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रेल से चमकेगा कारोबार: इन तीन राज्यों के उद्यमियों को बड़ी राहत, NER में माल भाड़ा संभावनाओं का सर्वे शुरू
राजन राय, गोरखपुर
Published by: Rohit Singh
Updated Tue, 16 Jun 2026 12:33 PM IST
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सार
पूर्वोत्तर रेलवे में पहली बार माल भाड़ा की संभावनाएं तलाशने के लिए भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर (आईएम रायपुर) को कंसल्टेंसी एजेंसी नामित किया गया है। यह एजेंसी पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय के अलावा तीनों मंडलों में माल भाड़ा की संभावनाएं तलाशेगी। छह माह में एजेंसी को रिपोर्ट देना है जिसके बाद एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।
सांकेतिक
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विस्तार
यूपी, बिहार और उत्तराखंड के उद्यमियों के राहत देने वाली खबर है। पूर्वोत्तर रेलवे में माल ढुलाई के लिए बेहतर रेल सेवा उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू हो गई है। छोटे और बड़े उद्योगों के उत्पाद की ढुलाई के लिए एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। इससे उद्योगों के माल की ढुलाई को मालगाड़ी से हो सकेगी और कारोबारियों की लागत कम होगी तो उन्हें मुनाफा ज्यादा होगा। इससे उनका कारोबार भी चमकेगा।
पूर्वोत्तर रेलवे में पहली बार माल भाड़ा की संभावनाएं तलाशने के लिए भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर (आईएम रायपुर) को कंसल्टेंसी एजेंसी नामित किया गया है। यह एजेंसी पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय के अलावा तीनों मंडलों में माल भाड़ा की संभावनाएं तलाशेगी। छह माह में एजेंसी को रिपोर्ट देना है जिसके बाद एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।
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उत्तर प्रदेश में देश की नामी कंपनियां अब निवेश के लिए आने लगी हैं। खासकर, गोरखपुर में गीडा के बाद धुरियापार को ग्रेटर गीडा के रूप में विकसित करने की तैयारी चल रही है। केयान डिस्टिलरीज, अदाणी समूह की ओर से अंबुजा सीमेंट, श्री सीमेंट की फैक्टरियां लगने जा रही हैं। इससे माल भाड़ा की संभावनाएं बढ़ी हैं।
इसे देखते हुए अब पूर्वोत्तर रेलवे ने भी माल की ढुलाई की ओर से ध्यान देना शुरू किया है। इसके लिए कई स्तर पर प्रयास किए गए हैं। निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाकर गति शक्ति कार्गो टर्मिनल बनाए जा रहे हैं तो वहीं माल भाड़ा में छूट भी दी जा रही है। पूर्वोत्तर रेलवे के दायरे में आने तीनों प्रदेशों के 47 जिलों में कंसल्टेंसी एजेंसी सर्वे करेगी।
इसे देखते हुए अब पूर्वोत्तर रेलवे ने भी माल की ढुलाई की ओर से ध्यान देना शुरू किया है। इसके लिए कई स्तर पर प्रयास किए गए हैं। निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाकर गति शक्ति कार्गो टर्मिनल बनाए जा रहे हैं तो वहीं माल भाड़ा में छूट भी दी जा रही है। पूर्वोत्तर रेलवे के दायरे में आने तीनों प्रदेशों के 47 जिलों में कंसल्टेंसी एजेंसी सर्वे करेगी।
एजेंसी के जरिये रेलवे पता लगाएगा कि किस क्षेत्र में कौन से उत्पाद हैं जिसकी ढुलाई मिल सकती है। सर्वे में एजेंसी उत्पाद, बाजार, सड़क और रेल का रेशियो, प्राइवेट फ्रेड कार्गों टर्मिनल, निवेश कराने वाली कंपनियों की स्थिति का आकलन करेगी।
पिछले महीने आईएम रायपुर से रेल प्रशासन का अनुबंध हो चुका है और एजेंसी के लोगों ने सर्वे भी शुरू कर दिया है। रिपोर्ट आने के बाद सुविधाओं में सुधार और परिवर्तन को लेकर रेल प्रशासन एक्शन प्लान तैयार करेगा।
पिछले महीने आईएम रायपुर से रेल प्रशासन का अनुबंध हो चुका है और एजेंसी के लोगों ने सर्वे भी शुरू कर दिया है। रिपोर्ट आने के बाद सुविधाओं में सुधार और परिवर्तन को लेकर रेल प्रशासन एक्शन प्लान तैयार करेगा।
गुजरात के दो बंदरगाह पर निर्यात के लिए भेजी जाती थी चीनी
पूर्वोत्तर रेलवे के क्षेत्र से मिनी रेक वाली मालगाड़ी के माध्यम से विदेशों में निर्यात के लिए पहले गुजरात के दो बंदरगाह गांधी धाम और सिरपा पोर्ट पर चीनी भेजी जाती थी। सीतापुर, खैराबाग, गोला गोलकनाथ, बहेड़ी, अलीगंज आदि ढुलाई वाले रेलवे स्टेशनों से गन्ना भेजा जाता था लेकिन गन्रा उत्पादन कम होने के चलते अब मालगाड़ी से माल की ढुलाई नहीं मिल पाती है। इसके चलते माल भाड़ा भी बंद हो गया।
मालभाड़ा की संभावनाओं को देखने के लिए भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर (आईएम रायपुर) को कंसल्टेंसी एजेंसी नामित किया गया है। एजेंसी से एक एमओयू हो चुका है। कंपनी सर्वे कर अपनी रिपोर्ट देगी जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी: सुमित कुमार, सीपीआरओ-एनईआर
पूर्वोत्तर रेलवे के क्षेत्र से मिनी रेक वाली मालगाड़ी के माध्यम से विदेशों में निर्यात के लिए पहले गुजरात के दो बंदरगाह गांधी धाम और सिरपा पोर्ट पर चीनी भेजी जाती थी। सीतापुर, खैराबाग, गोला गोलकनाथ, बहेड़ी, अलीगंज आदि ढुलाई वाले रेलवे स्टेशनों से गन्ना भेजा जाता था लेकिन गन्रा उत्पादन कम होने के चलते अब मालगाड़ी से माल की ढुलाई नहीं मिल पाती है। इसके चलते माल भाड़ा भी बंद हो गया।
मालभाड़ा की संभावनाओं को देखने के लिए भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर (आईएम रायपुर) को कंसल्टेंसी एजेंसी नामित किया गया है। एजेंसी से एक एमओयू हो चुका है। कंपनी सर्वे कर अपनी रिपोर्ट देगी जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी: सुमित कुमार, सीपीआरओ-एनईआर
20 से 25 फीसदी कम हो जाएगा ट्रांसपोर्ट खर्च
उद्यमियों को अगर उनके माल की ढुलाई के लिए रेल सेवा की सुविधा मिलने लगे तो ट्रांसपोर्ट का खर्च करीब 20 से 25 फीसदी कम हो जाएगा। रेलवे प्रशासन की अच्छी पहल है लेकिन माल उतारने और चढ़ाने की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए।
गीडा की बात करें तो सहजनवां में साइडिंग एरिया को बेहतर बनाया जाए। साथ ही ड्राई पोर्ट की जरूरत है। इसके माध्यम से 10 टन तक माल भेज सकते हैं। अभी इसके लिए ट्रक से उत्पाद को कानपुर भेजा जाता है और वहां से कंटेनर के माध्यम से दूसरी जगहों पर माल जाता है: आरएन सिंह, उद्यमी एवं अध्यक्ष
उद्यमियों को अगर उनके माल की ढुलाई के लिए रेल सेवा की सुविधा मिलने लगे तो ट्रांसपोर्ट का खर्च करीब 20 से 25 फीसदी कम हो जाएगा। रेलवे प्रशासन की अच्छी पहल है लेकिन माल उतारने और चढ़ाने की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए।
गीडा की बात करें तो सहजनवां में साइडिंग एरिया को बेहतर बनाया जाए। साथ ही ड्राई पोर्ट की जरूरत है। इसके माध्यम से 10 टन तक माल भेज सकते हैं। अभी इसके लिए ट्रक से उत्पाद को कानपुर भेजा जाता है और वहां से कंटेनर के माध्यम से दूसरी जगहों पर माल जाता है: आरएन सिंह, उद्यमी एवं अध्यक्ष
छोटे उद्योगों तक पहुंचे रेल सेवा तो बनेगी बात
ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में रेल सेवा की सुविधा मिलने लगे तो उद्यमियों को बहुत सहूलियत होगी। बड़े उद्योगों के लिए तो रेलवे निजी फ्रेड कॉरीडोर उपलब्ध कराती है पर छोटे उद्यमियों के बारे में भी सोचना होगा। बेहतर सुविधा अगर मिलने लगे तो हर व्यापारी अपने उत्पाद को मालगाड़ी से भेजने लगेगा। अगर लागत कम आएगी तो मुनाफा भी बढ़ेगा और दाम भी कम होगा। इससे आम जनता को भी फायदा पहुंचेंगे: प्रवीण मोदी, उपाध्यक्ष चेंबर ऑफ इंड्रस्टी
ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में रेल सेवा की सुविधा मिलने लगे तो उद्यमियों को बहुत सहूलियत होगी। बड़े उद्योगों के लिए तो रेलवे निजी फ्रेड कॉरीडोर उपलब्ध कराती है पर छोटे उद्यमियों के बारे में भी सोचना होगा। बेहतर सुविधा अगर मिलने लगे तो हर व्यापारी अपने उत्पाद को मालगाड़ी से भेजने लगेगा। अगर लागत कम आएगी तो मुनाफा भी बढ़ेगा और दाम भी कम होगा। इससे आम जनता को भी फायदा पहुंचेंगे: प्रवीण मोदी, उपाध्यक्ष चेंबर ऑफ इंड्रस्टी