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गीडा : शॉर्ट सर्किट से प्लाईवुड फैक्टरी में लगी आग, अफरा-तफरी
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सेक्टर-13 स्थित स्पलाइस लैमिनेट्स फैक्टरी में सुबह लगी आग, सात घंटे में पाया काबू
गीडा (गोरखपुर)। गीडा के सेक्टर-13 स्थित स्पलाइस लैमिनेट्स (वुड फैब्स) प्लाई फैक्टरी में बृहस्पतिवार सुबह शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में फैक्टरी के कई हिस्से इसकी चपेट में आ गए। सूचना मिलते ही गीडा, गोलघर, चौरीचौरा, गोला और संतकबीरनगर से दमकल की 12 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर तीन बजे आग पर काबू पाया जा सका। इस हादसे में करीब डेढ़ करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब आठ बजे फैक्टरी परिसर से तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। धमाके के तुरंत बाद एक चैंबर से धुआं और आग की लपटें निकलने लगीं। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने शुरुआती स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन लकड़ी और प्लाई के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते आग ने लकड़ी सुखाने के लिए बने दो अन्य चैंबरों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
फैक्टरी के अंदर धुआं इतना घना हो गया कि कुछ भी देख पाना मुश्किल था। आग बुझाने की कोशिश कर रहे लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी, जिसके चलते उन्हें बाहर निकलना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही गीडा, गोलघर, चौरीचौरा, गोला और संतकबीरनगर से दमकल की कुल 12 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए कड़ी मशक्कत शुरू की लेकिन आग की तीव्रता के चलते राहत कार्य काफी चुनौतीपूर्ण रहा। कई बार पानी की कमी भी आड़े आई, जिससे स्थिति और जटिल हो गई।
गीडा क्षेत्र की अन्य फैक्टरियों ने सहयोग करते हुए दमकल गाड़ियों में पानी उपलब्ध कराया। बताया जा रहा है कि आग बुझाने में करीब 80 टैंकर पानी का इस्तेमाल किया गया। लगातार सात घंटे तक चले राहत और बचाव कार्य के बाद दोपहर करीब तीन बजे आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी गीडा राम प्रकाश, एसडीएम केशरी नंदन तिवारी और सीओ गीडा योगेंद्र सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया और राहत कार्यों की निगरानी की।
डेढ़ करोड़ का हुआ नुकसान
फैक्टरी के मालिक एहसान ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शाॅर्ट सर्किट सामने आया है। उन्होंने बताया कि इस हादसे में भारी मात्रा में तैयार और कच्चा माल जलकर राख हो गया। इससे करीब डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। करीब सात घंटे में आग पर काबू पा लिया गया।
गीडा के सेक्टर 13 स्थित फैक्टरी में आग लगने की जानकारी है, लेकिन फैक्टरी के अंदर की जिम्मेदारी बिजली निगम की नहीं होती है। उनका अपना ट्रांसफार्मर होता है। उनको चाहिए कि फैक्टरी के अंदर एमसीबी लगवाएं जिससे शॉर्ट सर्किट से तुरंत बिजली कट जाए। वहीं, हाई पावर के तारों को उपयोग करना चाहिए। तारों में जोड़ पर विशेष ध्यान देना चाहिए, इससे भी तार गर्म होकर जल जाते हैं।
- आरके सिंह, अधिशासी अभियंता, सहजनवां
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गीडा (गोरखपुर)। गीडा के सेक्टर-13 स्थित स्पलाइस लैमिनेट्स (वुड फैब्स) प्लाई फैक्टरी में बृहस्पतिवार सुबह शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में फैक्टरी के कई हिस्से इसकी चपेट में आ गए। सूचना मिलते ही गीडा, गोलघर, चौरीचौरा, गोला और संतकबीरनगर से दमकल की 12 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर तीन बजे आग पर काबू पाया जा सका। इस हादसे में करीब डेढ़ करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब आठ बजे फैक्टरी परिसर से तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। धमाके के तुरंत बाद एक चैंबर से धुआं और आग की लपटें निकलने लगीं। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने शुरुआती स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन लकड़ी और प्लाई के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते आग ने लकड़ी सुखाने के लिए बने दो अन्य चैंबरों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
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फैक्टरी के अंदर धुआं इतना घना हो गया कि कुछ भी देख पाना मुश्किल था। आग बुझाने की कोशिश कर रहे लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी, जिसके चलते उन्हें बाहर निकलना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही गीडा, गोलघर, चौरीचौरा, गोला और संतकबीरनगर से दमकल की कुल 12 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए कड़ी मशक्कत शुरू की लेकिन आग की तीव्रता के चलते राहत कार्य काफी चुनौतीपूर्ण रहा। कई बार पानी की कमी भी आड़े आई, जिससे स्थिति और जटिल हो गई।
गीडा क्षेत्र की अन्य फैक्टरियों ने सहयोग करते हुए दमकल गाड़ियों में पानी उपलब्ध कराया। बताया जा रहा है कि आग बुझाने में करीब 80 टैंकर पानी का इस्तेमाल किया गया। लगातार सात घंटे तक चले राहत और बचाव कार्य के बाद दोपहर करीब तीन बजे आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी गीडा राम प्रकाश, एसडीएम केशरी नंदन तिवारी और सीओ गीडा योगेंद्र सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया और राहत कार्यों की निगरानी की।
डेढ़ करोड़ का हुआ नुकसान
फैक्टरी के मालिक एहसान ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शाॅर्ट सर्किट सामने आया है। उन्होंने बताया कि इस हादसे में भारी मात्रा में तैयार और कच्चा माल जलकर राख हो गया। इससे करीब डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। करीब सात घंटे में आग पर काबू पा लिया गया।
गीडा के सेक्टर 13 स्थित फैक्टरी में आग लगने की जानकारी है, लेकिन फैक्टरी के अंदर की जिम्मेदारी बिजली निगम की नहीं होती है। उनका अपना ट्रांसफार्मर होता है। उनको चाहिए कि फैक्टरी के अंदर एमसीबी लगवाएं जिससे शॉर्ट सर्किट से तुरंत बिजली कट जाए। वहीं, हाई पावर के तारों को उपयोग करना चाहिए। तारों में जोड़ पर विशेष ध्यान देना चाहिए, इससे भी तार गर्म होकर जल जाते हैं।
- आरके सिंह, अधिशासी अभियंता, सहजनवां