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डीडीयू : एडजंक्ट प्रोफेसर की नियुक्ति का रास्ता साफ
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डीडीयू के कार्य परिषद की बैठक के दौरान कुलपति प्रो. पूनम टंडन व अन्य।
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कार्य परिषद की बैठक सोमवार को कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में एडजंक्ट प्रोफेसर की नियुक्ति किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। अन्य भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
डीडीयू में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की नियुक्ति के लिए पहले ही मंजूरी मिल चुकी थी। यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एडजंक्ट प्रोफेसर की नियुक्ति को भी मंजूरी मिल गई। इसके तहत अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिकों, विश्वविद्यालयों के सेवारत एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के विशेषज्ञों व विदेशी संस्थानों से जुड़े प्रवासी भारतीय विद्वानों को छह माह से तीन वर्ष की अवधि के लिए एडजंक्ट प्रोफेसर के रूप में नियुक्त किया जा सकेगा। ये विशेषज्ञ व्याख्यान, शोध एवं नवाचार गतिविधियों में योगदान देंगे।
बैठक में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श कर उन्हें अनुमोदित किया गया। विकास परिषद, वित्त समिति, प्रवेश समिति और विद्या परिषद की ओर से पारित महत्वपूर्ण विषयों को भी कार्य परिषद ने अनुमोदन प्राप्त किया।
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डीडीयू में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की नियुक्ति के लिए पहले ही मंजूरी मिल चुकी थी। यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एडजंक्ट प्रोफेसर की नियुक्ति को भी मंजूरी मिल गई। इसके तहत अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिकों, विश्वविद्यालयों के सेवारत एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के विशेषज्ञों व विदेशी संस्थानों से जुड़े प्रवासी भारतीय विद्वानों को छह माह से तीन वर्ष की अवधि के लिए एडजंक्ट प्रोफेसर के रूप में नियुक्त किया जा सकेगा। ये विशेषज्ञ व्याख्यान, शोध एवं नवाचार गतिविधियों में योगदान देंगे।
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बैठक में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श कर उन्हें अनुमोदित किया गया। विकास परिषद, वित्त समिति, प्रवेश समिति और विद्या परिषद की ओर से पारित महत्वपूर्ण विषयों को भी कार्य परिषद ने अनुमोदन प्राप्त किया।