{"_id":"69af3b58c374d3c88d0558d5","slug":"raising-the-level-of-the-drain-put-50000-houses-in-dangerwill-spend-rs-60-crore-to-rescue-them-gorakhpur-news-c-7-gkp1062-1252500-2026-03-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: नाले का लेवल उठाकर 50 हजार घरों को संकट में डाला...60 करोड़ खर्च करके उबारेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: नाले का लेवल उठाकर 50 हजार घरों को संकट में डाला...60 करोड़ खर्च करके उबारेंगे
विज्ञापन
विज्ञापन
असुरन-खजांची फोरलेन: नाले का लेवल ऊपर होने की वजह से नहीं निकलता कॉलोनियों का पानी
गोरखपुर। असुरन से खजांची फोरलेन पर वाहन फर्राटा भर रहे हैं, लेकिन इसके किनारे 50 हजार घरों में रहने वाले लोग जलनिकासी की समस्या से जूझ रहे हैं। जिम्मेदारों ने सड़क से नाले का लेवल उठाकर 50 हजार घरों को संकट में डाल दिया है। अब इस समस्या से निजात दिलाने के लिए या तो नाले की गहराई बढ़ाई जाएगी या फिर पंपिंग स्टेशनों की क्षमता बढ़ाकर दूसरे नाले से कनेक्ट करना होगा। जिम्मेदारों की लापरवाही की वजह से इन दोनों विकल्पों में करीब 60 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च किए जाएंगे।
दरअसल, असुरन से मेडिकल कॉलेज रोड शहर की प्रमुख सड़कों में से एक है। इसे करीब 403 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था। करीब 50 हजार नागरिकों के घरों से निकलने वाली नालियों और कई सड़कें इस रोड पर मिलती हैं। नाले की ऊंचाई अधिक होने की वजह से सड़क किनारे कॉलोनियों में बरसात के समय जलभराव की समस्या आती है।
पूर्व नगर विधायक डाॅ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने विधानसभा में इस सड़क का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि तकनीकी आधार पर विभाग को मोहल्लों की सभी नालियों की लेवलिंग करने के बाद उससे नीचे लेवल पर मेडिकल रोड का नाला बनाना चाहिए था, जिससे मोहल्लों का पानी मेडिकल रोड नाले से निकल कर गोड़धोइया नाले में जा सके। विभाग और ठेकेदार ने ऐसा करने की जगह मनमाने तरीके से नाला बना दिया।
उस समय जब नाले की लेवलिंग कराई गई तो मेडिकल कॉलेज रोड नाले का लेवल एचएन सिंह चौराहे पर हड़हवा फाटक से आने वाले नाले से 80 सेमी नीचा पाया गया। नगर निगम ने लिखित रूप से स्वीकार किया था कि मेडिकल रोड बनने के बाद बहुत सी कॉलोनियों में जलभराव होगा।
तकनीकी टीम ने किया अध्ययन
डीएम के निर्देश पर इस समस्या के समाधान के लिए मदन मोहन मालवीय तकनीकी विश्वविद्यालय के तकनीकी विशेषज्ञों और लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं की संयुक्त टीम ने विस्तृत अध्ययन किया। टीम में सिविल, संरचनात्मक अभियंत्रिकी, यांत्रिकी और हाइड्रोलिक विभाग के प्राचार्य, एसोसिएट प्रोफेसर और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बैठक कर क्षेत्र की स्थिति का विश्लेषण किया। इस दौरान पूरे इलाके का टोपोग्राफिकल सर्वे, कंटूर मैपिंग और अन्य वैज्ञानिक परीक्षणों के आधार पर संभावित समाधानों का मूल्यांकन किया गया।
दिए गए दो विकल्प
समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन ने दो प्रमुख विकल्पों का प्रस्ताव तैयार किया है। इस संबंध में कमिश्नर अनिल ढींगरा ने प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग को विस्तृत आख्या भेजकर आगे की कार्रवाई और निर्णय लेने का अनुरोध किया है। पहले विकल्प में असुरन चौराहे से खजांची चौराहे तक मौजूद नाले को गहरा करने और खजांची से गोड़धोइया नाले तक आरसीसी नाला बनाने का प्रस्ताव है। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 59.69 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें भूमि अधिग्रहण की लागत अलग से जोड़ी जाएगी। दूसरे विकल्प में भेड़ियागढ़ और विष्णुपुरम पंपिंग स्टेशनों की क्षमता बढ़ाकर पानी को पिपराइच रोड ड्रेन और प्रस्तावित नए नाले के माध्यम से गोड़धोइया नाले तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। इस विकल्प की अनुमानित लागत लगभग 63.16 करोड़ रुपये बताई गई है। इस योजना के तहत एचएन सिंह चौराहा, आदित्यपुरी, शाहपुर रोड और राप्तीनगर चौराहा जैसे क्षेत्रों से जल निकासी की बेहतर व्यवस्था करने का भी प्रस्ताव शामिल है।
तकनीकी अध्ययन के बाद समस्या के समाधान के लिए दो विकल्प तलाशे गए हैं। इसका प्रस्ताव शासन में भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कराया जाएगा।
- अनिल ढींगरा, कमिश्नर
Trending Videos
गोरखपुर। असुरन से खजांची फोरलेन पर वाहन फर्राटा भर रहे हैं, लेकिन इसके किनारे 50 हजार घरों में रहने वाले लोग जलनिकासी की समस्या से जूझ रहे हैं। जिम्मेदारों ने सड़क से नाले का लेवल उठाकर 50 हजार घरों को संकट में डाल दिया है। अब इस समस्या से निजात दिलाने के लिए या तो नाले की गहराई बढ़ाई जाएगी या फिर पंपिंग स्टेशनों की क्षमता बढ़ाकर दूसरे नाले से कनेक्ट करना होगा। जिम्मेदारों की लापरवाही की वजह से इन दोनों विकल्पों में करीब 60 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च किए जाएंगे।
दरअसल, असुरन से मेडिकल कॉलेज रोड शहर की प्रमुख सड़कों में से एक है। इसे करीब 403 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था। करीब 50 हजार नागरिकों के घरों से निकलने वाली नालियों और कई सड़कें इस रोड पर मिलती हैं। नाले की ऊंचाई अधिक होने की वजह से सड़क किनारे कॉलोनियों में बरसात के समय जलभराव की समस्या आती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्व नगर विधायक डाॅ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने विधानसभा में इस सड़क का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि तकनीकी आधार पर विभाग को मोहल्लों की सभी नालियों की लेवलिंग करने के बाद उससे नीचे लेवल पर मेडिकल रोड का नाला बनाना चाहिए था, जिससे मोहल्लों का पानी मेडिकल रोड नाले से निकल कर गोड़धोइया नाले में जा सके। विभाग और ठेकेदार ने ऐसा करने की जगह मनमाने तरीके से नाला बना दिया।
उस समय जब नाले की लेवलिंग कराई गई तो मेडिकल कॉलेज रोड नाले का लेवल एचएन सिंह चौराहे पर हड़हवा फाटक से आने वाले नाले से 80 सेमी नीचा पाया गया। नगर निगम ने लिखित रूप से स्वीकार किया था कि मेडिकल रोड बनने के बाद बहुत सी कॉलोनियों में जलभराव होगा।
तकनीकी टीम ने किया अध्ययन
डीएम के निर्देश पर इस समस्या के समाधान के लिए मदन मोहन मालवीय तकनीकी विश्वविद्यालय के तकनीकी विशेषज्ञों और लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं की संयुक्त टीम ने विस्तृत अध्ययन किया। टीम में सिविल, संरचनात्मक अभियंत्रिकी, यांत्रिकी और हाइड्रोलिक विभाग के प्राचार्य, एसोसिएट प्रोफेसर और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बैठक कर क्षेत्र की स्थिति का विश्लेषण किया। इस दौरान पूरे इलाके का टोपोग्राफिकल सर्वे, कंटूर मैपिंग और अन्य वैज्ञानिक परीक्षणों के आधार पर संभावित समाधानों का मूल्यांकन किया गया।
दिए गए दो विकल्प
समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन ने दो प्रमुख विकल्पों का प्रस्ताव तैयार किया है। इस संबंध में कमिश्नर अनिल ढींगरा ने प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग को विस्तृत आख्या भेजकर आगे की कार्रवाई और निर्णय लेने का अनुरोध किया है। पहले विकल्प में असुरन चौराहे से खजांची चौराहे तक मौजूद नाले को गहरा करने और खजांची से गोड़धोइया नाले तक आरसीसी नाला बनाने का प्रस्ताव है। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 59.69 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें भूमि अधिग्रहण की लागत अलग से जोड़ी जाएगी। दूसरे विकल्प में भेड़ियागढ़ और विष्णुपुरम पंपिंग स्टेशनों की क्षमता बढ़ाकर पानी को पिपराइच रोड ड्रेन और प्रस्तावित नए नाले के माध्यम से गोड़धोइया नाले तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। इस विकल्प की अनुमानित लागत लगभग 63.16 करोड़ रुपये बताई गई है। इस योजना के तहत एचएन सिंह चौराहा, आदित्यपुरी, शाहपुर रोड और राप्तीनगर चौराहा जैसे क्षेत्रों से जल निकासी की बेहतर व्यवस्था करने का भी प्रस्ताव शामिल है।
तकनीकी अध्ययन के बाद समस्या के समाधान के लिए दो विकल्प तलाशे गए हैं। इसका प्रस्ताव शासन में भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कराया जाएगा।
- अनिल ढींगरा, कमिश्नर
