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Gorakhpur News: मैं मुकेश अंबानी बोल रहा हूं, 10 लाख लगाने पर 40 करोड़ मिलेंगे...कहकर बुजुर्ग से ऐंठे आठ लाख
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जंगल कौड़िया (गोरखपुर)। साइबर जालसाजों ने पीपीगंज में रहने वाले 75 साल के लालमनी साहनी से आठ लाख रुपये ऐंठ लिए। आरोप है कि उनके पास वीडियो कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को मुकेश अंबानी बताया और साथ में अमिताभ बच्चन के मौजूद होने की बात कही। ठगों ने 10 लाख निवेश करके 40 कोरड़ रुपये लौटाने का झांसा दिया। लालमनी ने उनके झांसे में आकर आठ लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए, तब उन्हें ठगे जाने का अहसास हुआ। मामला पीपीगंज थाने पहुंचा तो पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जंगल कौड़िया चौकी अंतर्गत विशुनपुर निवासी बुजुर्ग लालमन के मुताबिक, करीब दो महीने पहले उनके मोबाइल पर वीडियो कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को मुकेश अंबानी बताते हुए कंपनी में निवेश की पेशकश की। उसने दावा किया कि 10 लाख रुपये लगाने पर 40 करोड़ रुपये वापस मिलेंगे। बातचीत के दौरान एक अन्य व्यक्ति अमिताभ बच्चन का रूप धारण कर ठग के साथ सहयोग करता रहा। इससे लालमन साहनी को भरोसा हो गया और उन्होंने कई दिन में अलग-अलग किस्तों में आठ लाख रुपये से अधिक की रकम ट्रांसफर कर दी।
पीड़ित का बैंक खाता महाराष्ट्र के पुणे में है। रकम गंवाने के बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने बैंक स्टेटमेंट के साथ पीपीगंज थाने पहुंचकर तहरीर दी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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कोट
किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसा ट्रांसफर नहीं करना चाहिए और न ही किसी को ओटीपी बताना चाहिए। अनजान लोगों से वीडियो या ऑडियो कॉल पर बातचीत करने से भी बचना चाहिए। साइबर अपराध के प्रति जागरूक रहने की जरूरत है। करीब आठ लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
- अनुराग सिंह, सीओ, कैंपियरगंज
-- -
ठगों से बचने के उपाय
- वीडियो कॉल पर कोई खुद को बड़ा कारोबारी, अधिकारी या सेलिब्रिटी बताकर निवेश का लालच दे तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
- कम निवेश में करोड़ों रुपये मिलने जैसे दावों पर भरोसा न करें। ऐसे ऑफर साइबर ठगी का तरीका हो सकते हैं।
- अनजान व्यक्ति के कहने पर किसी खाते में पैसा ट्रांसफर न करें।
- बैंक खाते, एटीएम कार्ड, क्रेडिट कार्ड, यूपीआई पिन, पासवर्ड और ओटीपी किसी से साझा न करें।
- अनजान नंबर से आए वीडियो या ऑडियो कॉल पर व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी देने से बचें।
- किसी कंपनी या निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट और संबंधित नियामक की जानकारी जरूर जांचें।
- ठगी होने पर तुरंत बैंक को सूचना दें और साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराएं। देरी होने पर रकम वापस मिलने की संभावना प्रभावित हो सकती है।
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एक्सपर्ट की राय
ठग लोगों का भरोसा जीतने के लिए बड़े उद्योगपतियों, फिल्मी सितारों और सरकारी अधिकारियों की पहचान का इस्तेमाल करते हैं। वीडियो कॉल में चेहरा दिखने मात्र से व्यक्ति की पहचान सही साबित नहीं होती। आजकल तकनीक की मदद से तस्वीर, आवाज और वीडियो की नकल करना संभव है। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर निवेश करने या पैसे भेजने से पहले स्वतंत्र रूप से उसकी जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए। ठगी की आशंका होने पर पीड़ित को बातचीत बंद करने के बजाय उपलब्ध कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर, चैट, स्क्रीनशॉट, बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने चाहिए। इसके बाद तत्काल बैंक और पुलिस को सूचना देकर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
- सुधीर जायसवाल, एसपी क्राइम
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जंगल कौड़िया चौकी अंतर्गत विशुनपुर निवासी बुजुर्ग लालमन के मुताबिक, करीब दो महीने पहले उनके मोबाइल पर वीडियो कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को मुकेश अंबानी बताते हुए कंपनी में निवेश की पेशकश की। उसने दावा किया कि 10 लाख रुपये लगाने पर 40 करोड़ रुपये वापस मिलेंगे। बातचीत के दौरान एक अन्य व्यक्ति अमिताभ बच्चन का रूप धारण कर ठग के साथ सहयोग करता रहा। इससे लालमन साहनी को भरोसा हो गया और उन्होंने कई दिन में अलग-अलग किस्तों में आठ लाख रुपये से अधिक की रकम ट्रांसफर कर दी।
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पीड़ित का बैंक खाता महाराष्ट्र के पुणे में है। रकम गंवाने के बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने बैंक स्टेटमेंट के साथ पीपीगंज थाने पहुंचकर तहरीर दी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसा ट्रांसफर नहीं करना चाहिए और न ही किसी को ओटीपी बताना चाहिए। अनजान लोगों से वीडियो या ऑडियो कॉल पर बातचीत करने से भी बचना चाहिए। साइबर अपराध के प्रति जागरूक रहने की जरूरत है। करीब आठ लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
- अनुराग सिंह, सीओ, कैंपियरगंज
ठगों से बचने के उपाय
- वीडियो कॉल पर कोई खुद को बड़ा कारोबारी, अधिकारी या सेलिब्रिटी बताकर निवेश का लालच दे तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
- कम निवेश में करोड़ों रुपये मिलने जैसे दावों पर भरोसा न करें। ऐसे ऑफर साइबर ठगी का तरीका हो सकते हैं।
- अनजान व्यक्ति के कहने पर किसी खाते में पैसा ट्रांसफर न करें।
- बैंक खाते, एटीएम कार्ड, क्रेडिट कार्ड, यूपीआई पिन, पासवर्ड और ओटीपी किसी से साझा न करें।
- अनजान नंबर से आए वीडियो या ऑडियो कॉल पर व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी देने से बचें।
- किसी कंपनी या निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट और संबंधित नियामक की जानकारी जरूर जांचें।
- ठगी होने पर तुरंत बैंक को सूचना दें और साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराएं। देरी होने पर रकम वापस मिलने की संभावना प्रभावित हो सकती है।
एक्सपर्ट की राय
ठग लोगों का भरोसा जीतने के लिए बड़े उद्योगपतियों, फिल्मी सितारों और सरकारी अधिकारियों की पहचान का इस्तेमाल करते हैं। वीडियो कॉल में चेहरा दिखने मात्र से व्यक्ति की पहचान सही साबित नहीं होती। आजकल तकनीक की मदद से तस्वीर, आवाज और वीडियो की नकल करना संभव है। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर निवेश करने या पैसे भेजने से पहले स्वतंत्र रूप से उसकी जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए। ठगी की आशंका होने पर पीड़ित को बातचीत बंद करने के बजाय उपलब्ध कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर, चैट, स्क्रीनशॉट, बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने चाहिए। इसके बाद तत्काल बैंक और पुलिस को सूचना देकर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
- सुधीर जायसवाल, एसपी क्राइम