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Yamuna Nagar News: आवक घटने से बढ़ गई सब्जियों की कीमत
Fri, 10 Jul 2026 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 10 Jul 2026 01:42 AM IST
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गणेश नगर में रेहड़ी से सब्जी की खरीदता ग्राहक। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बारिश और दूसरे राज्यों में बाढ़ के कारण जिले में सब्जी के दामों में उछाल आ गया है। लगातार बारिश से कई क्षेत्रों से सब्जियों की आवक प्रभावित हुई है। इससे टमाटर, गोभी, खीरा, हरी मिर्च, भिंडी, तोरई, लौकी, अदरक इत्यादि सब्जियों के भाव बढ़ गए हैं। इसका सीधा असर रसोई के बजट पर पड़ रहा है।
एक महीने पहले 30 रुपये प्रति किलो बिकने वाला टमाटर अब 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। प्याज 25 से बढ़कर 40 रुपये किलो बिक रहा है। खीरा 20 रुपये से 40 रुपये प्रति किलो हो गया है, जबकि मूली के दाम भी 20 से 40 रुपये प्रति किलो पहुंच गए हैं। गोभी, जो पहले 70 से 80 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, अब 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। वहीं भिंडी, लौकी, तोरई, बैंगन, शिमला मिर्च और हरी मिर्च के दामों में भी 15 से 60 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है।
हालांकि आलू के दामों में कुछ राहत मिली है और यह पहले के मुकाबले सस्ता होकर 20 से 25 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। सब्जी उत्पादक नवदीप राणा, अंकुश चौहान, शुभम राणा, रजत राणा, आशीष चौहान, बलबीर सिंह और राजेश राणा ने बताया कि साढौरा क्षेत्र सब्जियों को गढ़ माना जाता है। इस बार बारिश देर से होने के कारण सब्जियों की फसल को नुकसान नहीं हुआ और उत्पादन सामान्य रहा। खेतों में इस समय तोरई, घीया सहित बेल वाली सब्जियों की अच्छी पैदावार हो रही है। किसानों के अनुसार जिले की मंडियों में इन दिनों पहाड़ी क्षेत्रों से गोभी की आवक हो रही है, जिससे उसके दाम बढ़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि स्थानीय गोभी का सीजन अक्तूबर में शुरू होगा।
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नवदीप राणा ने बताया कि एक एकड़ में करीब 350 पन्नी गोभी लगाई जाती है और प्रत्येक पन्नी में लगभग 25 किलो गोभी आती है। सर्दियों के मौसम में एक एकड़ से औसतन 500 क्विंटल तक उत्पादन मिल जाता है।
जिले में बिकने वाली कई सब्जियां अन्य राज्यों से आती हैं। लगातार बारिश के कारण आवक प्रभावित होने से सब्जियों के दाम बढ़े हैं। मौसम सामान्य होने और आवक बढ़ने पर कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है।
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यमुनानगर। बारिश और दूसरे राज्यों में बाढ़ के कारण जिले में सब्जी के दामों में उछाल आ गया है। लगातार बारिश से कई क्षेत्रों से सब्जियों की आवक प्रभावित हुई है। इससे टमाटर, गोभी, खीरा, हरी मिर्च, भिंडी, तोरई, लौकी, अदरक इत्यादि सब्जियों के भाव बढ़ गए हैं। इसका सीधा असर रसोई के बजट पर पड़ रहा है।
एक महीने पहले 30 रुपये प्रति किलो बिकने वाला टमाटर अब 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। प्याज 25 से बढ़कर 40 रुपये किलो बिक रहा है। खीरा 20 रुपये से 40 रुपये प्रति किलो हो गया है, जबकि मूली के दाम भी 20 से 40 रुपये प्रति किलो पहुंच गए हैं। गोभी, जो पहले 70 से 80 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, अब 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। वहीं भिंडी, लौकी, तोरई, बैंगन, शिमला मिर्च और हरी मिर्च के दामों में भी 15 से 60 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है।
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हालांकि आलू के दामों में कुछ राहत मिली है और यह पहले के मुकाबले सस्ता होकर 20 से 25 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। सब्जी उत्पादक नवदीप राणा, अंकुश चौहान, शुभम राणा, रजत राणा, आशीष चौहान, बलबीर सिंह और राजेश राणा ने बताया कि साढौरा क्षेत्र सब्जियों को गढ़ माना जाता है। इस बार बारिश देर से होने के कारण सब्जियों की फसल को नुकसान नहीं हुआ और उत्पादन सामान्य रहा। खेतों में इस समय तोरई, घीया सहित बेल वाली सब्जियों की अच्छी पैदावार हो रही है। किसानों के अनुसार जिले की मंडियों में इन दिनों पहाड़ी क्षेत्रों से गोभी की आवक हो रही है, जिससे उसके दाम बढ़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि स्थानीय गोभी का सीजन अक्तूबर में शुरू होगा।
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नवदीप राणा ने बताया कि एक एकड़ में करीब 350 पन्नी गोभी लगाई जाती है और प्रत्येक पन्नी में लगभग 25 किलो गोभी आती है। सर्दियों के मौसम में एक एकड़ से औसतन 500 क्विंटल तक उत्पादन मिल जाता है।
जिले में बिकने वाली कई सब्जियां अन्य राज्यों से आती हैं। लगातार बारिश के कारण आवक प्रभावित होने से सब्जियों के दाम बढ़े हैं। मौसम सामान्य होने और आवक बढ़ने पर कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है।