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Gorakhpur News: पेट्रोलियम कंपनी से सेवानिवृत अधिकारी से हुई थी 1.67 करोड़ की ठगी, IB ने शुरू की जांच
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 01 Feb 2026 12:49 PM IST
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सार
सेवानिवृत अधिकारी को साइबर अपराधियों ने सुनियोजित तरीके से अपने जाल में फंसाया। आरोप है कि ठगों ने पहले खुद को भरोसेमंद संस्थान या व्यक्ति बता कर पीड़ित का विश्वास जीत लिया। इसके बाद विभिन्न बहानों के सहारे उन्होंने बड़ी रकम कई बैंक खातों में ट्रांसफर करवा ली। ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पेट्रोलियम कंपनी से सेवानिवृत अधिकारी से 1.67 करोड़ रुपये की साइबर जालसाजी के मामले में जांच तेज हो गई है। हाई-प्रोफाइल ठगी की जांच के लिए इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी शनिवार को साइबर थाने पहुंचे और अब तक की जांच की जानकारी ली। बताया जा रहा है कि रकम विदेश के खातों में भी ट्रांसफर की गई है, जिस कारण आईबी ने भी मामले की सक्रियता से जांच शुरू कर दी है।
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जानकारी के अनुसार, सेवानिवृत अधिकारी को साइबर अपराधियों ने सुनियोजित तरीके से अपने जाल में फंसाया। आरोप है कि ठगों ने पहले खुद को भरोसेमंद संस्थान या व्यक्ति बता कर पीड़ित का विश्वास जीत लिया। इसके बाद विभिन्न बहानों के सहारे उन्होंने बड़ी रकम कई बैंक खातों में ट्रांसफर करवा ली। ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
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स्थानीय साइबर सेल मामले की जांच कर रही थी लेकिन आईबी की सक्रियता से अब मामला और व्यापक स्तर पर उठाया गया है। आईबी के अधिकारी साइबर एक्सपर्ट्स से तकनीकी जांच की जानकारी लेने के साथ ही लेनदेन के पैटर्न, कॉल डिटेल, आईपी एड्रेस और डिजिटल साक्ष्यों पर विशेष फोकस कर रहे हैं।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि ठगी से जुड़े कुछ अहम सुराग मिले हैं और इस प्रकरण के पीछे एक संगठित साइबर गिरोह सक्रिय हो सकता है, जो अलग-अलग राज्यों से ऑपरेट कर रहा है। रकम विदेश खातों में जाने के कारण आईबी और साइबर पुलिस दोनों मिलकर मामले की जांच कर रहे हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि जल्द ही डिजिटल साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन की पड़ताल के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। इससे पहले भी कई बड़े साइबर ठगी प्रकरणों में आईबी की मदद से मामलों का पर्दाफाश किया जा चुका है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि जल्द ही डिजिटल साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन की पड़ताल के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। इससे पहले भी कई बड़े साइबर ठगी प्रकरणों में आईबी की मदद से मामलों का पर्दाफाश किया जा चुका है।
