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Gorakhpur News: गोरखपुर विश्वविद्यालय की 20 शोध परियोजनाओं को शासन से मिली मंजूरी
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षकों को शासन की ओर से 20 शोध परियोजनाएं मिली हैं। इनके लिए 52 लाख रुपये का अनुदान भी स्वीकृत कर दिया गया है।
डीडीयू प्रशासन के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इन शोध परियोजनाओं में 19 रिसर्च एंड डेवलपमेंट और एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शामिल हैं। भौतिकी विभाग को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्वीकृति मिली है।
डॉ. प्रशांत शाही, प्रो. उमेश यादव, डॉ. गीता सिंह, डॉ. राकेश पांडेय, डॉ. सुनयना गौतम, डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. सुशील कुमार, प्रो. शरद मिश्र, डॉ. मनीष प्रताप सिंह, डॉ. स्मृति मल्ल, डॉ. आलोक सिंह, डॉ. पवन दोहरे, डॉ. मणीन्द्र कुमार, डॉ. सुनील सिंह, डॉ. इंद्रेश पांडेय, डॉ. अभय कुमार, डॉ. प्रदीप राव, कुशल नाथ मिश्र, डॉ. दीपक प्रसाद व डॉ. अनुपमा कौशिक को ये परियोजनाएं मिली हैं।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह अनुदान हमारे शिक्षकों की शैक्षणिक विशेषज्ञता और शोध के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। शासन की ओर से स्वीकृत ये परियोजनाएं न केवल विज्ञान और तकनीक बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों जैसे ''''नाथपंथी परंपराओं'''' के संरक्षण में भी मील का पत्थर साबित होंगी।
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डीडीयू प्रशासन के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इन शोध परियोजनाओं में 19 रिसर्च एंड डेवलपमेंट और एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शामिल हैं। भौतिकी विभाग को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्वीकृति मिली है।
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डॉ. प्रशांत शाही, प्रो. उमेश यादव, डॉ. गीता सिंह, डॉ. राकेश पांडेय, डॉ. सुनयना गौतम, डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. सुशील कुमार, प्रो. शरद मिश्र, डॉ. मनीष प्रताप सिंह, डॉ. स्मृति मल्ल, डॉ. आलोक सिंह, डॉ. पवन दोहरे, डॉ. मणीन्द्र कुमार, डॉ. सुनील सिंह, डॉ. इंद्रेश पांडेय, डॉ. अभय कुमार, डॉ. प्रदीप राव, कुशल नाथ मिश्र, डॉ. दीपक प्रसाद व डॉ. अनुपमा कौशिक को ये परियोजनाएं मिली हैं।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह अनुदान हमारे शिक्षकों की शैक्षणिक विशेषज्ञता और शोध के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। शासन की ओर से स्वीकृत ये परियोजनाएं न केवल विज्ञान और तकनीक बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों जैसे ''''नाथपंथी परंपराओं'''' के संरक्षण में भी मील का पत्थर साबित होंगी।