शिवकुमार हत्याकांड: गैंगस्टर के साथ घूमता था राहुल, बंदूक संग फोटो से खुला कनेक्शन; अभी भी उठ रहे हैं ये सवाल
ठेकेदार शिवकुमार त्रिपाठी की हत्या में मुख्य आरोपी राहुल चौधरी के आपराधिक गिरोह से संबंध सामने आए। पुलिस पुरानी रंजिश और वर्चस्व की मंशा पर जांच कर रही है।
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गोरखपुर के सिकरीगंज के अहिरौली गांव में ठेकेदार शिवकुमार त्रिपाठी की हत्या की जांच आगे बढ़ने के साथ मुख्य आरोपी राहुल चौधरी के आपराधिक कनेक्शन की परतें खुल रही हैं। पुलिस की जांच में राहुल के एक गैंगस्टर गिरोह से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। इससे हत्या के पीछे पुरानी रंजिश के अलावा इलाके में वर्चस्व कायम करने की मंशा की आशंका को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
उठ रहे यह सवाल
राहुल की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर उसकी बंदूक के साथ तस्वीर वायरल हुई है। फोटो में वह हाथ में हथियार लिए खड़ा दिखाई दे रहा है। पुलिस अब तस्वीर की सत्यता, उसके स्थान और समय का पता लगाने में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फोटो में दिख रहा हथियार किसका है और वह राहुल तक कैसे पहुंचा। जांच में पुलिस को राहुल के सोशल मीडिया पर लगाए गए एक स्टेटस की भी जानकारी मिली है।
यह लगाया था स्टेटस
संबंधित गैंगस्टर के हत्या और आर्म्स एक्ट के मुकदमे में बरी होने के बाद राहुल ने स्टेटस लगाया था। इसमें उसने लिखा था, 'मेरे गुरु जी हत्या, आर्म्स एक्ट के मुकदमे में बरी हो गए हैं।' पुलिस इस स्टेटस को राहुल और गैंगस्टर के बीच संबंधों की अहम कड़ी मानकर जांच कर रही है।
संपर्क की अवधि और भूमिका तलाश रही पुलिस पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि राहुल का गैंगस्टर से संबंध कब से है और दोनों के बीच संपर्क किस स्तर का था। हत्या से पहले आरोपियों की गतिविधियों, उनके आपसी संपर्क और वारदात में इस्तेमाल हथियार की कड़ियां भी जोड़ी जा रही हैं। जांच का एक अहम बिंदु यह है कि शिवकुमार की हत्या केवल पुरानी रंजिश का नतीजा थी या इसके पीछे क्षेत्र में दहशत और वर्चस्व कायम करने की कोई बड़ी मंशा भी थी।
गांव में तनाव, आरोपियों के घर पसरा सन्नाटा वारदात के बाद अहिरौली गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। शिवकुमार के घर पर लगातार लोगों का पहुंचना और परिजन को सांत्वना देने का सिलसिला जारी है। वहीं आरोपियों के घरों पर सन्नाटा पसरा है। सुरक्षा के मद्देनजर गांव में पुलिस फोर्स तैनात की गई है।
पांच साल की हत्याओं का तैयार हो रहा आंकड़ा
जिले में पुरानी रंजिश और बदले की आग में होने वाली हत्याओं को रोकने के लिए पुलिस पिछले पांच वर्षों में हुई हत्याओं का ब्योरा तैयार कर रही है। इसमें हत्या की वजह, आरोपी और मृतक के बीच संबंध, पुरानी रंजिश, जमीन व पारिवारिक विवाद समेत ऐसे सभी कारणों को शामिल किया जाएगा, जिनसे भविष्य में दोबारा हिंसा की आशंका हो सकती है। पुलिस ऐसे मामलों की अलग सूची भी तैयार करेगी, जिनमें हत्या के पीछे प्रतिशोध की वजह सामने आई थी। संबंधित मामलों में आरोपी की जमानत, मुकदमे की मौजूदा स्थिति और जेल से रिहाई के बाद उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
साथ ही, यदि पीड़ित पक्ष की ओर से बदले की आशंका है तो उस परिवार की गतिविधियों की भी निगरानी की जाएगी। सिकरीगंज के अहिरौली खुर्द गांव में शिव कुमार तिवारी की हत्या के बाद पुलिस ने इस दिशा में अभियान तेज किया है। आरोप है कि करीब दो साल पहले हुई हत्या की रंजिश में बदला लेने के लिए शिव कुमार की हत्या की गई। हालांकि वह पुरानी हत्या के मामले में आरोपी नहीं थे। पुलिस ने वर्तमान हत्याकांड के आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
अष्टभुजा शुक्ला ने की परिजन से मुलाकात
भारतीय जनता पार्टी के नेता अष्टभुजा शुक्ला ने सिकरीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम अहिरौली पहुंचकर शिवकुमार त्रिपाठी के परिजन से मुलाकात की। उन्होंने शिवकुमार के पुत्र आदित्य त्रिपाठी को ढांढस बंधाया और कहा कि पूरी भाजपा उनके साथ खड़ी है। दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी। शुक्ला ने जिला प्रशासन से मांग की कि हत्या के मामले में वांछित सभी अभियुक्तों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए और दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाए। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी है।