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एमएमएमयूटी : हॉस्टल में प्रोफेसर के घुसने पर भड़कीं छात्राएं, चार घंटे हंगामा
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एमएमएमयूटी में प्रदर्शन करते विद्यार्थी।
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गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के महिला छात्रावास में बुधवार को पुरुष प्रोफेसर के पहुंचने पर छात्राएं भड़क उठीं। सैकड़ों की संख्या में छात्राएं मेन गेट पर पहुंची और प्रदर्शन करने लगीं। उनका आरोप था कि प्रोफेसर ने हॉस्टल में घुसकर उनके रूम के दरवाजे खटखटाए। करीब चार घंटे तक उनका प्रदर्शन चला। वह आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही थीं।
छात्राओं के प्रदर्शन की खबर पाकर विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ ही पुलिस भी पहुंच गई। कुलपति प्रो. जेपी सैनी भी पहुंचे और छात्राओं का मान-मनौव्वल करते नजर आए। बाद में कुलपति के साथ ही विश्वविद्यालय के अधिकारियों और छात्राओं के बीच मीटिंग हुई। छात्राओं की लिखित शिकायत के बाद कुलपति ने जांच समिति गठित कर दी। तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। कुलपति ने आश्वासन दिया कि रिपोर्ट के आधार पर न्यायोचित कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद छात्राएं शाम लगभग सात बजे लौटीं।
सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक पुरुष और एक महिला प्रोफेसर को वार्डन के पद से हटा दिया है। बताया जा रहा है कि शहर में आयोजित एक शैक्षणिक कार्यक्रम में एमएममएयूटी के छात्र-छात्राओं को पहुंचने का निर्देश दिया गया था। कई छात्राएं उस कार्यक्रम में जाने को तैयार नहीं थीं। इसे देखते हुए दोपहर करीब पौने दो बजे प्रशासनिक पद पर तैनात एक प्रोफेसर कुछ महिला वार्डन और गार्ड के साथ महिला हॉस्टल में पहुंचे। इस दौरान छात्राओं के कमरों के दरवाजे नॉक किए गए।
छात्राओं का आरोप है कि पुरुष प्रोफेसर ने ही दरवाजा खटखटाया था। उस समय छात्राएं घरेलू कपड़ों में थीं। एक आरोप यह भी है कि कार्यक्रम में जाने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा था। इससे छात्राओं का गुस्सा भड़क उठा। अपराह्न करीब तीन बजे विश्वविद्यालय के मेन गेट पर छात्राओं के जुटने का सिलसिला शुरू हो गया।
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छात्राओं के प्रदर्शन की खबर पाकर विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ ही पुलिस भी पहुंच गई। कुलपति प्रो. जेपी सैनी भी पहुंचे और छात्राओं का मान-मनौव्वल करते नजर आए। बाद में कुलपति के साथ ही विश्वविद्यालय के अधिकारियों और छात्राओं के बीच मीटिंग हुई। छात्राओं की लिखित शिकायत के बाद कुलपति ने जांच समिति गठित कर दी। तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। कुलपति ने आश्वासन दिया कि रिपोर्ट के आधार पर न्यायोचित कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद छात्राएं शाम लगभग सात बजे लौटीं।
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सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक पुरुष और एक महिला प्रोफेसर को वार्डन के पद से हटा दिया है। बताया जा रहा है कि शहर में आयोजित एक शैक्षणिक कार्यक्रम में एमएममएयूटी के छात्र-छात्राओं को पहुंचने का निर्देश दिया गया था। कई छात्राएं उस कार्यक्रम में जाने को तैयार नहीं थीं। इसे देखते हुए दोपहर करीब पौने दो बजे प्रशासनिक पद पर तैनात एक प्रोफेसर कुछ महिला वार्डन और गार्ड के साथ महिला हॉस्टल में पहुंचे। इस दौरान छात्राओं के कमरों के दरवाजे नॉक किए गए।
छात्राओं का आरोप है कि पुरुष प्रोफेसर ने ही दरवाजा खटखटाया था। उस समय छात्राएं घरेलू कपड़ों में थीं। एक आरोप यह भी है कि कार्यक्रम में जाने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा था। इससे छात्राओं का गुस्सा भड़क उठा। अपराह्न करीब तीन बजे विश्वविद्यालय के मेन गेट पर छात्राओं के जुटने का सिलसिला शुरू हो गया।

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