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सुरक्षा में लापरवाही: गोरखपुर जंक्शन बना 'नो चेकिंग जोन', CCTV है पर जांच नहीं- 'बेखौफ आवाजाही'
रंजीत साहनी, गोरखपुर
Published by: Rohit Singh
Updated Sun, 14 Jun 2026 10:37 AM IST
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सार
पूर्वोत्तर रेलवे के सबसे व्यस्त गोरखपुर जंक्शन पर रोजाना 70 से 80 हजार से अधिक यात्रियों का आना-जाना होता है। रेलवे की ओर से हमेशा सुरक्षा के दावे किए जाते हैं। बिना किसी जांच के यात्रियों और उनके सामान अंदर जाने की अनुमति नहीं देने की बात कही जाती है। शनिवार को रेलवे स्टेशन की पड़ताल की गई तो सुरक्षा-व्यवस्था में तमाम खामियां नजर आईं।
रेलवे स्टेशन पर बिना जांच के ही लोग अंदर प्रवेश करते हुए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
रेलवे की ओर से जंक्शन पर सुरक्षा व्यवस्था के दावों की पोल शनिवार को खुल गई। रेलवे स्टेशन पर अधिकांश गेटों पर यात्रियों की आवाजाही के बीच चेकिंग में लापरवाही दिखी। मुख्य प्रवेश द्वार पर सुरक्षा कर्मी आराम से बैठे नजर आए और बिना किसी रोकटोक के यात्री अंदर बाहर आते-जाते दिखे। इसी तरह अन्य गेटों का भी हाल रहा। हालांकि गेट नंबर दो (फर्स्ट क्लास) पर सुरक्षाकर्मी भी मौजूद रहे और लोगों को जांच के बाद भी जाने दिया गया।
पूर्वोत्तर रेलवे के सबसे व्यस्त गोरखपुर जंक्शन पर रोजाना 70 से 80 हजार से अधिक यात्रियों का आना-जाना होता है। रेलवे की ओर से हमेशा सुरक्षा के दावे किए जाते हैं। बिना किसी जांच के यात्रियों और उनके सामान अंदर जाने की अनुमति नहीं देने की बात कही जाती है। शनिवार को रेलवे स्टेशन की पड़ताल की गई तो सुरक्षा-व्यवस्था में तमाम खामियां नजर आईं।
पूर्वोत्तर रेलवे के सबसे व्यस्त गोरखपुर जंक्शन पर रोजाना 70 से 80 हजार से अधिक यात्रियों का आना-जाना होता है। रेलवे की ओर से हमेशा सुरक्षा के दावे किए जाते हैं। बिना किसी जांच के यात्रियों और उनके सामान अंदर जाने की अनुमति नहीं देने की बात कही जाती है। शनिवार को रेलवे स्टेशन की पड़ताल की गई तो सुरक्षा-व्यवस्था में तमाम खामियां नजर आईं।
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दोपहर में 12:55 बजे रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार पर सुरक्षा कर्मी बैठे नजर आए। यात्री बैग व अन्य सामान लेकर बेधड़क जाते दिखे। किसी जिम्मेदार को जांच की फिक्र नहीं थी। इसी तरह दोपहर 1:15 बजे गेट नंबर -3 (एसी लाउंस) पर यात्रियों की काफी आवाजाही दिखी।
यहां हद तो यह थी कि कोई सुरक्षा कर्मी ही नहीं दिखा। इसी दौरान हावड़ा-काठगोदाम एक्सप्रेस के पहुंचने से यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ गई। बड़ी संख्या में यात्री बिना जांच के आते-जाते रहे हालांकि स्टेशन परिसर में आरपीएफ और अन्य सुरक्षा कर्मी गश्त करते हुए नजर आए।
यहां हद तो यह थी कि कोई सुरक्षा कर्मी ही नहीं दिखा। इसी दौरान हावड़ा-काठगोदाम एक्सप्रेस के पहुंचने से यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ गई। बड़ी संख्या में यात्री बिना जांच के आते-जाते रहे हालांकि स्टेशन परिसर में आरपीएफ और अन्य सुरक्षा कर्मी गश्त करते हुए नजर आए।
गेट नंबर दो पर रही सुरक्षा व्यवस्था
दोपहर 1:07 बजे गेट नंबर-2 पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय दिखी। यहां तैनात सुरक्षाकर्मी मेटल डिटेक्टर की मदद से हर आने-जाने वाले यात्री और उनके सामान की जांच कर रहे थे। बिना जांच के किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं थी। सुरक्षा कर्मी जांच में पूरी तसल्ली के बाद ही किसी को अंदर जाने दे रहे थे।
यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की प्राथमिकता में है। सभी प्रवेश द्वार पर जांच की जाती है और सीसीटीवी फुटेज से भी निगरानी होती है। अगर कहीं लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी: सुमित कुमार, सीपीआरओ-एनईआर
दोपहर 1:07 बजे गेट नंबर-2 पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय दिखी। यहां तैनात सुरक्षाकर्मी मेटल डिटेक्टर की मदद से हर आने-जाने वाले यात्री और उनके सामान की जांच कर रहे थे। बिना जांच के किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं थी। सुरक्षा कर्मी जांच में पूरी तसल्ली के बाद ही किसी को अंदर जाने दे रहे थे।
यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की प्राथमिकता में है। सभी प्रवेश द्वार पर जांच की जाती है और सीसीटीवी फुटेज से भी निगरानी होती है। अगर कहीं लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी: सुमित कुमार, सीपीआरओ-एनईआर