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Gorakhpur News: पूर्व विधायक विनय शंकर और नगर पंचायत चेयरमैन प्रतिनिधि के बीच बढ़ी तकरार
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शिलापट्ट विवाद : पूर्व विधायक बोले- साजिश के तहत दर्ज हुई प्राथमिकी, प्रतिनिधि ने कहा- ऐसे लोगाें से खतरा बढ़ गया
बड़हलगंज (गोरखपुर)। नगर पंचायत में शिलापट्ट विवाद को लेकर सियासत गरमा गई है। नगर पंचायत चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पूर्व विधायक ने पलटवार किया है। मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी पूरी तरह साजिश का हिस्सा है और उन्हें झूठे मामले में फंसाया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पंचायत के चेयरमैन पति लंबे समय से अपनी सुरक्षा के लिए गनर की मांग कर रहे थे लेकिन पुलिस प्रशासन ने जांच में पाया कि इसकी कोई आवश्यकता नहीं है। इसके बाद शिलापट्ट विवाद के 48 घंटे के बाद योजनाबद्ध तरीके से उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई और जान का खतरा बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई।
विनय शंकर तिवारी ने नगर पंचायत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विकास के नाम पर शासन के धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। पार्क, रैन बसेरा और अन्य सार्वजनिक स्थलों का व्यवसायीकरण किया जा रहा है, जो गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता पूर्व मंत्री स्व. हरिशंकर तिवारी की ओर से कराए गए विकास कार्यों के शिलापट्ट हटाकर नए शिलापट्ट लगाए जा रहे हैं। जल आपूर्ति के लिए कॉलेज की जमीन पर लगवाई गई टंकी, जिसे उनके पिता ने बनवाया था उसे अब नगर पंचायत कार्यालय में बदल दिया गया है। इसके अलावा नगर के अन्य पूर्व जनप्रतिनिधियों के कार्यों से जुड़े शिलापट्टों के साथ भी छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने कहा कि चिल्लूपार में अपने नौ साल के राजनीतिक जीवन में उनका कभी किसी से तू-तू, मैं-मैं विवाद तक नहीं हुआ। आरोप लगाया कि चेयरमैन पति ने जानबूझकर उन्हें उकसाने का प्रयास किया।
उधर, चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर ने पूर्व विधायक के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कहीं भी कोई भ्रष्टाचार नहीं किया गया है। किसी का भी शिलापट्ट नहीं हटाया गया। सिर्फ दुष्प्रचार किया गया है। मैंने उन्हें बता दिया था कि ठेकेदार ने गलतफहमी में हटा दिया और जानकारी होते ही लगवा दिया गया लेकिन पूर्व विधायक ने गलत तरीके से बात की और धमकी भी दी। चेयरमैन प्रतिनिधि ने कहा कि अब उन्हें ऐसे लोगों से खतरा बढ़ गया है।
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बड़हलगंज (गोरखपुर)। नगर पंचायत में शिलापट्ट विवाद को लेकर सियासत गरमा गई है। नगर पंचायत चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पूर्व विधायक ने पलटवार किया है। मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी पूरी तरह साजिश का हिस्सा है और उन्हें झूठे मामले में फंसाया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पंचायत के चेयरमैन पति लंबे समय से अपनी सुरक्षा के लिए गनर की मांग कर रहे थे लेकिन पुलिस प्रशासन ने जांच में पाया कि इसकी कोई आवश्यकता नहीं है। इसके बाद शिलापट्ट विवाद के 48 घंटे के बाद योजनाबद्ध तरीके से उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई और जान का खतरा बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई।
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विनय शंकर तिवारी ने नगर पंचायत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विकास के नाम पर शासन के धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। पार्क, रैन बसेरा और अन्य सार्वजनिक स्थलों का व्यवसायीकरण किया जा रहा है, जो गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता पूर्व मंत्री स्व. हरिशंकर तिवारी की ओर से कराए गए विकास कार्यों के शिलापट्ट हटाकर नए शिलापट्ट लगाए जा रहे हैं। जल आपूर्ति के लिए कॉलेज की जमीन पर लगवाई गई टंकी, जिसे उनके पिता ने बनवाया था उसे अब नगर पंचायत कार्यालय में बदल दिया गया है। इसके अलावा नगर के अन्य पूर्व जनप्रतिनिधियों के कार्यों से जुड़े शिलापट्टों के साथ भी छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने कहा कि चिल्लूपार में अपने नौ साल के राजनीतिक जीवन में उनका कभी किसी से तू-तू, मैं-मैं विवाद तक नहीं हुआ। आरोप लगाया कि चेयरमैन पति ने जानबूझकर उन्हें उकसाने का प्रयास किया।
उधर, चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर ने पूर्व विधायक के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कहीं भी कोई भ्रष्टाचार नहीं किया गया है। किसी का भी शिलापट्ट नहीं हटाया गया। सिर्फ दुष्प्रचार किया गया है। मैंने उन्हें बता दिया था कि ठेकेदार ने गलतफहमी में हटा दिया और जानकारी होते ही लगवा दिया गया लेकिन पूर्व विधायक ने गलत तरीके से बात की और धमकी भी दी। चेयरमैन प्रतिनिधि ने कहा कि अब उन्हें ऐसे लोगों से खतरा बढ़ गया है।