड, छात्रवृत्ति, ट्राई साइकिल, मोटर चालित साइकिल और अन्य सहायक उपकरणों का लाभ नहीं मिल पाया है।
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दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए सरकार भले ही कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही हो, लेकिन रोहतास जिले में इन योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रहा है। पेंशन, राशन कार्ड, छात्रवृत्ति, ट्राई साइकिल और अन्य सहायक उपकरणों जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित दर्जनों दिव्यांग शुक्रवार को अपनी समस्याओं को लेकर जिला समाहरणालय पहुंचे। उन्होंने नए जिलाधिकारी से मुलाकात कर अपनी पीड़ा साझा की और लंबित मामलों का जल्द समाधान करने की मांग की।
सरकारी योजनाओं से वंचित हैं कई दिव्यांगजन
दिव्यांगजनों का कहना है कि जिले में आज भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जिन्हें सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। कई लोगों को दिव्यांग पेंशन नहीं मिल रही है, जबकि कई अब भी राशन कार्ड, छात्रवृत्ति, सहायक उपकरण और मोटर चालित ट्राई साइकिल जैसी सुविधाओं से वंचित हैं।
विभागीय उपेक्षा से परेशान होकर पहुंचे डीएम कार्यालय
शुक्रवार को विभागीय उपेक्षा और प्रशासनिक उदासीनता से परेशान दर्जनों दिव्यांग अपनी मांगों को लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे। दिव्यांगजनों का प्रतिनिधित्व कर रहे शिव शंकर मयंका ने बताया कि वे लंबे समय से जिले के दिव्यांगों की समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई दिव्यांग वर्षों से दिव्यांगता पेंशन, राशन कार्ड, छात्रवृत्ति और सहायक उपकरणों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें किसी योजना का लाभ नहीं मिला है।
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दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए भी लगाने पड़ रहे चक्कर
शिव शंकर मयंका ने बताया कि जिले में कई ऐसे दिव्यांग हैं, जो चलने-फिरने में असमर्थ हैं। इसके बावजूद उन्हें दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने के लिए बार-बार अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उनका कहना है कि सरकारी उपेक्षा के कारण दिव्यांगों का जीवन बेहद कठिन हो गया है।
नए जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार
जिला समाहरणालय पहुंचे दिव्यांगजनों ने नए जिलाधिकारी से मुलाकात कर उनका स्वागत किया और अपनी समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपते हुए लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन, दिव्यांग पेंशन शुरू कराने तथा आवश्यक सहायक उपकरण जल्द उपलब्ध कराने की मांग की। दिव्यांगजनों ने कहा कि जिले को नया जिलाधिकारी मिला है और उन्हें उम्मीद है कि उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
सामाजिक सुरक्षा विभाग के दावों पर उठे सवाल
दिव्यांगजनों का कहना है कि जिले में दिव्यांगों के सशक्तिकरण को लेकर सामाजिक सुरक्षा विभाग की ओर से किए जाने वाले दावे जमीनी स्तर पर पूरी तरह सफल नजर नहीं आते। उनका आरोप है कि योजनाओं के बावजूद कई जरूरतमंद दिव्यांग आज भी बुनियादी सुविधाओं और सरकारी सहायता से वंचित हैं, जिससे उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।