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उद्यमियों को राहत: गीडा-हाईवे पर बनेगा गोलचक्कर, नेशनल हाईवे तक आवागमन होगा सुरक्षित और सुगम
Wed, 15 Jul 2026 02:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jul 2026 02:29 AM IST
सार
मंगलवार को एडीएम (प्रशासन), गीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी रामप्रकाश, एसडीएम सहजनवा, तहसीलदार सहजनवा, नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों और चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गीडा औद्योगिक क्षेत्र से नेशनल हाईवे तक सुरक्षित निकास मार्ग उपलब्ध कराने के विभिन्न विकल्पों पर विस्तार से चर्चा की गई।
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गीडा के पास हाईवे का निरीक्षण करते अधिकारी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र से नेशनल हाईवे पर सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने की दिशा में पहल तेज हो गई है। मंगलवार को अधिकारियों ने क्षेत्र में निरीक्षण किया। इसके बाद बोक्टा चौराहे पर गोल चक्कर बनाने पर सहमति बनी।
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दरअसल, सोमवार को मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक में उद्यमियों ने कालेसर से सहजनवा तक हाईवे पर कट न होने का मुद्दा उठाया था। उद्यमियों का कहना था कि इसकी वजह से उन्हें सात किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है।
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मंगलवार को एडीएम (प्रशासन), गीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी रामप्रकाश, एसडीएम सहजनवा, तहसीलदार सहजनवा, नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों और चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण किया।
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निरीक्षण के दौरान गीडा औद्योगिक क्षेत्र से नेशनल हाईवे तक सुरक्षित निकास मार्ग उपलब्ध कराने के विभिन्न विकल्पों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद बैठक में बोक्टा चौराहे पर गोलचक्कर विकसित करने के प्रस्ताव पर सहमति बनी।
अधिकारियों का कहना था कि गोल चक्कर बनने से औद्योगिक क्षेत्र से आने-जाने वाले भारी वाहनों के साथ अन्य यातायात का संचालन अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हो सकेगा। इससे दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी और हाईवे पर यातायात का दबाव बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा।
बैठक में तय किया गया कि गोलचक्कर निर्माण का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर नेशनल हाईवे अथॉरिटी की रोड सेफ्टी ऑडिट टीम को भेजा जाएगा। टीम द्वारा स्थल का तकनीकी परीक्षण और सुरक्षा मानकों का मूल्यांकन किए जाने के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
इसी रिपोर्ट के आधार पर प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। निरीक्षण में चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधि आकाश जालान और कमलेश सिंह ने भी उद्यमियों की ओर से सुझाव दिए।