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Gorakhpur News: राजघाट के पुराने पुल की मरम्मत शुरू...आधी लेन बंद
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गोरखपुर। राजघाट स्थित राप्ती नदी पर बने पुराने पुल की मरम्मत का काम मंगलवार से शुरू हो गया। नौसड़ की तरफ की लेन में पहले काम शुरू हुआ है। पुरानी बेयरिंग बदली जा रही हैं। इसके लिए आधी लेन पर आवागमन रोक दिया है। शेष आधी लेन के जरिये ही हल्के वाहनों को प्रवेश दिया जा रहा है। यह डायवर्जन करीब 40 दिनों तक रहेगा।
नौसड़ की तरफ से आने पर पुल की शुरुआत में ही बैरिकेडिंग की गई है। वहां पर आधी सड़क को ब्लॉक कर दिया गया है। इस वजह से केवल बाइक और कार को ही उधर से प्रवेश दिया जा रहा है। डायवर्जन करीब 40 दिनों तक रहेगा। इस दौरान पुल के खराब हो चुकीं जॉइंट और बेयरिंग बदली जाएंगी। पुल पर सड़क की आधी चौड़ाई में मरम्मत होगी और आधी से होकर छोटी गाड़ियों का आवागमन होता रहेगा। बड़े वाहन समानांतर दूसरे पुल से होकर गुजरेंगे।
दरअसल, वर्ष 1965 में बने यानी 61 साल पुराने पुल के कई हिस्सों में दरारें मिलने के बाद पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) ने जांच कराई। निरीक्षण में पाया गया कि पुल की कंक्रीट में दरारें आ चुकी हैं और जॉइंट के आसपास लगी बेयरिंग जर्जर हो चुकी हैं। इसके बाद मरम्मत कराने का निर्णय लिया गया। मरम्मत का यह काम करीब 20 वर्ष बाद हो रहा है। केमिकल से दरारें भर दी गई हैं। अब जॉइंट और बेयरिंग बदलने का काम शुरू हो गया है।
मरम्मत के पूरा होने के बाद पुल की लोड टेस्टिंग भी की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पुल में अब कोई संरचनात्मक कमी नहीं है और यह वर्षों तक यातायात दबाव को सुचारू रूप से सहन कर सकता है। अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार ने बताया कि बेयरिंग बदलने के लिए पुल पर काम शुरू हो गया है। यह काम चार चरणों में होगा।
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नौसड़ की तरफ से आने पर पुल की शुरुआत में ही बैरिकेडिंग की गई है। वहां पर आधी सड़क को ब्लॉक कर दिया गया है। इस वजह से केवल बाइक और कार को ही उधर से प्रवेश दिया जा रहा है। डायवर्जन करीब 40 दिनों तक रहेगा। इस दौरान पुल के खराब हो चुकीं जॉइंट और बेयरिंग बदली जाएंगी। पुल पर सड़क की आधी चौड़ाई में मरम्मत होगी और आधी से होकर छोटी गाड़ियों का आवागमन होता रहेगा। बड़े वाहन समानांतर दूसरे पुल से होकर गुजरेंगे।
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दरअसल, वर्ष 1965 में बने यानी 61 साल पुराने पुल के कई हिस्सों में दरारें मिलने के बाद पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) ने जांच कराई। निरीक्षण में पाया गया कि पुल की कंक्रीट में दरारें आ चुकी हैं और जॉइंट के आसपास लगी बेयरिंग जर्जर हो चुकी हैं। इसके बाद मरम्मत कराने का निर्णय लिया गया। मरम्मत का यह काम करीब 20 वर्ष बाद हो रहा है। केमिकल से दरारें भर दी गई हैं। अब जॉइंट और बेयरिंग बदलने का काम शुरू हो गया है।
मरम्मत के पूरा होने के बाद पुल की लोड टेस्टिंग भी की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पुल में अब कोई संरचनात्मक कमी नहीं है और यह वर्षों तक यातायात दबाव को सुचारू रूप से सहन कर सकता है। अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार ने बताया कि बेयरिंग बदलने के लिए पुल पर काम शुरू हो गया है। यह काम चार चरणों में होगा।