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सड़क हादसे में 3 की मौत: चौराहे पर ताप रहे थे अलाव, एक पल में मची चीख-पुकार; तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने कुचला
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Wed, 07 Jan 2026 11:34 AM IST
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सार
मंगलवार की देर रात एम्स थाना क्षेत्र के रामपुर गांव के कुछ लोग बाहर बैठकर अलाव ताप रहे थे। इसी बीच महादेव झारखंडी की ओर से आती तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने सब कुछ बदल दिया। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की चपेट में आने आग ताप रहे भगवान दास ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि एम्स में इलाज के दौरान प्रिंस की भी मौत हो गई। वाहन चालक संजय सिंह की भी हादसे में मौत हो गई।
हादसे में मृत गाड़ी चालक व अन्य दो
- फोटो : स्त्रोत- संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
कड़ाके की ठंड से राहत पाने के लिए जलाया गया अलाव मंगलवार की रात रामपुर गांव में मातम का कारण बन गया। एम्स थाना क्षेत्र के रामपुर के पास तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने सड़क किनारे बैठे लोगों को रौंद दिया। इस भीषण हादसे में एक ग्रामीण की मौके पर, जबकि एक बालक की एम्स में मौत हो गई।
दुर्घटना के बाद स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर एक गुमटी से टकरा गई, जिससे वाहन चालक की भी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में एक नाबालिग समेत पांच लोग घायल भी हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्व. मोहित के घर के सामने गांव के भगवान दास (40), अमर (25), जितेंद्र (40), हिमांशु (10), प्रिंस (15) और दीपू ठंड से बचने के लिए अलाव ताप रहे थे।
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दुर्घटना के बाद स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर एक गुमटी से टकरा गई, जिससे वाहन चालक की भी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में एक नाबालिग समेत पांच लोग घायल भी हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्व. मोहित के घर के सामने गांव के भगवान दास (40), अमर (25), जितेंद्र (40), हिमांशु (10), प्रिंस (15) और दीपू ठंड से बचने के लिए अलाव ताप रहे थे।
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इसी दौरान झारखंडी की ओर से तेज गति से आ रही स्कॉर्पियो अचानक असंतुलित हो गई और गलत दिशा में जाकर लोगों पर चढ़ गई। चपेट में आए भगवान दास ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि एम्स में इलाज के दौरान प्रिंस की भी मौत हो गई। जितेंद्र और अमर के साथ ही बच्चों में हिमांशु और दीपू को भी चोटें आई हैं।
चालक की पहचान संजय सिंह (40) के रूप में हुई। वहीं, स्कॉर्पियो में सवार एक अन्य युवक को लोगों ने पकड़कर पीट दिया, पुलिस ने उसे एम्स में भर्ती कराया है। बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियों में शराब की खाली बोतलें भी थीं।
चालक की पहचान संजय सिंह (40) के रूप में हुई। वहीं, स्कॉर्पियो में सवार एक अन्य युवक को लोगों ने पकड़कर पीट दिया, पुलिस ने उसे एम्स में भर्ती कराया है। बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियों में शराब की खाली बोतलें भी थीं।
क्षतिग्रस्त स्कॉर्पियो और घायल राम सिंगार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घटना की सूचना मिलते ही एम्स सहित राजघाट, खोराबार, तिवारीपुर, कोतवाली और कैंट थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। घायलों को तत्काल एंबुलेंस से एम्स पहुंचाया गया। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। घायलों का इलाज जारी है।
भोजन के बाद बैठे थे अलाव तापने एक पल में मच गई चीख-पुकार
एम्स थाना क्षेत्र के रामपुर गांव वालों के लिए मंगलवार की रात एक बुरे सपने की तरह बन गई। ठंड से बचने के लिए लोग अपने-अपने घरों में जल्दी भोजन निपटा रहे थे। गांव के कुछ लोग खाना खाकर अलाव तापने के लिए बाहर बैठे थे।
अलाव की लपटों से उठती हल्की गर्माहट, धुएं की महक और आपसी बातचीत ने ठंड को कुछ देर के लिए भुला दिया था, लेकिन हादसे की वजह से एक पल में ही वहां चीख-पुकार मच गई।कोई बच्चों से पढ़ाई की बात कर रहा था, कोई अगले दिन के काम की योजना बना रहा था।
एम्स थाना क्षेत्र के रामपुर गांव वालों के लिए मंगलवार की रात एक बुरे सपने की तरह बन गई। ठंड से बचने के लिए लोग अपने-अपने घरों में जल्दी भोजन निपटा रहे थे। गांव के कुछ लोग खाना खाकर अलाव तापने के लिए बाहर बैठे थे।
अलाव की लपटों से उठती हल्की गर्माहट, धुएं की महक और आपसी बातचीत ने ठंड को कुछ देर के लिए भुला दिया था, लेकिन हादसे की वजह से एक पल में ही वहां चीख-पुकार मच गई।कोई बच्चों से पढ़ाई की बात कर रहा था, कोई अगले दिन के काम की योजना बना रहा था।
बच्चे अलाव के पास हाथ सेंकते हुए हंस रहे थे। गांव की आम सी रात, जिसमें सुकून था, अपनापन था और रोजमर्रा की जिंदगी की साधारण खुशियां थीं। किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह सुकून चंद सेकंड में हमेशा के लिए टूट जाएगा।अचानक महादेव झारखंडी की ओर से आती तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने सब कुछ बदल दिया।
रामपुर चौराहे पर एक्सीडेंट में घायल दीपू जायसवाल जिला अस्पताल में भर्ती
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पलभर में माहौल चीख-पुकार में तब्दील हो गया। लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। अलाव के पास बैठे लोग स्कॉर्पियो की चपेट में आ गए। भगवान दास की मौके पर ही मौत हो गई। उनके परिवार पर जैसे पहाड़ टूट पड़ा। जिस व्यक्ति के साथ कुछ मिनट पहले बातचीत हो रही थी, वह हमेशा के लिए खामोश हो गया।
जितेंद्र गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर तड़पते रहे। बच्चे हिमांशु, प्रिंस और दीपू दर्द से कराहते हुए मदद की गुहार लगाते रहे। जिन हाथों से वे कुछ देर पहले आग सेंक रहे थे, वही हाथ अब खून और दर्द से कांप रहे थे। गांव के लोग दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक सब कुछ बिखर चुका था।
जितेंद्र गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर तड़पते रहे। बच्चे हिमांशु, प्रिंस और दीपू दर्द से कराहते हुए मदद की गुहार लगाते रहे। जिन हाथों से वे कुछ देर पहले आग सेंक रहे थे, वही हाथ अब खून और दर्द से कांप रहे थे। गांव के लोग दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक सब कुछ बिखर चुका था।
बाद में प्रिंस ने भी एम्स में दम तोड़ दिया। तीन घरों में एक ही रात मातम पसर गया। एक ओर भगवान दास और प्रिंस के घर में चीखें थीं, तो दूसरी ओर चालक की मौत ने किसी और परिवार की जिंदगी भी उजाड़ दी।एंबुलेंस के सायरन, पुलिस की आवाजाही और रोते-बिलखते परिजनों के बीच रामपुर गांव की रात और भी सर्द हो गई।
घायलों को एम्स ले जाया गया, जहां वे जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। गांव के बुजुर्ग कहते हैं कि अलाव हमेशा लोगों को जोड़ता रहा है। ठंड में वही अलाव हंसी, बातचीत और अपनापन देता है लेकिन इस बार वही एक दर्दनाक हादसे का गवाह बन गया। बच्चों की हंसी, बड़ों की बातचीत और आग की लपटें सब कुछ एक पल में खत्म हो गईं। लोगों का कहना है कि अगर स्कॉर्पियो की रफ्तार थोड़ी कम होती तो तीनों जिंदगियां बच सकती थीं।
घायलों को एम्स ले जाया गया, जहां वे जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। गांव के बुजुर्ग कहते हैं कि अलाव हमेशा लोगों को जोड़ता रहा है। ठंड में वही अलाव हंसी, बातचीत और अपनापन देता है लेकिन इस बार वही एक दर्दनाक हादसे का गवाह बन गया। बच्चों की हंसी, बड़ों की बातचीत और आग की लपटें सब कुछ एक पल में खत्म हो गईं। लोगों का कहना है कि अगर स्कॉर्पियो की रफ्तार थोड़ी कम होती तो तीनों जिंदगियां बच सकती थीं।