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Gorakhpur News: नौ दिन के उपवास के बाद अचानक न खाएं तला-भुना, बिगड़ सकती है सेहत
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नवरात्र के बाद भारी भोजन से पाचन तंत्र पर बढ़ेगा दबाव
एम्स और जिला अस्पताल में फूड पॉइजनिंग के पहुंचे 275 मरीज
गोरखपुर। नवरात्र में नौ दिन तक उपवास रखने के बाद अचानक तला-भुना, मसालेदार और नॉनवेज भोजन करने से लोगों की सेहत बिगड़ सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि उपवास के बाद खानपान में अचानक बदलाव पाचन तंत्र पर भारी पड़ सकता है।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. बीके सुमन ने बताया कि उपवास के दौरान शरीर हल्के और सीमित आहार का अभ्यस्त हो जाता है। ऐसे में शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और पाचन तंत्र भी संवेदनशील हो जाता है। अगर इस दौरान अचानक अधिक तेल, मसाले और प्रोटीनयुक्त भारी भोजन लिया जाए तो पेट में गड़बड़ी होना स्वाभाविक है। इससे एसिडिटी, गैस, अपच, उल्टी-दस्त और कई बार फूड पॉइजनिंग तक की समस्या हो सकती है।
एम्स के मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. अजय मिश्र ने बताया कि नवरात्र के बाद हर साल ऐसे मामलों में बढ़ोतरी देखी जाती है। लोग व्रत खत्म होते ही अपनी पसंदीदा चीजें अधिक मात्रा में खाने लगते हैं, जिससे शरीर पर अचानक दबाव बढ़ जाता है। उपवास के बाद सामान्य भोजन की ओर धीरे-धीरे लौटना चाहिए। शुरुआत में खिचड़ी, दलिया, उबली सब्जियां, फल और सूप जैसे हल्के भोजन का सेवन करना बेहतर होता है। इसके बाद धीरे-धीरे सामान्य आहार शामिल करें। तला-भुना और नॉनवेज भोजन कुछ दिनों बाद ही लेना चाहिए।
एम्स और जिला अस्पताल में पिछले कुछ दिनों में फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त और पेट संबंधी समस्याओं के करीब 275 मरीज पहुंच चुके हैं। इनकी तबीयत बिगड़ने का कारण बाहरी या तले-भुने आहार ही हैं।
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एम्स और जिला अस्पताल में फूड पॉइजनिंग के पहुंचे 275 मरीज
गोरखपुर। नवरात्र में नौ दिन तक उपवास रखने के बाद अचानक तला-भुना, मसालेदार और नॉनवेज भोजन करने से लोगों की सेहत बिगड़ सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि उपवास के बाद खानपान में अचानक बदलाव पाचन तंत्र पर भारी पड़ सकता है।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. बीके सुमन ने बताया कि उपवास के दौरान शरीर हल्के और सीमित आहार का अभ्यस्त हो जाता है। ऐसे में शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और पाचन तंत्र भी संवेदनशील हो जाता है। अगर इस दौरान अचानक अधिक तेल, मसाले और प्रोटीनयुक्त भारी भोजन लिया जाए तो पेट में गड़बड़ी होना स्वाभाविक है। इससे एसिडिटी, गैस, अपच, उल्टी-दस्त और कई बार फूड पॉइजनिंग तक की समस्या हो सकती है।
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एम्स के मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. अजय मिश्र ने बताया कि नवरात्र के बाद हर साल ऐसे मामलों में बढ़ोतरी देखी जाती है। लोग व्रत खत्म होते ही अपनी पसंदीदा चीजें अधिक मात्रा में खाने लगते हैं, जिससे शरीर पर अचानक दबाव बढ़ जाता है। उपवास के बाद सामान्य भोजन की ओर धीरे-धीरे लौटना चाहिए। शुरुआत में खिचड़ी, दलिया, उबली सब्जियां, फल और सूप जैसे हल्के भोजन का सेवन करना बेहतर होता है। इसके बाद धीरे-धीरे सामान्य आहार शामिल करें। तला-भुना और नॉनवेज भोजन कुछ दिनों बाद ही लेना चाहिए।
एम्स और जिला अस्पताल में पिछले कुछ दिनों में फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त और पेट संबंधी समस्याओं के करीब 275 मरीज पहुंच चुके हैं। इनकी तबीयत बिगड़ने का कारण बाहरी या तले-भुने आहार ही हैं।