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Gorakhpur News: विकास कार्यों के लिए धनवर्षा...317 करोड़ से चमकेगी गोरक्षनगरी

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 01 Apr 2026 02:52 AM IST
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March closing: Municipal Corporation gets highest share of Rs 213 crore, 1100 bills worth Rs 193 crore paid
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मार्च क्लोजिंग : सबसे अधिक 213 करोड़ नगर निगम के हिस्से, 193 करोड़ के 1100 बिलों का हुआ भुगतान
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वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन कोषागार में रात 10 बजे तक हुआ भुगतान व सत्यापन कार्य



गोरखपुर। वित्तीय वर्ष के अंतिम तीन दिनों में विकास कार्यों के लिए गोरक्षनगरी में जमकर धनवर्षा हुई। शहर में स्मार्ट सड़क, फोरलेन निर्माण और ताल कंदला में पशु चिकित्सालय निर्माण सहित अन्य परियोजनाओं के लिए 317 करोड़ रुपये मिले हैं। सबसे अधिक बजट नगर निगम को 213 करोड़ रुपये मिला है। इससे शहरी विकास में तेजी आने की उम्मीद है।
अंतिम दिन मंगलवार को पिछले कार्यों के बिल बाउचर के सापेक्ष एक अरब 93 करोड़ रुपये के 1100 से अधिक बिल पास किए गए। 28 से 31 मार्च तक यह आंकड़ा दो अरब 57 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, कोषागार कार्यालय में बहुत हलचल नहीं दिखी, कुछ ही विभागों से लोग बिल-बाउचर लेकर पहुंचे थे। मंगलवार को अवकाश के दिन भी कोषागार सहित सरकारी विभाग और बैंक खुले रहे और धन का ट्रांसफर होता रहा।
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वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन कोषागार कार्यालय में रात 10 बजे तक बिलों को प्रस्तुत करने, सत्यापन और स्वीकृति का कार्य होता रहा। कोषागार के आंकड़ों के मुताबिक, नगर निगम को त्वरित विकास योजना के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों के लिए 93 करोड़ रुपये जारी किए गए। वहीं नगर निगम को सोमवार को करीब 120 करोड़ रुपये की धनराशि मिल चुकी है। इससे शहर में प्रस्तावित विकास कार्यों में तेजी आएगी।
इसके अलावा लोक निर्माण विभाग को करीब 17 करोड़ रुपये, अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय को 11.81 करोड़ रुपये, पशुपालन विभाग को 20 करोड़ रुपये, डीआरडीए को 9.14 करोड़ रुपये, जिलाधिकारी कार्यालय को 1.91 करोड़ सहित बाढ़ खंड, वन विभाग, पुलिस विभाग को भी बजट मिला है। बीआरडी मेडिकल काॅलेज में अस्पताल भवन निर्माण के लिए 75 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की गई।
विभिन्न विभागों की ओर से 1100 से अधिक बिल प्रस्तुत किए गए, जिनके सत्यापन, स्वीकृति और भुगतान की प्रक्रिया लगातार चलती रही। कार्यदायी संस्थाओं जैसे लोक निर्माण विभाग, सेतु निगम, राजकीय निर्माण निगम और आरइएस-के डिपाजिट क्रेडिट लिमिट (डीसीएल) खातों में फंड जारी करने का कार्य करीब रात 10 बजे तक होता रहा।
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वर्जनमार्च क्लोजिंग में विभिन्न विभागों में विकास कार्यों के लिए करीब 317 करोड़ रुपये मिले, जबकि 193 करोड़ रुपये के बिलों को स्वीकृत किया गया। नगर निगम को सर्वाधिक 213 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।

-प्रवीण कुमार सिंह, मुख्य कोषाधिकारी

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नगर निगम में 12 करोड़ से ज्यादा की वसूली
गोरखपुर। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन मंगलवार को नगर निगम में कर जमा करने के लिए काउंटर खुले रहे। सबसे ज्यादा बिजली विभाग की ओर से 6.34 करोड़ रुपये का बकाया कर जमा किया गया। इसके अलावा रेलवे ने 3.66 करोड़, डीएम कार्यालय से 51.50 लाख और कुछ अन्य विभागाें से 38.18 लाख का बकाया कर जमा कराया गया। नगर निगम के वित्त एवं लेखाधिकारी नागेंद्र सिंह ने बताया कि रात आठ बजे तक बकाया कर भुगतान सरकारी विभागों की ओर से जमा किया गया।
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