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UP: झटका मशीन की चपेट में आने से मां-बेटे की मौत; खेत में लगे तार को हटाना भूले; हो गया हादसा
Tue, 10 Mar 2026 03:03 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: Sharukh Khan
Updated Tue, 10 Mar 2026 03:03 PM IST
सार
गोरखपुर के डड़वा गांव में छुट्टा पशुओं से सब्जी की फसल के बचाव के लिए लगे झटका मशीन के तार की चपेट में आने से मां-बेटे की मौत हो गई। पहले हिमांशु करंट की चपेट में आया। उसे बचाने के लिए उसकी मां पहुंची तो वह भी चपेट में आ गई।
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जान गंवाने वाली मां के परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
गोरखपुर के सिकरीगंज थाना इलाके के डढ़वा गांव में सोमवार को छुट्टा पशुओं भगाने के लिए लगाई गई झटका मशीन के करंट से मां-बेटे रीता देवी (45) और हिमांशु (16) की मौत हो गई। डढ़वा गांव निवासी दीनदयाल मौर्य ने मटर की फसल को छुट्टा पशुओं से बचाने के लिए खेत के चारों ओर झटका मशीन का तार लगा रखा था।
सोमवार को उनकी पत्नी और बेटा खेत के किनारे काम कर रहे थे। इसी दौरान झटका मशीन के तार में करंट से दोनों चपेट में आ गए। ग्रामीणों के अनुसार, पहले हिमांशु करंट की चपेट में आया। उसे बचाने के लिए उसकी मां पहुंची तो वह भी चपेट में आ गई।
मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। हिमांशु कक्षा नौ का छात्र था। परिवार में उसकी एक बड़ी बहन रीतू (22), भाई हिमेश (20) व धर्मेश (14) हैं। थाना प्रभारी आशीष तिवारी का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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सोमवार को उनकी पत्नी और बेटा खेत के किनारे काम कर रहे थे। इसी दौरान झटका मशीन के तार में करंट से दोनों चपेट में आ गए। ग्रामीणों के अनुसार, पहले हिमांशु करंट की चपेट में आया। उसे बचाने के लिए उसकी मां पहुंची तो वह भी चपेट में आ गई।
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मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। हिमांशु कक्षा नौ का छात्र था। परिवार में उसकी एक बड़ी बहन रीतू (22), भाई हिमेश (20) व धर्मेश (14) हैं। थाना प्रभारी आशीष तिवारी का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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खेत में लगे तार को हटाना भूले... हो गया हादसा
ग्रामीणों के अनुसार, हिमांशु प्रतिदिन रात में झटका मशीन के तार लगाता और अगले दिन सुबह उसे हटाता था। सोमवार को हिमांशु गलती से तार हटना भूल गया और अनजाने में करंट की चपेट में आ गया। उसे बचाने दौड़ी मां भी करंट की चपेट में आ गई।
ग्रामीणों के अनुसार, हिमांशु प्रतिदिन रात में झटका मशीन के तार लगाता और अगले दिन सुबह उसे हटाता था। सोमवार को हिमांशु गलती से तार हटना भूल गया और अनजाने में करंट की चपेट में आ गया। उसे बचाने दौड़ी मां भी करंट की चपेट में आ गई।
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर जुट गए। पिता दीनदयाल मौर्य, जो घर पर खेती का काम संभालते हैं, और बच्चे घटनास्थल पर पहुंचे और दोनों को महदेवा स्थित निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित किया।
हिमांशु परिवार में चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर का था। हिमांशु इंटर कॉलेज बारीगांव में 9वीं कक्षा का छात्र था। परिवार पूरी तरह खेती पर निर्भर है और घटना के समय घर पर कोई मौजूद नहीं था। थानाप्रभारी आशीष तिवारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है।
बिजली से चलने वाले तार खेतों में इस्तेमाल करना अत्यंत जोखिम भरा है। झटका मशीन में किसी खराबी के चलते ही हादसा हुआ है। इसका इस्तेमाल केवल प्रशिक्षित व्यक्ति की ओर से किया जाना चाहिए। बच्चों या बिना अनुभव वाले व्यक्तियों को पास नहीं आने देना चाहिए। करंट के संपर्क में आने पर तुरंत घातक परिणाम हो सकते हैं। लोगों को जागरूक भी करना चाहिए। प्रो. प्रभाकर तिवारी, विभागाध्यक्ष, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, एमएमएमयूटी
बचाव और सावधानियां
खेत में झटका तार लगाने से पहले सुनिश्चित करें कि कोई भी व्यक्ति उसके पास न जाए।
तारों और मशीनों के आसपास सावधानी बोर्ड और चेतावनी संकेत लगाएं।
बच्चों और परिवार के अन्य सदस्य खेत में काम करते समय सुरक्षित दूरी पर रहें।
करंट का स्रोत हमेशा सुरक्षित रूप से पृथक और नियंत्रित हो।
आपात स्थिति के लिए प्राथमिक उपचार और बिजली बंद करने की व्यवस्था पहले से तैयार रखें।
खेत में झटका तार लगाने से पहले सुनिश्चित करें कि कोई भी व्यक्ति उसके पास न जाए।
तारों और मशीनों के आसपास सावधानी बोर्ड और चेतावनी संकेत लगाएं।
बच्चों और परिवार के अन्य सदस्य खेत में काम करते समय सुरक्षित दूरी पर रहें।
करंट का स्रोत हमेशा सुरक्षित रूप से पृथक और नियंत्रित हो।
आपात स्थिति के लिए प्राथमिक उपचार और बिजली बंद करने की व्यवस्था पहले से तैयार रखें।
ये है फसल को बचाने का सुरक्षित तरीका
खेत के चारों ओर मजबूत बाड़ लगाना चाहिए।
सामान्य तार या लोहे की बाड़ से खेत की रखवाली की जा सकती है।
कुत्ते या चरवाहों से भी खेत की रखवाली की जा सकती है।
रात के समय खेत में पहरा लगाने के लिए व्यक्ति रखा जा सकता है।
खेत के चारों ओर मजबूत बाड़ लगाना चाहिए।
सामान्य तार या लोहे की बाड़ से खेत की रखवाली की जा सकती है।
कुत्ते या चरवाहों से भी खेत की रखवाली की जा सकती है।
रात के समय खेत में पहरा लगाने के लिए व्यक्ति रखा जा सकता है।