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Yamuna Nagar News: मायके का मतदाता रिकॉर्ड बना चुनौती
Fri, 10 Jul 2026 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 10 Jul 2026 01:46 AM IST
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व्यासपुर के श्री गुरु रविदास मंदिर में लोगों से फार्म एकत्रित करतीं बीएलओ। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता गणना प्रपत्र भरना लोगों के लिए चुनौती बन गया है। एसआईआर फॉर्म में विवाहित महिला के माता-पिता का नाम, उनकी मतदाता पहचान पत्र आईडी और मतदाता सूची में क्रमांक संख्या दर्ज करना अनिवार्य होने से परिवारों को मायके से वर्षों पुरानी जानकारी एकत्र करनी पड़ रही है।
वर्ष 2002 के बाद जिन महिलाओं का विवाह हुआ है, उनके परिजनों को आवश्यक विवरण जुटाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। कई लोग अपनी ससुराल या मायके पहुंच कर पुराने दस्तावेज और मतदाता सूची तलाश रहे हैं, जबकि कई परिवार फोन के माध्यम से रिश्तेदारों से संपर्क कर आवश्यक जानकारी जुटा रहे हैं।
वहीं जिन परिवारों के पास पुराने मतदाता पहचान पत्र या दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एसआईआर अभियान के चलते बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) का काम भी बढ़ गया है। एक ओर उन्हें घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करने, उन्हें भरवाने और निर्धारित समय में डिजिटाइज कर अपलोड करने की जिम्मेदारी निभानी है।
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वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में लोग महिलाओं के पुराने मतदाता रिकॉर्ड, ईपीआईसी नंबर और मतदाता सूची में क्रमांक संबंधी जानकारी के लिए भी बीएलओ से संपर्क कर रहे हैं।
इससे बीएलओ को अतिरिक्त समय देना पड़ रहा है। निर्वाचन विभाग ने बीएलओ को 14 जुलाई तक एसआईआर का कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिया है। ऐसे में समय सीमा के भीतर अभियान पूरा करना अधिकारियों के लिए भी चुनौती बना हुआ है। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक मतदाता को गणना प्रपत्र दो प्रतियों में उपलब्ध कराया जा रहा है।
99.64 प्रतिशत गणना प्रपत्र पहुंचे : डीसी
डीसी प्रीति ने बताया कि जिले के कुल 9,18,682 मतदाताओं में से 9,15,420 यानी 99.64 प्रतिशत मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाए जा चुके हैं। इनमें से 7,12,537 प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन और अपलोड भी पूरा हो चुका है, जो कुल का लगभग 78 प्रतिशत है। सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अभियान में सहयोग देने तथा मतदाताओं को समय पर गणना प्रपत्र भरकर बीएलओ के पास जमा कराने के लिए जागरूक करने की अपील की।
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यमुनानगर। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता गणना प्रपत्र भरना लोगों के लिए चुनौती बन गया है। एसआईआर फॉर्म में विवाहित महिला के माता-पिता का नाम, उनकी मतदाता पहचान पत्र आईडी और मतदाता सूची में क्रमांक संख्या दर्ज करना अनिवार्य होने से परिवारों को मायके से वर्षों पुरानी जानकारी एकत्र करनी पड़ रही है।
वर्ष 2002 के बाद जिन महिलाओं का विवाह हुआ है, उनके परिजनों को आवश्यक विवरण जुटाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। कई लोग अपनी ससुराल या मायके पहुंच कर पुराने दस्तावेज और मतदाता सूची तलाश रहे हैं, जबकि कई परिवार फोन के माध्यम से रिश्तेदारों से संपर्क कर आवश्यक जानकारी जुटा रहे हैं।
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वहीं जिन परिवारों के पास पुराने मतदाता पहचान पत्र या दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एसआईआर अभियान के चलते बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) का काम भी बढ़ गया है। एक ओर उन्हें घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करने, उन्हें भरवाने और निर्धारित समय में डिजिटाइज कर अपलोड करने की जिम्मेदारी निभानी है।
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वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में लोग महिलाओं के पुराने मतदाता रिकॉर्ड, ईपीआईसी नंबर और मतदाता सूची में क्रमांक संबंधी जानकारी के लिए भी बीएलओ से संपर्क कर रहे हैं।
इससे बीएलओ को अतिरिक्त समय देना पड़ रहा है। निर्वाचन विभाग ने बीएलओ को 14 जुलाई तक एसआईआर का कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिया है। ऐसे में समय सीमा के भीतर अभियान पूरा करना अधिकारियों के लिए भी चुनौती बना हुआ है। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक मतदाता को गणना प्रपत्र दो प्रतियों में उपलब्ध कराया जा रहा है।
99.64 प्रतिशत गणना प्रपत्र पहुंचे : डीसी
डीसी प्रीति ने बताया कि जिले के कुल 9,18,682 मतदाताओं में से 9,15,420 यानी 99.64 प्रतिशत मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाए जा चुके हैं। इनमें से 7,12,537 प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन और अपलोड भी पूरा हो चुका है, जो कुल का लगभग 78 प्रतिशत है। सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अभियान में सहयोग देने तथा मतदाताओं को समय पर गणना प्रपत्र भरकर बीएलओ के पास जमा कराने के लिए जागरूक करने की अपील की।