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तैनाती पर उठे थे सवाल: स्वास्थ्य मंत्रालय की सख्ती, अब मूल कैडर में वापस भेजे जाएंगे एम्स के रजिस्ट्रार
रजनी ओझा, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Wed, 18 Feb 2026 05:16 PM IST
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सार
रजिस्ट्रार गांगुली के मामले में भी जांच टीम गठित की गई थी। जांच पूरी होने के बाद एक्जीक्यूटिव इंजीनियर रिजूरोहित श्रीवास्तव को पद से हटाकर उनके मूल विभाग में भेज दिया गया लेकिन पीएन गांगुली के खिलाफ तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर दोबारा शिकायत दर्ज कराई गई। एम्स प्रबंधन के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर उन्हें मूल कैडर में वापस भेजा जाएगा।
एम्स की कार्यकारी निदेशक विभा दत्ता
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान गोरखपुर (एम्स) में रजिस्ट्रार पीएन गांगुली को स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर उनके मूल कैडर कोलकाता स्थानांतरित कर दिया गया है। आरोप है कि उन्हें निर्धारित ग्रेड से अधिक वरिष्ठ ग्रेड पे के आधार पर तैनाती और वेतन दिया जा रहा था। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से उन्हें मूल कैडर में भेजने के संबंध में कार्यकारी निदेशक को निर्देश जारी किए गए हैं।
हालांकि, इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। छह सितंबर 2023 को एम्स में विभिन्न पदों के साथ रजिस्ट्रार और एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) के पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। रजिस्ट्रार पद पर पीएन गांगुली और एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) पद पर रिजूरोहित श्रीवास्तव की नियुक्ति हुई थी। दोनों नियुक्तियों को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी।
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हालांकि, इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। छह सितंबर 2023 को एम्स में विभिन्न पदों के साथ रजिस्ट्रार और एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) के पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। रजिस्ट्रार पद पर पीएन गांगुली और एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) पद पर रिजूरोहित श्रीवास्तव की नियुक्ति हुई थी। दोनों नियुक्तियों को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी।
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शिकायत में नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए थे। रिजूरोहित श्रीवास्तव की नियुक्ति को त्रुटिपूर्ण मानते हुए हाल ही में उन्हें उनके मूल कैडर में वापस भेज दिया गया था। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एम्स गोरखपुर प्रबंधन से इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और संबंधित नामों की जानकारी देने को कहा था।
इसके बाद यह कार्रवाई की गई। गांगुली के मामले में भी जांच टीम गठित की गई थी। जांच पूरी होने के बाद एक्जीक्यूटिव इंजीनियर रिजूरोहित श्रीवास्तव को पद से हटाकर उनके मूल विभाग में भेज दिया गया लेकिन पीएन गांगुली के खिलाफ तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर दोबारा शिकायत दर्ज कराई गई।
इसके बाद यह कार्रवाई की गई। गांगुली के मामले में भी जांच टीम गठित की गई थी। जांच पूरी होने के बाद एक्जीक्यूटिव इंजीनियर रिजूरोहित श्रीवास्तव को पद से हटाकर उनके मूल विभाग में भेज दिया गया लेकिन पीएन गांगुली के खिलाफ तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर दोबारा शिकायत दर्ज कराई गई।
इसके बाद 26 दिसंबर 2025 को भारत सरकार के उप सचिव ने एम्स के कार्यकारी निदेशक को पत्र लिखकर पीएन गांगुली के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी। साथ ही यह भी पूछा गया कि कथित गलत नियुक्ति के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाए गए। कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि आदेश प्राप्त हुआ है और निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कोलकाता में थी मूल तैनाती
शिकायत में कहा गया है कि पीएन गांगुली की मूल तैनाती कोलकाता स्थित आयुध कारखाना में थी, जहां वे लेवल-8 के अपर डिवीजन क्लर्क (यूडीसी) पद पर कार्यरत थे। इसके बावजूद उन्होंने एम्स गोरखपुर में सीधे लेवल-12 के पद पर कार्यभार ग्रहण कर लिया। चयन और साक्षात्कार से पूर्व मूल विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेने, प्रतिनियुक्ति प्रक्रिया का पालन करने और वेतन स्तर निर्धारण को लेकर भी प्रश्न उठाए गए हैं।
कोलकाता में थी मूल तैनाती
शिकायत में कहा गया है कि पीएन गांगुली की मूल तैनाती कोलकाता स्थित आयुध कारखाना में थी, जहां वे लेवल-8 के अपर डिवीजन क्लर्क (यूडीसी) पद पर कार्यरत थे। इसके बावजूद उन्होंने एम्स गोरखपुर में सीधे लेवल-12 के पद पर कार्यभार ग्रहण कर लिया। चयन और साक्षात्कार से पूर्व मूल विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेने, प्रतिनियुक्ति प्रक्रिया का पालन करने और वेतन स्तर निर्धारण को लेकर भी प्रश्न उठाए गए हैं।