{"_id":"6a2674bb71505fa7650e64af","slug":"up-mlc-election-bjp-faces-rush-of-aspirants-for-gorakhpur-faizabad-seat-heavyweights-lobbying-top-leadership-2026-06-08","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP MLC Election: भाजपा कब खोलेगी पत्ते? कई दावेदार; सपा ने इन्हें प्रत्याशी बनाकर किया चुनावी जंग का एलान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP MLC Election: भाजपा कब खोलेगी पत्ते? कई दावेदार; सपा ने इन्हें प्रत्याशी बनाकर किया चुनावी जंग का एलान
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: Sharukh Khan
Updated Mon, 08 Jun 2026 01:35 PM IST
विज्ञापन
सार
गोरखपुर-फैजाबाद खंड निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी चुनाव में प्रत्याशियों की लिस्ट में भाजपा में कई दावेदार हैं। दिग्गज शीर्ष नेतृत्व को साधने में जुटे हैं। सपा ने शिक्षक नेता कमलेश यादव को उम्मीदवार बनाया है।
योगी आदित्यानाथ और अखिलेश यादव
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
गोरखपुर-फैजाबाद खंड निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। सबसे पहले सपा ने शिक्षक नेता कमलेश यादव को प्रत्याशी बनाकर चुनावी जंग का एलान कर दिया है। दूसरी तरफ से भाजपा ने अपना पत्ता नहीं खोला है।
कई दावेदार लखनऊ से लेकर दिल्ली तक शीर्ष नेताओं की पैरवी में जुटे हैं। उधर, मौजूदा एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी भी भाजपा से समर्थन हासिल करने में लगे हैं, बीते दिनों उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात भी की है। इसके बाद सियासत गरमा गई है।
प्रदेश में 11 शिक्षक व स्नातक एमएलसी चुनाव होने वाले हैं। बीते दिनों भाजपा ने पांच निर्वाचन क्षेत्रों से अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए। वे सभी सिटिंग एमएलसी हैं। लेकिन, गोरखपुर-फैजाबाद खंड निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी ने अभी प्रत्याशी नहीं उतारे हैं।
विज्ञापन
पिछली बार भाजपा ने प्रत्याशी नहीं उतारे थे और न ही किसी को समर्थन दिया। ध्रुव त्रिपाठी लगातार तीन बार से चुनाव जीत रहे हैं। एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी भाजपा से समर्थन मिलने को लेकर आश्वस्त हैं। वे कहते हैं कि उनको मंदिर का आशीर्वाद प्राप्त है।
कई दावेदार लखनऊ से लेकर दिल्ली तक शीर्ष नेताओं की पैरवी में जुटे हैं। उधर, मौजूदा एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी भी भाजपा से समर्थन हासिल करने में लगे हैं, बीते दिनों उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात भी की है। इसके बाद सियासत गरमा गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश में 11 शिक्षक व स्नातक एमएलसी चुनाव होने वाले हैं। बीते दिनों भाजपा ने पांच निर्वाचन क्षेत्रों से अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए। वे सभी सिटिंग एमएलसी हैं। लेकिन, गोरखपुर-फैजाबाद खंड निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी ने अभी प्रत्याशी नहीं उतारे हैं।
Trending Videos
पिछली बार भाजपा ने प्रत्याशी नहीं उतारे थे और न ही किसी को समर्थन दिया। ध्रुव त्रिपाठी लगातार तीन बार से चुनाव जीत रहे हैं। एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी भाजपा से समर्थन मिलने को लेकर आश्वस्त हैं। वे कहते हैं कि उनको मंदिर का आशीर्वाद प्राप्त है।
मुख्यमंत्री से वार्ता हुई है, वह जो कहेंगे वह मैं करूंगा। इसके इतर शिक्षक संगठनों ने भी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। दूसरी तरफ वर्ष 2020 में शिक्षक निर्वाचन चुनाव में निकटतम प्रतिद्वंदी रहे अजय सिंह एक बार फिर ताल ठोक रहे हैं। अजय पेशे से वकील हैं, वह भी अपने अभियान में लगे हुए हैं। चर्चा है कि भाजपा की एक लाबी उनकी पैरवी कर रही है।
इसके अलावा भाजपा में शामिल हुए डॉ.संजयन त्रिपाठी भी प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। डॉ. त्रिपाठी कभी योगी के करीबी रहे हैं और हिंदू युवा वाहिनी में भी रहे। लेकिन, बाद में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया। डॉ संजयन दो बार गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़े हैं पर सफलता नहीं मिली। सूत्र बताते हैं कि उनके समर्थन में भाजपा का एक गुट दमदारी से लगा हुआ है।
भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय ने बताया कि शिक्षक एमएलसी चुनाव में पार्टी प्रत्याशी उतारेगी। कई लोगों ने दावेदारी की है, शीर्ष नेतृत्व स्तर पर इसे लेकर मंथन चल रहा है। जल्द ही प्रत्याशी घोषित कर दिए जाएंगे।
कांग्रेस भी उतारेगी प्रत्याशी
इस बार शिक्षक एमएलसी चुनाव में कांग्रेस भी प्रत्याशी उतारेगी। पार्टी ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी जिलाध्यक्ष राजेश त्रिपाठी ने बताया कि उनकी पार्टी चुनाव को दमदारी से लड़ेगी। कई शिक्षक संगठनों के नेता उनसे समर्थन के लिए संपर्क साध चुके हैं।
इस बार शिक्षक एमएलसी चुनाव में कांग्रेस भी प्रत्याशी उतारेगी। पार्टी ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी जिलाध्यक्ष राजेश त्रिपाठी ने बताया कि उनकी पार्टी चुनाव को दमदारी से लड़ेगी। कई शिक्षक संगठनों के नेता उनसे समर्थन के लिए संपर्क साध चुके हैं।
चुनाव अभी दिसंबर में होना है, लेकिन जुलाई तक प्रत्याशी की घोषणा कर दी जाएगी। वहीं बसपा चुनावी समर में कूदेगी या नहीं, इस तस्वीर साफ नहीं हो सकी है। जिलाध्यक्ष हरि प्रकाश निषाद कहते हैं, इस पर निर्णय राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती को लेना है।