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गोरखपुर में मॉकड्रिल: दो मिनट 16 सेकंड में वेंटिलेटर तक पहुंचा दिया गया मरीज, परखीं गईं कोविड की तैयारियां

अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 28 Dec 2022 10:39 AM IST
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सार

100 बेड के टीबी एवं सह सामान्य अस्पताल में कोरोना की तैयारियां मुकम्मल मिली। मॉकड्रिल की शुरुआत में कोविड प्रभावित मरीज को एंबुलेंस से लाया गया। मरीज को तत्काल एंबुलेंस से उतार कर स्ट्रेचर पर लेटाया गया। इस दौरान पीपीई किट में मौजूद चिकित्सक ने मरीज की थर्मल स्क्रीनिंग कर ऑक्सीजन लेवल चेक किया।

Patient delivered to ventilator in two minutes 16 seconds
टीवी अस्पताल में मॉकड्रिल। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

कोविड की तैयारियों को परखने के लिए मंगलवार को एयरफोर्स स्थित सौ बेड टीबी एवं सह सामान्य अस्पताल में मॉकड्रिल हुई। मरीज को वेंटिलेटर तक ले जाने में दो मिनट 16 सेकंड लगा। ऑक्सीजन भी सभी बेडों तक पहुंच रहा था।



100 बेड के टीबी एवं सह सामान्य अस्पताल में कोरोना की तैयारियां मुकम्मल मिली। मॉकड्रिल की शुरुआत में कोविड प्रभावित मरीज को एंबुलेंस से लाया गया। मरीज को तत्काल एंबुलेंस से उतार कर स्ट्रेचर पर लेटाया गया। इस दौरान पीपीई किट में मौजूद चिकित्सक ने मरीज की थर्मल स्क्रीनिंग कर ऑक्सीजन लेवल चेक किया।
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गंभीर पाए जाने पर मरीज को वेंटिलेटर पर सुलाकर उसे ऑक्सीजन और मास्क लगा कर सिलिंडर के द्वारा ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू की गई। चिकित्सा अधिकारी डॉ. नूपुर श्रीवास्तव की देखरेख में संभावित कोविड मरीज पर नजर रखी गई।
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सीएमओ डॉ. आशुतोष दुबे ने बताया कि अस्पताल की पूरी टीम आपातकाल की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इस दौरान डिप्टी सीएमओ डॉ. एके सिंह, डॉ. आशुतोष राय, डॉ. राकेश पांडेय, डॉ. एनके द्विवेदी, डॉ. शिखा सिंह, डॉ. एससी श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।

 

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में नहीं हुई मॉकड्रिल

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मॉकड्रिल नहीं हुई। नोडल अधिकारी डब्लूएचओ के सब रीजनल टीम लीडर डॉ. मुनींद्र शर्मा ने टेबल पर बैठकर सारी कागजी औपचारिकता पूरी कर ली और चले गए। अस्पताल से बाहर आते समय उन्होंने आइसीयू वार्ड देखा, लेकिन ऑक्सीजन प्लांट को चेक नहीं किया। उपकरणों की जांच भी नहीं की।

डॉ. मुनींद्र, नोडल अधिकारी डॉ. अजहर अली, डॉ. महिम मित्तल व एसआईसी डॉ. राजेश कुमार राय ने कोविड अस्पताल के एक कक्ष में बैठकर फार्म पर सारी जानकारी भर ली। दवाओं, उपकरणों व ऑक्सीजन की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली और कागजी खानापूरी कर ली। डॉ. मुनींद्र ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में मॉकड्रिक का आदेश नहीं था। जहां कोविड अस्पताल बनाए गए हैं, मॉकड्रिल वहीं होना था।
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