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UP: नौकरी दिलाने के नाम पर युवती से खुलवाया बैंक खाता, फिर करने लगा उसी से ठगी- दो गिरफ्तार; सरगना फरार

Wed, 15 Jul 2026 02:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Wed, 15 Jul 2026 02:31 AM IST
सार

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे फर्जी लोन कंपनी का पेज बनाकर मेटा (फेसबुक) पर विज्ञापन चलाते थे। आवेदन करने वाले लोगों से संपर्क कर खुद को कंपनी का कर्मचारी बताते, फर्जी पहचान पत्र भेजकर भरोसा जीतते और फिर रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग व इंश्योरेंस शुल्क के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराते थे।

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Two arrested for cyber fraud involving a fake loan company in Gorakhpur
ठगी के गिरफ्तार दोनों आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

कोतवाली पुलिस ने बजाज फाइनेंस के नाम पर फर्जी लोन कंपनी संचालित कर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से छह मोबाइल, 10 एटीएम कार्ड, छह सिमकार्ड व 1500 रुपये नकद बरामद किया है। सरगना वशिष्ठ तिवारी की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।

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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के नवादा निवासी मंजीत कुमार और कुशीनगर के अहिरौली बाजार क्षेत्र निवासी विजय विश्वकर्मा के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि करीब चार माह पहले गिरोह ने जानवी श्रीवास्तव को बजाज फाइनेंस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपने साथ जोड़ा।
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उसके नाम से सिमकार्ड जारी कराया गया और यूको बैंक में खाता खुलवाकर एटीएम कार्ड, सिम व बैंकिंग दस्तावेज अपने कब्जे में रख लिए। इसी बैंक खाते का इस्तेमाल देशभर के लोगों से लोन दिलाने के नाम पर पैसे मंगाने में किया जाता था। जांच में युवती के खाते से 15 लाख रुपये से अधिक का लेन-देन सामने आया।
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खाता फ्रीज होने के बाद उसे ठगी का पता चला, जिसके बाद उसने कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे फर्जी लोन कंपनी का पेज बनाकर मेटा (फेसबुक) पर विज्ञापन चलाते थे।

आवेदन करने वाले लोगों से संपर्क कर खुद को कंपनी का कर्मचारी बताते, फर्जी पहचान पत्र भेजकर भरोसा जीतते और फिर रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग व इंश्योरेंस शुल्क के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराते थे। पैसा मिलते ही एटीएम से नकदी निकाल लेते और पीड़ितों का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर देते थे।

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह कोतवाली क्षेत्र में किराए का कमरा लेकर साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहा था। पुलिस सरगना वशिष्ठ तिवारी की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।


एसपी सिटी निमिष पाटील के अनुसार, गिरफ्तार मंजीत कुमार शातिर साइबर अपराधी है और दो बार जेल जा चुका है। वर्ष 2023 में गोरखपुर साइबर थाने में हल्दीराम की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले में भी वह गिरफ्तार हुआ था। इसके अलावा बिहार के नवादा जिले में भी उसके खिलाफ साइबर ठगी के कई मामले दर्ज हैं।

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