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आरोप : अनशनकारियों को प्रशासन ने हटाया, खून से लिखा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 08 Jun 2026 02:39 AM IST
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-निषाद समाज की उपजातियों को अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी करने की चल रही मांग
गोरखपुर। निषाद समाज की विभिन्न उपजातियों को अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र जारी किए जाने की मांग को लेकर निषाद युवा वाहिनी एक जून से अनशन कर रहा है। आरोप है कि रविवार को अंबेडकर चौराहा स्थित डॉॅ. आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष अनशनकारियों को एक मंत्री के दबाव में प्रशासन ने जबरन हटा दिया।
रविवार को निषाद युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने केवट, बिंद, मल्लाह, धीवर, कश्यप, बाथम सहित निषाद समाज की अन्य उपजातियों को पश्चिम बंगाल और दिल्ली की तर्ज पर अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी किए जाने की मांग दोहराई। कार्यकर्ताओं ने अपने खून से पत्र लिखकर प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री, राज्यपाल तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को भेजा और मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपील की।
निषाद युवा वाहिनी के पदाधिकारियों का आरोप है कि एक मंत्री के दबाव में प्रशासन ने शाम चार बजे अनशन स्थल पर पहुंचकर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट सुशील चंद्र साहनी सहित अन्य अनशनकारियों को जबरन वहां से हटा दिया। आंदोलन में उदयभान निषाद, रामशब्द निषाद, चंचला निषाद, आराधना निषाद, जगदीश निषाद, भार्गव साहनी, सूर्य प्रताप, संजय, सुरेंद्र, हनुमान, सुमित, रुद्र राम, आशीष, राजकपूर, परविंद्र, अवधेश साहनी, सदानंद निषाद समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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गोरखपुर। निषाद समाज की विभिन्न उपजातियों को अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र जारी किए जाने की मांग को लेकर निषाद युवा वाहिनी एक जून से अनशन कर रहा है। आरोप है कि रविवार को अंबेडकर चौराहा स्थित डॉॅ. आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष अनशनकारियों को एक मंत्री के दबाव में प्रशासन ने जबरन हटा दिया।
रविवार को निषाद युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने केवट, बिंद, मल्लाह, धीवर, कश्यप, बाथम सहित निषाद समाज की अन्य उपजातियों को पश्चिम बंगाल और दिल्ली की तर्ज पर अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी किए जाने की मांग दोहराई। कार्यकर्ताओं ने अपने खून से पत्र लिखकर प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री, राज्यपाल तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को भेजा और मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपील की।
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निषाद युवा वाहिनी के पदाधिकारियों का आरोप है कि एक मंत्री के दबाव में प्रशासन ने शाम चार बजे अनशन स्थल पर पहुंचकर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट सुशील चंद्र साहनी सहित अन्य अनशनकारियों को जबरन वहां से हटा दिया। आंदोलन में उदयभान निषाद, रामशब्द निषाद, चंचला निषाद, आराधना निषाद, जगदीश निषाद, भार्गव साहनी, सूर्य प्रताप, संजय, सुरेंद्र, हनुमान, सुमित, रुद्र राम, आशीष, राजकपूर, परविंद्र, अवधेश साहनी, सदानंद निषाद समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।