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Gorakhpur News: बीआरडी में 2020 बैच के 149 छात्रों को मिली डिग्री
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गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में शनिवार को वर्ष 2020 बैच के एमबीबीएस छात्रों को समारोह में डिग्री मिली। कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में 149 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। इस खास मौके पर छात्रों के साथ उनके परिजन भी उपस्थित रहे। इससे माहौल भावुक और उल्लासपूर्ण बन गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन और मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव रहे। इसके अलावा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कंचन श्रीवास्तव समेत कई वरिष्ठ चिकित्सक और फैकल्टी सदस्य मौजूद रहे। समारोह के दौरान मेडिसिन विभाग के डॉ. राजकिशोर सिंह ने छात्रों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए बताया कि वर्ष 2020 बैच ने कॉलेज में रिसर्च की नई परंपरा शुरू की।
उन्होंने बताया कि इसी बैच के पांच छात्रों को आईसीएमआर से रिसर्च ग्रांट भी प्राप्त हुआ है, जो संस्थान के लिए गर्व की बात है। मुख्य अतिथि प्रो. पूनम टंडन ने अपने संबोधन में कहा कि समाज में डॉक्टर का स्थान भगवान के बाद माना जाता है, इसलिए चिकित्सा पेशे में नैतिकता का विशेष महत्व है।
मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि एक अच्छे डॉक्टर की पहचान उसके व्यवहार, सहानुभूति और सेवा भावना से होती है। प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने कहा कि हर डॉक्टर को एक सैनिक की तरह समर्पित होना चाहिए और इलाज के साथ-साथ रिसर्च पर भी ध्यान देना चाहिए। समारोह के अंत में सभी छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन और मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव रहे। इसके अलावा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कंचन श्रीवास्तव समेत कई वरिष्ठ चिकित्सक और फैकल्टी सदस्य मौजूद रहे। समारोह के दौरान मेडिसिन विभाग के डॉ. राजकिशोर सिंह ने छात्रों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए बताया कि वर्ष 2020 बैच ने कॉलेज में रिसर्च की नई परंपरा शुरू की।
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उन्होंने बताया कि इसी बैच के पांच छात्रों को आईसीएमआर से रिसर्च ग्रांट भी प्राप्त हुआ है, जो संस्थान के लिए गर्व की बात है। मुख्य अतिथि प्रो. पूनम टंडन ने अपने संबोधन में कहा कि समाज में डॉक्टर का स्थान भगवान के बाद माना जाता है, इसलिए चिकित्सा पेशे में नैतिकता का विशेष महत्व है।
मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि एक अच्छे डॉक्टर की पहचान उसके व्यवहार, सहानुभूति और सेवा भावना से होती है। प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने कहा कि हर डॉक्टर को एक सैनिक की तरह समर्पित होना चाहिए और इलाज के साथ-साथ रिसर्च पर भी ध्यान देना चाहिए। समारोह के अंत में सभी छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।