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घरेलू गैस : दाम बढ़ने से गृहिणियों और मध्यमवर्गीय परिवारों की बढ़ी चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 08 Jun 2026 02:37 AM IST
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- महिलाओं ने कहा- हर महीने बढ़ती महंगाई से बढ़ रहीं मुश्किलें
गोरखपुर। घरेलू गैस सिलिंडर के दामों में हुई बढ़ोतरी ने गृहिणियों, मध्यमवर्गीय परिवारों और छोटे स्तर पर काम करने वाली महिला उद्यमियों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। रसोई का बजट संभालना पहले से ही कठिन हो रहा था, गैस की कीमतों में वृद्धि ने परिवारों के मासिक खर्च को और प्रभावित कर दिया है।
महिलाओं का कहना है कि खाद्य सामग्री, सब्जियों, दालों और अन्य आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों के बीच अब रसोई गैस का महंगा होना अतिरिक्त बोझ साबित हो रहा है। गृहिणियों के अनुसार, परिवार की आय में कोई विशेष वृद्धि नहीं हुई है जबकि रोजमर्रा की जरूरतों पर खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में घरेलू बजट को संतुलित रखना चुनौती बन गया है। दूसरी ओर, घर से छोटे व्यवसाय संचालित करने वाली महिला उद्यमियों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। टिफिन सेवा, घरेलू खाद्य उत्पाद, बेकरी आइटम और अन्य खाद्य व्यवसायों से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि गैस की लागत बढ़ने से उत्पादन खर्च में वृद्धि हुई है। लगातार बढ़ती महंगाई का सबसे अधिक असर घर की रसोई पर दिखाई देता है क्योंकि परिवार के दैनिक खर्चों का प्रबंधन मुख्य रूप से गृहिणियों को ही करना पड़ता है।
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महिलाओं से बातचीत
रसोई गैस के दाम बढ़ने से घर का पूरा बजट प्रभावित हो गया है। पहले से ही दाल और अन्य जरूरी सामान महंगे हैं। अब सिलिंडर महंगा होने से महीने के खर्चों को संभालना और मुश्किल हो गया है।
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- रिंकी उपाध्याय
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रसोई का खर्च लगातार बढ़ रहा है। पहले जहां महीने का बजट आसानी से बन जाता था, अब हर खर्च को सोच-समझकर करना पड़ रहा है। गैस के दाम बढ़ने से घरेलू महिलाओं की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
- माया
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मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बढ़ती महंगाई बड़ी चिंता बन गई है। बच्चों की पढ़ाई, बिजली बिल और अन्य खर्चों के बीच गैस सिलिंडर महंगा होना अतिरिक्त बोझ है। सरकार को आम लोगों को राहत देने के लिए कदम उठाने चाहिए।
- रिंकी सिंह
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हर महीने किसी न किसी चीज के दाम बढ़ जाते हैं। गैस सिलिंडर की कीमत बढ़ने का असर सीधे रसोई पर पड़ता है। हमें कई बार दूसरे खर्चों में कटौती करनी पड़ती है ताकि घर का बजट संतुलित रह सके।
- रश्मि रंजन
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स्नैक्स बनाने का काम करती हूं। गैस सिलिंडर महंगा होने से उत्पादन लागत बढ़ गई है। ग्राहकों के हित में कीमतें नहीं बढ़ा पा रहे हैं, जिससे मुनाफा कम हो रहा है। साथ ही इससे हमारा काफी नुकसान भी हो रहा है।
- समता अग्रवाल, महिला उद्यमी
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हमारे व्यवसाय में गैस का उपयोग सबसे अधिक होता है। सिलिंडर के दाम बढ़ने से खर्च बढ़ गया है। छोटे स्तर पर काम करने वाली महिला उद्यमियों के लिए यह चुनौतीपूर्ण स्थिति है। यदि लागत बढ़ती रही तो कारोबार चलाना मुश्किल हो जाएगा।
- रिया , महिला उद्यमी
गोरखपुर। घरेलू गैस सिलिंडर के दामों में हुई बढ़ोतरी ने गृहिणियों, मध्यमवर्गीय परिवारों और छोटे स्तर पर काम करने वाली महिला उद्यमियों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। रसोई का बजट संभालना पहले से ही कठिन हो रहा था, गैस की कीमतों में वृद्धि ने परिवारों के मासिक खर्च को और प्रभावित कर दिया है।
महिलाओं का कहना है कि खाद्य सामग्री, सब्जियों, दालों और अन्य आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों के बीच अब रसोई गैस का महंगा होना अतिरिक्त बोझ साबित हो रहा है। गृहिणियों के अनुसार, परिवार की आय में कोई विशेष वृद्धि नहीं हुई है जबकि रोजमर्रा की जरूरतों पर खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में घरेलू बजट को संतुलित रखना चुनौती बन गया है। दूसरी ओर, घर से छोटे व्यवसाय संचालित करने वाली महिला उद्यमियों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। टिफिन सेवा, घरेलू खाद्य उत्पाद, बेकरी आइटम और अन्य खाद्य व्यवसायों से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि गैस की लागत बढ़ने से उत्पादन खर्च में वृद्धि हुई है। लगातार बढ़ती महंगाई का सबसे अधिक असर घर की रसोई पर दिखाई देता है क्योंकि परिवार के दैनिक खर्चों का प्रबंधन मुख्य रूप से गृहिणियों को ही करना पड़ता है।
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महिलाओं से बातचीत
रसोई गैस के दाम बढ़ने से घर का पूरा बजट प्रभावित हो गया है। पहले से ही दाल और अन्य जरूरी सामान महंगे हैं। अब सिलिंडर महंगा होने से महीने के खर्चों को संभालना और मुश्किल हो गया है।
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रसोई का खर्च लगातार बढ़ रहा है। पहले जहां महीने का बजट आसानी से बन जाता था, अब हर खर्च को सोच-समझकर करना पड़ रहा है। गैस के दाम बढ़ने से घरेलू महिलाओं की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
- माया
मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बढ़ती महंगाई बड़ी चिंता बन गई है। बच्चों की पढ़ाई, बिजली बिल और अन्य खर्चों के बीच गैस सिलिंडर महंगा होना अतिरिक्त बोझ है। सरकार को आम लोगों को राहत देने के लिए कदम उठाने चाहिए।
- रिंकी सिंह
हर महीने किसी न किसी चीज के दाम बढ़ जाते हैं। गैस सिलिंडर की कीमत बढ़ने का असर सीधे रसोई पर पड़ता है। हमें कई बार दूसरे खर्चों में कटौती करनी पड़ती है ताकि घर का बजट संतुलित रह सके।
- रश्मि रंजन
स्नैक्स बनाने का काम करती हूं। गैस सिलिंडर महंगा होने से उत्पादन लागत बढ़ गई है। ग्राहकों के हित में कीमतें नहीं बढ़ा पा रहे हैं, जिससे मुनाफा कम हो रहा है। साथ ही इससे हमारा काफी नुकसान भी हो रहा है।
- समता अग्रवाल, महिला उद्यमी
हमारे व्यवसाय में गैस का उपयोग सबसे अधिक होता है। सिलिंडर के दाम बढ़ने से खर्च बढ़ गया है। छोटे स्तर पर काम करने वाली महिला उद्यमियों के लिए यह चुनौतीपूर्ण स्थिति है। यदि लागत बढ़ती रही तो कारोबार चलाना मुश्किल हो जाएगा।
- रिया , महिला उद्यमी