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Gorakhpur News: नोटिस की सुनवाई पूरी, 2.83 लाख मतदाताओं से लिए गए साक्ष्य
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गोरखपुर। मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) में आपत्तियों और नोटिस की सुनवाई पूरी हो गई है। बिना मैपिंग एवं तार्किक विसंगतियों वाले मतदाताओं से उनके निवास स्थान, आयु के प्रमाण के रूप में दस्तावेज जमा कराए गए हैं। दोनों श्रेणी में 99,584 मतदाता थे, जिनकी सुनवाई शुक्रवार को अंतिम दिन पूरी कर ली गई। 10 अप्रैल को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा।
जिले में 2.83 लाख मतदाता ऐसे थे, जिन्होंने अपने माता पिता, दादा दादी या नाना नानी के नाम 2003 की मतदाता सूची में होने का साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। उसके बाद उम्र, नाम या अन्य कारणों से हुई त्रुटियों का सुधार तार्किग विसंगतियों के अंतर्गत किया गया। साॅफ्टवेयर के जरिये त्रुटियों के सुधार के लिए नोटिस जारी किया गया। मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए करीब 2.32 लाख लोगों ने फाॅर्म छह भरे। नाम हटाने के लिए करीब सात हजार और नाम, पता के संशोधन के लिए 43 हजार लोगों ने फाॅर्म आठ भरा है।
सुनवाई के दौरान दस्तावेज के रूप में आधार कार्ड को मान्य किया गया, जबकि बीएलओ ने मौके पर ही दस्तावेज लेकर फीडिंग कर दी। इस कारण सुनवाई में छूटे हुए लोगों को मताधिकार मिलने की राह आसान हुई है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ही पता चल सकेगा कि कितने नए मतदाता बने और कितने मतदाताओं का नाम सूची से बाहर किया गया।
वर्जन
सुनवाई की अंतिम तिथि तक बिना मैपिंग एवं तार्किक विसंगतियों वाले मतदाताओं के दस्तावेज जमा किए गए। निर्वाचन आयोग के निर्धारित तिथि के अनुसार 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।
- विनीत कुमार सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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जिले में 2.83 लाख मतदाता ऐसे थे, जिन्होंने अपने माता पिता, दादा दादी या नाना नानी के नाम 2003 की मतदाता सूची में होने का साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। उसके बाद उम्र, नाम या अन्य कारणों से हुई त्रुटियों का सुधार तार्किग विसंगतियों के अंतर्गत किया गया। साॅफ्टवेयर के जरिये त्रुटियों के सुधार के लिए नोटिस जारी किया गया। मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए करीब 2.32 लाख लोगों ने फाॅर्म छह भरे। नाम हटाने के लिए करीब सात हजार और नाम, पता के संशोधन के लिए 43 हजार लोगों ने फाॅर्म आठ भरा है।
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सुनवाई के दौरान दस्तावेज के रूप में आधार कार्ड को मान्य किया गया, जबकि बीएलओ ने मौके पर ही दस्तावेज लेकर फीडिंग कर दी। इस कारण सुनवाई में छूटे हुए लोगों को मताधिकार मिलने की राह आसान हुई है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ही पता चल सकेगा कि कितने नए मतदाता बने और कितने मतदाताओं का नाम सूची से बाहर किया गया।
वर्जन
सुनवाई की अंतिम तिथि तक बिना मैपिंग एवं तार्किक विसंगतियों वाले मतदाताओं के दस्तावेज जमा किए गए। निर्वाचन आयोग के निर्धारित तिथि के अनुसार 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।
- विनीत कुमार सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व