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4 घंटे ऐसे बीत गए: दुष्कर्म से बचाई महिला को भर्ती कराने में घंटों लगे, SSP ने होमगार्ड को किया सम्मानित

अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Tue, 10 Mar 2026 02:48 AM IST
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सार

एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने मानसिक विक्षिप्त महिला की आबरू बचाने वाले होमगार्ड विजय प्रताप सिंह को सम्मानित करते हुए 10 हजार का नकद पुरस्कार दिया है। दरअसल, विजय प्रताप ने ही ई-रिक्शा सवार युवकों का व्यवहार संदिग्ध देख उसे रोकने का प्रयास किया था। ऑटो में सवार दो युवक मौके से भाग गए लेकिन होमगार्ड ने तुरंत उच्चाधिकारियों को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ई-रिक्शा चालक को हिरासत में ले लिया था।

Police investigating a case of kidnapping and attempted molest of a mentally ill woman
गिरफ्तार आरोपी संग विक्षिप्त महिला - फोटो : स्त्रोत- सोशल मीडिया
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विस्तार

महिला का अपहरण कर दुष्कर्म की कोशिश के मामले में कैंट पुलिस जांच में जुटी है। मानसिक रूप से अस्वस्थ इस महिला को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। सुरक्षा के लिए महिला के साथ एक पुलिसकर्मी को भी तैनात किया गया है।
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हालांकि महिला को अस्पताल में भर्ती कराने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस महिला को उपचार कराने के लिए सबसे पहले महिला अस्पताल ले गई। वहां मौजूद डॉक्टर ने महिला के परिजनों के न होने का हवाला देते हुए भर्ती करने से इंकार कर दिया। 
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इसके बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। तीन घंटे तक इंतजार के बाद एसपी सिटी मौके पर पहुंचे। इसके बाद डॉक्टरों ने महिला को भर्ती किया, हालांकि देर शाम उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहां पुलिस की मौजूदगी में उसका उपचार चल रहा है।

अब तक की जांच में पुलिस को पता चला है कि महिला पिछले एक साल से रेलवे स्टेशन के आसपास ही रहती थी। पटरी दुकानदार उसे भोजन-पानी देते थे। फिलहाल महिला के परिवार के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।

उधर, पुलिस ने सेामवार दोपहर बाद तीनों आरोपियों कैंपियरगंज के मोहम्मदपुर निवासी आकाश मिश्रा, कुशीनगर जिले के विशुनपुर थाना क्षेत्र के दुधरा निवासी अजय जायसवाल व शाहपुर के पादरी बाजार निवासी बजरंगी को कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

कैंट थाना क्षेत्र के रेलवे स्टेशन रोड से रविवार की सुबह एक मानसिक विक्षप्ति महिला को युवकों ने खींचकर ई-रिक्शा पर जबरन बैठा लिया था। आरोपी महिला से दुष्कर्म करने के लिए सुनसान जगह की तलाश में थे कि चंद कदम की दूरी पर ही कार्मल रोड पर तैनात होमगार्ड की नजर पड़ गई।

महिला को असहज हाल में देखकर होमगार्ड ने ई-रिक्शा को रोक दिया और शोर मचाया। होमगार्ड ने आसपास के लोग की मदद से आरोपियों को पकड़ लिया। तीनों आरोपियों के खिलाफ चौकी इंचार्ज गोलघर अवनीश पांडेय की तहरीर पर अपहरण, गलत मंशा सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।

एक साल से रेलवे स्टेशन के पास रहती थी महिला, पटरी दुकानदार देते थे खाना-पानी
रेलवे स्टेशन के पास के दुकानदारों ने बताया कि यह महिला पिछले करीब एक साल से स्टेशन रोड और आसपास घूमती थी। छोले कुल्चे का ठेला लगाने वाले राज ने कहा कि कई बार उसे अकेले घूमते देखा। वह अक्सर परेशान लगती थी लेकिन किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। वहीं, पड़ोस के दुकानदार आदित्य शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिये घटना की जानकारी हुई।

पकड़े गए आरोपियों में दो आरोपी अक्सर रेलवे स्टेशन के बाहर कूड़ा एकत्रित करते थे। कई लोगों ने यह भी बताया कि मानसिक विक्षिप्त महिला को लोग अक्सर पानी फेंक कर भगाते थे तो वह हंगामा भी करती थी लेकिन उसकी स्थिति को देखते हुए लोग उसे खाने-पीने का सामान दे दिया करते थे। आरोपियों की घिनौनी करतूत सुनकर रेलवे स्टेशन के बाहर ठेले लगाने वाले दुकानदार भी सन्न रह गए।

होमगार्ड किया गया सम्मानित
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने मानसिक विक्षिप्त महिला की आबरू बचाने वाले होमगार्ड विजय प्रताप सिंह को सम्मानित करते हुए 10 हजार का नकद पुरस्कार दिया है। दरअसल, विजय प्रताप ने ही ई-रिक्शा सवार युवकों का व्यवहार संदिग्ध देख उसे रोकने का प्रयास किया था।

ऑटो में सवार दो युवक मौके से भाग गए लेकिन होमगार्ड ने तुरंत उच्चाधिकारियों को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ई-रिक्शा चालक को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य माध्यमों से मौके से भागे दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।

महिला को भर्ती कराने के लिए पुलिस को चार घंटे करना पड़ा इंतजार
दरअसल, पुलिस महिला को उपचार कराने के लिए सबसे पहले महिला अस्पताल ले गई। वहां मौजूद डॉक्टर ने महिला के परिजनों के न होने का हवाला देते हुए भर्ती करने से इंकार कर दिया। इसके बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। तीन घंटे तक इंतजार के बाद एसपी सिटी मौके पर पहुंचे। इसके बाद डॉक्टरों ने महिला को भर्ती किया, हालांकि देर शाम उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहां पुलिस की मौजूदगी में उसका उपचार चल रहा है।
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