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विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस: सबसे खतरनाक स्टेज...लेकिन इलाज संभव, BRD में हर हफ्ते आ रहे 15 नए केस

अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: Rohit Singh Updated Mon, 08 Jun 2026 01:10 PM IST
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सार

न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉ. अनिंदया गुप्ता ने बताया कि ओपीडी में ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में हर सप्ताह करीब 15 नए मरीज इस समस्या के साथ पहुंच रहे हैं, जबकि पहले यह संख्या काफी कम थी। वर्ष 2023 से 2025 के बीच लगभग 200 मरीजों पर विभिन्न प्रकार के ब्रेन ट्यूमर का अध्ययन किया गया।

Fifteen patients with brain tumors are arriving daily at Gorakhpur's BRD. Timely treatment can save lives.
गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार

ब्रेन ट्यूमर के मामलों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जरी विभाग के अध्ययन में सामने आया है कि वयस्कों में मैनिंजियोमा और एस्ट्रोसाइटोमा सबसे अधिक पाए जाने वाले ब्रेन ट्यूमर हैं, जबकि बच्चों में एस्ट्रोसाइटोमा और मेडुलोब्लास्टोमा के मामले बढ़ रहे हैं।


ग्रेड-4 एस्ट्रोसाइटोमा ब्रेन ट्यूमर का खतरनाक रूप है, जो तेजी से बढ़ता है। सुखद यह है कि समय पर जानकारी हो जाए तो इसका इलाज संभव है। न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉ. अनिंदया गुप्ता ने बताया कि ओपीडी में ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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वर्तमान में हर सप्ताह करीब 15 नए मरीज इस समस्या के साथ पहुंच रहे हैं, जबकि पहले यह संख्या काफी कम थी। वर्ष 2023 से 2025 के बीच लगभग 200 मरीजों पर विभिन्न प्रकार के ब्रेन ट्यूमर का अध्ययन किया गया। इसे इंटरनेशनल जर्नल ऑफ मेडिसिन एंड पब्लिक हेल्थ जर्नल में प्रकाशित भी किया गया है।
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30 प्रतिशत में मस्तिष्क की झिल्लियों में विकसित होने वाला ट्यूमर
अध्ययन के अनुसार, वयस्क मरीजों में लगभग 30 प्रतिशत मामले मैनिंजियोमा (मस्तिष्क की झिल्लियों से विकसित होने वाला ट्यूमर) के पाए गए जो सबसे अधिक हैं। इसके बाद 25 प्रतिशत मरीज एस्ट्रोसाइटोमा (मस्तिष्क की सहायक कोशिकाओं से बनने वाला ट्यूमर) से पीड़ित मिले। वहीं बच्चों में एस्ट्रोसाइटोमा और मेडुलोब्लास्टोमा (मुख्य रूप से बच्चों में पाया जाने वाला तेजी से बढ़ने वाला ट्यूमर) के मामले प्रमुख रूप से सामने आए हैं।

डॉ. अनिंदया ने बताया कि ग्रेड-4 एस्ट्रोसाइटोमा सबसे खतरनाक रूप माना जाता है जो तेजी से बढ़ने वाला और गंभीर स्थिति पैदा करने वाला ट्यूमर होता है। उनका कहना है कि समय पर जांच और शुरुआती पहचान से इस बीमारी का बेहतर इलाज संभव है। ब्रेन ट्यूमर के इलाज की सुविधाएं अब मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध हैं, जिससे मरीजों को काफी राहत मिल रही है।

दस वर्ष के बच्चे का हुआ सफल ऑपरेशन
10 साल का एक बच्चा गोला क्षेत्र का रहने वाला था। उसे लगातार बेहोशी, सुस्ती और उल्टी की शिकायत हो रही थी। बच्चे को सिर में तेज दर्द रहता था और उसका शारीरिक विकास भी सामान्य रूप से नहीं हो रही था। परिवार के लोग जब उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज लेकर दिखाने आए तो जांच में मेडुलोब्लास्टोमा ब्रेन ट्यूमर की पुष्टि हुई।

उसका शारीरिक विकास न हो पाने का कारण उसकी यह बीमारी थी। डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन किया और इसके बाद रेडिएशन थेरेपी दी गई। इलाज के बाद बच्चे की हालत में सुधार देखा गया है। डॉ. अनिंदया ने बताया कि कॉलेज में ब्रेन ट्यूमर से जुड़ी सभी तरह की सर्जरी के लिए उपकरण उपलब्ध हैं। समय पर जांच से इसका बेहतर उपचार हो सकता है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
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लगातार या तेज सिरदर्द, खासकर सुबह के समय
- बार-बार उल्टी या मतली महसूस होना

- दृष्टि धुंधली होना या डबल दिखना
- दौरे (फिट्स) पड़ना

- बोलने या समझने में दिक्कत
- शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन

बचाव और सावधानियां
-
नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहें
- लंबे समय तक सिरदर्द को नजरअंदाज न करें

- संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं
- मोबाइल और स्क्रीन का अत्यधिक उपयोग सीमित करें

- किसी भी न्यूरोलॉजिकल लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
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