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Gorakhpur News: डीडीयू में संचालित ''सुपरएटम्स'' पर शोध के नतीजे देखेगी दुनिया
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का नाम एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय पटल पर आने जा रहा है। इसका कारण बनेंगे भौतिकी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अम्बरीश श्रीवास्तव। स्विट्जरलैंड के जर्नल ''फ्रंटियर्स'' ने उन्हें अपने विशेष अंक के लिए मुख्य संपादक नियुक्त किया है। इसमें शोध लेख के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिकों को आमंत्रित किया गया है।
स्विट्जरलैंड के ''फ्रंटियर्स इन केमिस्ट्री'' और ''फ्रंटियर्स इन फिजिक्स'' जैसे विश्व प्रसिद्ध जर्नल्स में हाइड्रोजन ऊर्जा के भविष्य को समर्पित एक महत्वपूर्ण शोध संग्रह ''''हार्नेसिंग सुपरएटॉमिक क्लस्टर्स फॉर एन्हैंस्ड हाइड्रोजन स्टोरेज सोल्यूशंस'''' का प्रकाशन होना है। इस शोध परियोजना का नेतृत्व डॉ. अम्बरीश करेंगे। हाइड्रोजन स्टोरेज के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए फ्रंटियर्स ने उन्हें विशेषांक के लिए मुख्य संपादक नियुक्त किया है।
अमेरिका के फ्लोरिडा एग्रीकल्चर एवं मैकेनिकल यूनिवर्सिटी के प्रो. गेन्नेडी एल. गुत्सेव, चीन के फुजियान नॉर्मल यूनिवर्सिटी के प्रो. वेई मिंग सुन, सर्बिया के बेलग्रेड विश्वविद्यालय के विनचा इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर साइंसेज के डॉ. फिलिप वेल्कोविच और बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा, भारत के प्रो. प्रतीम चट्टराज को सह संपादक नियुक्त किया गया है। दुनियाभर के 200 वैज्ञानिकों को विशेषांक के लिए शोध तैयार करने का आमंत्रण दिया गया है।
डॉ. अम्बरीश ने बताया कि विश्वविद्यालय से संचालित इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य ''सुपरएटम्स'' की क्षमताओं को दुनिया के सामने लाना है। यूनिवर्सिटी में हाइड्रोजन स्टोरेज की दिशा में किए गए शोध व पेटेंट को भी बेहतर रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
बोलीं कुलपति
इस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि डॉ. अम्बरीश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध संपादन के नेतृत्व का मौका मिलना विश्वविद्यालय के लिए गौरव की बात है। अमेरिका, चीन और सर्बिया जैसे देशों के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर डीडीयू के वैज्ञानिक का यह नेतृत्व हमारी बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
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स्विट्जरलैंड के ''फ्रंटियर्स इन केमिस्ट्री'' और ''फ्रंटियर्स इन फिजिक्स'' जैसे विश्व प्रसिद्ध जर्नल्स में हाइड्रोजन ऊर्जा के भविष्य को समर्पित एक महत्वपूर्ण शोध संग्रह ''''हार्नेसिंग सुपरएटॉमिक क्लस्टर्स फॉर एन्हैंस्ड हाइड्रोजन स्टोरेज सोल्यूशंस'''' का प्रकाशन होना है। इस शोध परियोजना का नेतृत्व डॉ. अम्बरीश करेंगे। हाइड्रोजन स्टोरेज के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए फ्रंटियर्स ने उन्हें विशेषांक के लिए मुख्य संपादक नियुक्त किया है।
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अमेरिका के फ्लोरिडा एग्रीकल्चर एवं मैकेनिकल यूनिवर्सिटी के प्रो. गेन्नेडी एल. गुत्सेव, चीन के फुजियान नॉर्मल यूनिवर्सिटी के प्रो. वेई मिंग सुन, सर्बिया के बेलग्रेड विश्वविद्यालय के विनचा इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर साइंसेज के डॉ. फिलिप वेल्कोविच और बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा, भारत के प्रो. प्रतीम चट्टराज को सह संपादक नियुक्त किया गया है। दुनियाभर के 200 वैज्ञानिकों को विशेषांक के लिए शोध तैयार करने का आमंत्रण दिया गया है।
डॉ. अम्बरीश ने बताया कि विश्वविद्यालय से संचालित इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य ''सुपरएटम्स'' की क्षमताओं को दुनिया के सामने लाना है। यूनिवर्सिटी में हाइड्रोजन स्टोरेज की दिशा में किए गए शोध व पेटेंट को भी बेहतर रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
बोलीं कुलपति
इस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि डॉ. अम्बरीश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध संपादन के नेतृत्व का मौका मिलना विश्वविद्यालय के लिए गौरव की बात है। अमेरिका, चीन और सर्बिया जैसे देशों के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर डीडीयू के वैज्ञानिक का यह नेतृत्व हमारी बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।