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मरीजों की जान खतरे में: झाड़ियों में गुम हुआ 35 लाख का ऑक्सीजन प्लांट, चोर ले गए पार्ट्स-अव्यवस्था की खुली पोल

Mon, 27 Jul 2026 01:58 PM IST
Rohit Singh भानू प्रताप सिंह, गगहा/गोरखपुर
भानू प्रताप सिंह, गगहा/गोरखपुर Published by: Rohit Singh Updated Mon, 27 Jul 2026 01:58 PM IST
सार

प्लांट परिसर में फैली झाड़ियों के बीच अज्ञात चोरों ने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। घटना की जानकारी शनिवार को हुई। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमरेंद्रनाथ ठाकुर ने बताया कि अधिक गंदगी होने के कारण स्टाफ का वहां आना-जाना कम रहता है। शनिवार को एक कर्मचारी किसी काम से पहुंचा तो प्लांट का ताला टूटा मिला। उन्होंने बताया कि अंदर जांच करने पर कई पार्ट्स गायब मिले और मोटर खोलने का भी प्रयास किया गया था।

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Oxygen plant installed at Gorakhpur's Gola CHC lost amidst the bushes; equipment stolen.
ऑक्सीजन प्लांट से पार्ट्स चोरी कर लिए गए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

कोरोना महामारी के दौरान मरीजों की जान बचाने के लिए बड़ी उम्मीदों के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गोला में स्थापित किया गया ऑक्सीजन प्लांट अब उपेक्षा की मार झेल रहा है। अस्पताल परिसर में बना यह जीवनरक्षक प्लांट झाड़ियों और गंदगी के बीच बदहाल पड़ा है।

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रखरखाव के अभाव में न सिर्फ इसकी उपयोगिता प्रभावित हो रही है, बल्कि अब चोरों ने भी इसे निशाना बना लिया है। प्लांट का ताला तोड़कर कई पार्ट्स चोरी कर लिए गए और मोटर को भी क्षतिग्रस्त करने की कोशिश की गई। सीएचसी गोला में मार्च 2024 में करीब 35 लाख रुपये की लागत से प्रेशर स्विंग एडसॉर्प्शन (पीएसए) ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया था।

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इसमें दो जनरेटर लगे हैं, जिनकी कुल क्षमता 300 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन उत्पादन की है। पूरी क्षमता से संचालन होने पर यह प्रतिदिन करीब 7,000 किलोलीटर ऑक्सीजन तैयार कर सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गंभीर मरीजों को जरूरत के अनुसार प्रतिदिन 10 से 50 लीटर तक ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ सकती है।

इस क्षमता के आधार पर प्लांट एक दिन में करीब 1,400 मरीजों की जरूरत पूरी करने में सक्षम है। इसे ऑपरेशन थिएटर, लेबर रूम, जनरल वार्ड, ईटीसी वार्ड और जेएसवाई वार्ड से पाइपलाइन के माध्यम से जोड़ा गया है।

चार कर्मचारियों को दिया गया था प्रशिक्षण
प्लांट के संचालन और रखरखाव के लिए अस्पताल के चार कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया था। इसके बावजूद नियमित निगरानी और सफाई नहीं होने से इसकी हालत खराब होती चली गई। प्लांट तक जाने वाला रास्ता भी झाड़ियों से घिर गया है। गंदगी के कारण कर्मचारी भी वहां कम ही पहुंचते हैं।

इस प्लांट की स्थापना के लिए तत्कालीन जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन ने वर्ष 2020-21 में क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन लिमिटेड के सीएसआर मद से प्रस्ताव भेजा था। कंपनी की स्वीकृति के बाद तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर इसे स्थापित किया गया था।
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निरीक्षण में सामने आई चोरी की घटना, प्राथमिकी दर्ज
प्लांट परिसर में फैली झाड़ियों के बीच अज्ञात चोरों ने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। घटना की जानकारी शनिवार को हुई। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमरेंद्रनाथ ठाकुर ने बताया कि अधिक गंदगी होने के कारण स्टाफ का वहां आना-जाना कम रहता है। शनिवार को एक कर्मचारी किसी काम से पहुंचा तो प्लांट का ताला टूटा मिला।

उन्होंने बताया कि अंदर जांच करने पर कई पार्ट्स गायब मिले और मोटर खोलने का भी प्रयास किया गया था। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

अचानक मरीज बढ़े तो खड़ी हो सकती है समस्या
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमरेंद्रनाथ ठाकुर ने बताया कि वर्तमान में दो प्रसूति महिलाएं भर्ती हैं, जिनके लिए ऑक्सीजन कांसुलेटर की व्यवस्था है। बताया कि यदि अचानक बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं तो परेशानी हो सकती है। चोरी की घटना से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और प्लांट की स्थिति सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

लोगों ने उठाए सवाल

कोविड के समय ऑक्सीजन की कमी ने लोगों को काफी परेशान किया था। ऐसे में लाखों रुपये खर्च कर लगाए गए प्लांट की बदहाली चिंताजनक है। इसकी नियमित देखरेख होनी चाहिए; अख्तर अली, वार्ड संख्या 15 देवकली

अस्पताल परिसर में साफ-सफाई जरूरी है। प्लांट के आसपास फैली झाड़ियां और गंदगी लापरवाही को दर्शाती है: बैजनाथ विश्वकर्मा, वार्ड संख्या 9 गोपालपुर

सरकारी धन से तैयार यह प्लांट आपात स्थिति में मरीजों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। प्रशासन को इसकी नियमित निगरानी करानी चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर यह पूरी क्षमता से काम कर सके: कृष्णमूर्ति राय, सहड़ौली
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