फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Padma Bhushan Saraswat at DDU Convocation: Dream big, don't be afraid to experiment.

45वां दीक्षांत: डॉ. वीके सारस्वत का युवाओं को संदेश - 'विकसित भारत के आर्किटेक्ट हैं युवा, बड़े सपने देखें'

Thu, 06 Aug 2026 12:28 PM IST
Rohit Singh संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Published by: Rohit Singh Updated Thu, 06 Aug 2026 12:28 PM IST
सार

पद्मभूषण डॉ. विजय कुमार सारस्वत ने कहा कि विकसित भारत का अर्थ केवल मजबूत अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि समृद्ध और मानवीय मूल्यों से युक्त समाज का निर्माण भी है। आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। मशीनें इंसानों से अधिक तेज काम कर सकती हैं, लेकिन उनमें मानवीय संवेदनाएं और मूल्य नहीं होते। यही मानव की सबसे बड़ी ताकत है।

विज्ञापन
Padma Bhushan Saraswat at DDU Convocation: Dream big, don't be afraid to experiment.
मुख्य अतिथि पद्मभूषण डॉ. विजय कुमार सारस्वत - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 45वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि पद्मभूषण डॉ. विजय कुमार सारस्वत ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित भारत का निर्माण युवाओं के हाथों में है। उन्होंने कहा कि आज के छात्र-छात्राएं विकसित भारत के आर्किटेक्ट हैं। इसलिए केवल नौकरी पाने तक सीमित न रहें, बल्कि यह सोचें कि अपने क्षेत्र में क्या बदलाव ला सकते हैं और समाज को क्या नया दे सकते हैं।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि विकसित भारत का अर्थ केवल मजबूत अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि समृद्ध और मानवीय मूल्यों से युक्त समाज का निर्माण भी है। आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। मशीनें इंसानों से अधिक तेज काम कर सकती हैं, लेकिन उनमें मानवीय संवेदनाएं और मूल्य नहीं होते। यही मानव की सबसे बड़ी ताकत है।
विज्ञापन


डॉ. सारस्वत ने कहा कि नवाचार के लिए नेतृत्व क्षमता आवश्यक है। युवाओं को अनुसंधान और इनोवेशन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। जिन चुनौतियों से दूसरे लोग पीछे हटते हैं, उन्हें स्वीकार कर समाधान खोजने का प्रयास करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने विद्यार्थियों से प्रयोग करने का साहस रखने की अपील करते हुए कहा कि असफलता के डर से कभी पीछे न हटें। केवल सिमुलेशन या कल्पना से बड़ी उपलब्धियां हासिल नहीं होतीं, बल्कि वास्तविक परिस्थितियों में उतरकर काम करने से सफलता मिलती है। उन्होंने कहा कि बड़े सपने देखें, अनुशासित रहें और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करें। तभी भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना साकार होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed