{"_id":"69caec57da6ed8916906d1a2","slug":"several-policemen-including-a-woman-constable-were-injured-in-the-violence-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1274192-2026-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"हनुमान चौहान हत्याकांड : पुलिस पर पथराव कराने के आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हनुमान चौहान हत्याकांड : पुलिस पर पथराव कराने के आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित
विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखपुर। गीडा इलाके में हनुमान चौहान की मौत के बाद भीड़ को उकसाने और पुलिस टीम पर पथराव कराने वाले आरोपी विशाल यादव की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। आरोपी के उकसावे पर भीड़ ने पुलिस पर हमला किया, जिसमें महिला कांस्टेबल समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा था।
जवाहर चक निवासी हनुमान चौहान (40) चार अक्तूबर 2025 को दुर्गा पूजा के दौरान हुए विवाद में घायल हो गए थे। परिजनों ने उन्हें लखनऊ में भर्ती कराया, जहां 20 अक्तूबर को उनकी मौत हो गई थी। इससे नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने शव को खाट पर रखकर गोरखपुर-वाराणसी हाईवे तीन घंटे तक जाम कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाए जाने पर भीड़ ने सांसद रवि किशन को बुलाने की मांग करते हुए पुलिस टीम पर पथराव किया था। भीड़ के हमले में पुलिस वाहनों के शीशे टूट गए और आसपास की दुकानों तथा पुलिस बूथ को भी नुकसान पहुंचा था। खजनी थाने की महिला आरक्षी मंजुला पांडेय समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। स्थिति को काबू में करने के लिए जिला नियंत्रण कक्ष ने अतिरिक्त फोर्स भेजी थी।
घटना के बाद चौकी इंचार्ज की तहरीर पर बांसगांव-बरौली निवासी अंगद, सोमनाथ, बुगनी देवी, अनिल और विशाल यादव समेत 40-50 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने अंगद, सोमनाथ और बुगनी देवी को हिरासत में लेकर जेल भेजा, जबकि विशाल यादव की तलाश जारी है।
Trending Videos
जवाहर चक निवासी हनुमान चौहान (40) चार अक्तूबर 2025 को दुर्गा पूजा के दौरान हुए विवाद में घायल हो गए थे। परिजनों ने उन्हें लखनऊ में भर्ती कराया, जहां 20 अक्तूबर को उनकी मौत हो गई थी। इससे नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने शव को खाट पर रखकर गोरखपुर-वाराणसी हाईवे तीन घंटे तक जाम कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाए जाने पर भीड़ ने सांसद रवि किशन को बुलाने की मांग करते हुए पुलिस टीम पर पथराव किया था। भीड़ के हमले में पुलिस वाहनों के शीशे टूट गए और आसपास की दुकानों तथा पुलिस बूथ को भी नुकसान पहुंचा था। खजनी थाने की महिला आरक्षी मंजुला पांडेय समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। स्थिति को काबू में करने के लिए जिला नियंत्रण कक्ष ने अतिरिक्त फोर्स भेजी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
घटना के बाद चौकी इंचार्ज की तहरीर पर बांसगांव-बरौली निवासी अंगद, सोमनाथ, बुगनी देवी, अनिल और विशाल यादव समेत 40-50 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने अंगद, सोमनाथ और बुगनी देवी को हिरासत में लेकर जेल भेजा, जबकि विशाल यादव की तलाश जारी है।