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चूके तो चालान तय: बिना हेलमेट 1000, हाथ में रखने पर 11,000 का चालान, जानिए कबसे चलेगा अभियान
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jun 2026 01:50 AM IST
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सार
एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव ने कहा कि हेलमेट केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का साधन है। सोमवार से शहर में विशेष अभियान की शुरुआत की जाएगी। इस दौरान नियमों का पालन न करने वालों वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि सड़क हादसों में जान बचाना है।
ट्रैफिक एडवाइजरी
- फोटो : एक्स
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विस्तार
शहर में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष अभियान चलाने की तैयारी कर ली है। अभियान के तहत बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने पर 1000 का चालान किया जाएगा, जबकि हेलमेट होने के बावजूद उसे पहनने के बजाय हाथ में रखने पर 11,000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव ने कहा कि हेलमेट केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का साधन है। सोमवार से शहर में विशेष अभियान की शुरुआत की जाएगी। इस दौरान नियमों का पालन न करने वालों वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि सड़क हादसों में जान बचाना है।
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आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
ट्रैफिक विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में मौत के मामलों में सबसे बड़ी वजह सिर में गंभीर चोट पाई गई है। वर्ष 2025 में दर्ज 662 सड़क दुर्घटनाओं में 342 लोगों की मौत हुई, जिनमें 212 मामलों में कारण हेड इंजरी रही। वहीं, वर्ष 2026 में जनवरी से 31 मई के बीच 476 सड़क हादसे हुए, जिनमें 211 लोगों की मौत हुई। इनमें 119 मामलों में हेड इंजरी को मौत का कारण बताया गया है।
अलग-अलग क्षेत्रों में बनाए जाएंगे कमांडर
शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए टीएसआई को अलग-अलग क्षेत्रों का कमांडर बनाया गया है। इन्हें हाईवे और बाहरी इलाकों में निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। निर्देश दिए गए हैं कि दोपहिया वाहन चालक और पीछे बैठने वाले दोनों के लिए हेलमेट अनिवार्य रूप से लागू कराया जाए। पहले जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और उसके बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ओवरस्पीडिंग और स्टंटबाजी पर भी रहेगी नजर
एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव ने बताया कि हेलमेट अभियान के साथ-साथ ओवरस्पीडिंग और स्टंटबाजी पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। शहर के मुख्य मार्गों पर ओवरस्पीड कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि अधिकांश गंभीर सड़क हादसे तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण होते हैं, इसलिए ट्रैफिक नियमों का पालन हर नागरिक की सुरक्षा के लिए जरूरी है।