{"_id":"69c844c15e9d003b0607538b","slug":"global-ai-confluence-jointly-organised-by-vosi-meta-and-gorakhpur-university-concludes-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1272642-2026-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: हमारे आज के निर्णयों पर निर्भर है एआई का भविष्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: हमारे आज के निर्णयों पर निर्भर है एआई का भविष्य
विज्ञापन
कार्यक्रम के दाैरान सांसद शशांक मणि त्रिपाठी व अन्य वक्ता।
विज्ञापन
गोरखपुर। नेपाल के नवनिर्वाचित सांसद संदीप राणा ने कहा कि एआई का भविष्य हमारे आज के निर्णयों पर निर्भर करता है। इसलिए जरूरी है कि हम सब मिलकर एक जिम्मेदार और मानवीय तकनीकी युग का निर्माण करें।
वह शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रकल्प वोसी, मेटा और दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में ग्लोबल एआई कॉन्फ्लुएंस विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के समापन सत्र को वर्चुअल माध्यम से बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक प्रतिस्पर्धा, शिक्षा और उद्यमिता को एआई नई दिशा दे रही है। युवा उद्यमियों और नेताओं को चाहिए कि वे एआई को मानव मूल्यों और सामाजिक न्याय के साथ जोड़ें ताकि तकनीक मानवता की सेवा में सहायक बने।
अभाविप के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री बालकृष्ण ने कहा कि एआई के माध्यम से जटिल समस्याओं का समाधान आसान हुआ है। एआई से डिजिटल प्लेटफॉर्म और डेटा के उपयोग से उद्यमिता को भी नई दिशा मिली है। आने वाला समय उन्हीं युवाओं का होगा जो तकनीक के साथ-साथ अपने मानवीय मूल्यों को भी बनाए रखेंगे। विश्व छात्र एवं युवा संगठन (वोसी) के अध्यक्ष नितिन शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि यह कॉन्फ्लुएंस प्रतिभागियों के ज्ञान, कौशल और नेतृत्व क्षमता को सशक्त करेगा।
दूसरे दिन कुल चार तकनीकी सत्र आयोजित हुए। इनमें ''एक सुलभ भविष्य के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता'' विषय पर देवरिया के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, आईआईआईटी, लखनऊ के निदेशक प्रो. अरुण मोहन शेरी ने विचार रखे। दूसरे सत्र ''एआई के युग में संस्कृति एवं शिक्षा'' में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल्स, नोएडा की प्रो. नीलिमा मिश्रा व ट्रैवोन एआई के संस्थापक राहुल पोद्दार ने व्याख्यान दिया।
इस कार्यक्रम में भारत के विभिन्न संस्थानों में पढ़ रहे 26 देशों के 180 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में अभाविप के पूर्वी यूपी के संगठन मंत्री घनश्याम शाही, वोसी के महामंत्री शुभम गोयल, प्रो. सुषमा पांडेय, निखिता रेड्डी, यशोराज पांडेय, कुशल बोसामिया आदि उपस्थित रहे।
Trending Videos
वह शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रकल्प वोसी, मेटा और दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में ग्लोबल एआई कॉन्फ्लुएंस विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के समापन सत्र को वर्चुअल माध्यम से बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक प्रतिस्पर्धा, शिक्षा और उद्यमिता को एआई नई दिशा दे रही है। युवा उद्यमियों और नेताओं को चाहिए कि वे एआई को मानव मूल्यों और सामाजिक न्याय के साथ जोड़ें ताकि तकनीक मानवता की सेवा में सहायक बने।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभाविप के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री बालकृष्ण ने कहा कि एआई के माध्यम से जटिल समस्याओं का समाधान आसान हुआ है। एआई से डिजिटल प्लेटफॉर्म और डेटा के उपयोग से उद्यमिता को भी नई दिशा मिली है। आने वाला समय उन्हीं युवाओं का होगा जो तकनीक के साथ-साथ अपने मानवीय मूल्यों को भी बनाए रखेंगे। विश्व छात्र एवं युवा संगठन (वोसी) के अध्यक्ष नितिन शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि यह कॉन्फ्लुएंस प्रतिभागियों के ज्ञान, कौशल और नेतृत्व क्षमता को सशक्त करेगा।
दूसरे दिन कुल चार तकनीकी सत्र आयोजित हुए। इनमें ''एक सुलभ भविष्य के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता'' विषय पर देवरिया के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, आईआईआईटी, लखनऊ के निदेशक प्रो. अरुण मोहन शेरी ने विचार रखे। दूसरे सत्र ''एआई के युग में संस्कृति एवं शिक्षा'' में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल्स, नोएडा की प्रो. नीलिमा मिश्रा व ट्रैवोन एआई के संस्थापक राहुल पोद्दार ने व्याख्यान दिया।
इस कार्यक्रम में भारत के विभिन्न संस्थानों में पढ़ रहे 26 देशों के 180 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में अभाविप के पूर्वी यूपी के संगठन मंत्री घनश्याम शाही, वोसी के महामंत्री शुभम गोयल, प्रो. सुषमा पांडेय, निखिता रेड्डी, यशोराज पांडेय, कुशल बोसामिया आदि उपस्थित रहे।