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गोरखपुर विश्वविद्यालय : अंकपत्र न मिलने की समस्या होगी दूर, छात्रों को नहीं लगाने होंगे चक्कर
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों के बहुत से छात्रों को विभिन्न वर्षों का अंकपत्र नहीं मिल सका है। इसे देखते हुए डीडीयू प्रशासन ने नई पहल की है। डीडीयू प्रशासन की कोशिश है कि एक महीने के अंदर अंकपत्र से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान किया जाए।
बड़ी संख्या में कई कॉलेजों के छात्रों का अलग-अलग वर्षों का अंकपत्र अब तक नहीं मिल पाया है, जबकि उनके उत्तीर्ण हुए एक से दो साल हो गए। छात्र अपनी समस्याएं अलग-अलग लेकर आते हैं। इस वजह से उनकी समस्याओं के समाधान में वक्त लगता है। बताया जा रहा है कि नामांकन नहीं होने की वजह से उन छात्रों का अंकपत्र नहीं मिल पा रहा है। ज्यादातर छात्रों की समस्याएं बैक पेपर के बाद अंकपत्र न मिलने या नामांकन को लेकर है। इसे देखते हुए डीडीयू प्रशासन ने सभी कॉलेजों को निर्देशित किया है कि वे 15 दिनों के अंदर संबंधित छात्रों का पाठ्यक्रमवार व वर्षवार विवरण उपलब्ध कराएं।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि कोशिश है कि मार्कशीट का सभी बैकलॉग एक महीने के अंदर पूरी तरह से समाप्त कर दी जाए। सभी कॉलेजों को निर्देश दिए गए हैं कि 15 दिन में संबंधित ब्योरा उपलब्ध कराएं। इसके बाद ऐसे किसी प्रकरण पर विचार नहीं किया जाएगा।
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परीक्षा नियंत्रक डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि कोशिश है कि मार्कशीट का सभी बैकलॉग एक महीने के अंदर पूरी तरह से समाप्त कर दी जाए। सभी कॉलेजों को निर्देश दिए गए हैं कि 15 दिन में संबंधित ब्योरा उपलब्ध कराएं। इसके बाद ऐसे किसी प्रकरण पर विचार नहीं किया जाएगा।