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Gorakhpur News: जीवन की हर व्यथा को हर लेती है राम कथा
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कथा सुनाते राजन।
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गोरखपुर। कथा वाचक राजन ने कहा कि मानस को मानस तक पहुंचाने की कथा ही राम चरित मानस कहलाती है। राम कथा जीवन की व्यथा को हर लेती है। हर किसी को राम की कथा बड़े ही आस्था भाव के साथ सुनना चाहिए। रामचरित मानस की रचना पहले शिव ने अपने मन में की थी। इसके बाद माता पार्वती को सुनाई थी। इसके बाद तुलसीदास ने राम चरितमानस लिखा। सौभाग्य है कि गीता प्रेस यहां है। सनातनियों पर गीता प्रेस का उपकार है। गीता प्रेस ने मानस व अन्य ग्रंथों को घर-घर पहुंचाया है।
मंगलवार को तारामंडल के चंपा देवी पार्क में नौ दिवसीय राम कथा का शुभारंभ के बाद कथा वाचक राजन श्रद्धालुओं को राम कथा सुना रहे थे। कथा शुरू होने से पहले आयोजक डॉ. कुमुद त्रिपाठी, अशोक शुक्ला, भोलेंद्र पांडेय व संयोजक बृजेश राम त्रिपाठी सहित विभिन्न लोगों ने कथा वाचक के साथ दीप जलाया व व्यासपीठ की आरती उतारी।
पहले दिन कथा वाचक राजन ने कहा कि पिछले 16 साल से कथा सुना रहे हैं, पहली बार गुरु गोरक्षनाथ के शहर में कथा सुनाने का अवसर मिला है। मेरी लालसा आज पूरी हो गई। उन्होंने कहा कि बच्चों को कथा में लाएं उनसे ही भारत का निर्माण होना है। रामचरितमानस विश्व का कल्याण करने वाला ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि चारों युगों में कलयुग जैसा कोई युग नहीं है। कलयुग में केवल भगवान राम का स्मरण करके भवसागर पार कर सकते हैं। भगवान का दर्शन कर सकते हैं। कहा कि रामचरितमानस विश्व का कल्याण करने वाला ग्रंथ है। भक्त को अपने इष्ट के प्रति निष्ठ होना चाहिए। भजन अवध बिहारी हम आए शरण तिहारी पर श्रद्धालु झूमने लगे। उन्होंने बीच-बीच में श्रद्धालुओं से भोजपुरी में भी बात की व भजनों पर आनंदित कर दिया। अंत में व्यास पीठ की आरती उतारी गई। इस अवसर पर काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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मंगलवार को तारामंडल के चंपा देवी पार्क में नौ दिवसीय राम कथा का शुभारंभ के बाद कथा वाचक राजन श्रद्धालुओं को राम कथा सुना रहे थे। कथा शुरू होने से पहले आयोजक डॉ. कुमुद त्रिपाठी, अशोक शुक्ला, भोलेंद्र पांडेय व संयोजक बृजेश राम त्रिपाठी सहित विभिन्न लोगों ने कथा वाचक के साथ दीप जलाया व व्यासपीठ की आरती उतारी।
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पहले दिन कथा वाचक राजन ने कहा कि पिछले 16 साल से कथा सुना रहे हैं, पहली बार गुरु गोरक्षनाथ के शहर में कथा सुनाने का अवसर मिला है। मेरी लालसा आज पूरी हो गई। उन्होंने कहा कि बच्चों को कथा में लाएं उनसे ही भारत का निर्माण होना है। रामचरितमानस विश्व का कल्याण करने वाला ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि चारों युगों में कलयुग जैसा कोई युग नहीं है। कलयुग में केवल भगवान राम का स्मरण करके भवसागर पार कर सकते हैं। भगवान का दर्शन कर सकते हैं। कहा कि रामचरितमानस विश्व का कल्याण करने वाला ग्रंथ है। भक्त को अपने इष्ट के प्रति निष्ठ होना चाहिए। भजन अवध बिहारी हम आए शरण तिहारी पर श्रद्धालु झूमने लगे। उन्होंने बीच-बीच में श्रद्धालुओं से भोजपुरी में भी बात की व भजनों पर आनंदित कर दिया। अंत में व्यास पीठ की आरती उतारी गई। इस अवसर पर काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
