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Rampur Bushahar News: ठियोग में जल घोटाले के विरोध में महासम्मेलन, अब पेयजल योजनाओं की खामियां जांचेगी समिति
शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jan 2025 11:40 PM IST
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बरसात में गाद, गर्मी में सूखा और सर्दियों में वोल्टेज की कमी से नहीं चल रहे पंप उपमंडल ठियोग की पेयजल योजनाओं की खामियां जांचेगी समिति
जल संघर्ष मोर्चा के महासम्मेलन में जन प्रतिनिधियों, संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने लिया भाग
कुर्पण खड्ड उठाऊ पेयजल योजना के टैंक निर्माण और पाइपों में घोटाले के आरोप
अब 21 को ठियोग में होगा बड़ा सम्मेलन, सभी पंचायतों के प्रतिनिधि रहेंगे शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। उपमंडल ठियोग में हुए पेयजल घोटाले के विरोध में बुधवार को ठियोग में महासम्मेलन आयोजित हुआ। जल संघर्ष मोर्चा के इस सम्मेलन में पंचायत प्रतिनिधि, समाजसेवी संस्थाएं, पूर्व प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। सम्मेलन में एक समिति का गठन किया गया, जो उपमंडल की पेयजल योजनाओं की खामियों की रिपोर्ट तैयार करेगी और उसे सरकार के समक्ष रखेगी। इस दौरान फैसला लिया कि 21 जनवरी को फिर एक सम्मेलन होगा, जिसमें समूचे उपमंडल की पंचायतों के प्रतिनिधि और ग्रामीण शामिल होंगे। बुधवार को सम्मेलन में गठित समिति में पूर्व जिला परिषद सदस्य सोहन ठाकुर को संयोजक और प्रेमलता को सह संयोजक चुना गया है। इस दौरान सोहन ठाकुर ने मतियाना मंडल के अधीन फागू में निर्माणाधीन टैंकों और पाइपों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस योजना के पाइपों को बेचने के साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं। संधू पंचायत उपप्रधान प्रदीप ने कहा कि गर्मियों में उनकी पंचायत में जितने टैंकर जल वितरण को लेकर विभाग ने दर्शाए हैं, उतने उनकी जानकारी में नहीं हैं। सरयूवन पंचायत के प्रधान सुनील ने कहा कि विभाग ने अधिकारी निलंबित कर दिए हैं, लेकिन अब पानी की समस्या को किसके सामने रखें। प्रशासन और विभाग इस संबंध में जल्द उचित व्यवस्था करे। सरोग पंचायत की सुषमा ने कहा कि वे लोग कई महीने से पीठ पर पानी ढो रहे हैं। विभाग कहता है कि बरसात में गाद है, गर्मियों में सोर्स सूखे हैं और सर्दियों में वोल्टेज की कमी से पंप नहीं चल रहे। समाजसेवी राजेंद्र राजन ने हर पंचायत से युवाओं को एकत्र होकर अपनी समस्याएं उठाने का सुझाव रखा और ठियोग में अधिकारियों पर दबाव बनाने की भी बात कही। रोटरी क्लब के अध्यक्ष अशोक भारद्वाज और पूर्व अध्यक्ष चेतराम शर्मा ने जनता से जागरूक होने की अपील की। देवरीघाट गांव की महिला प्रेमलता ने कहा कि उन लोगों ने 19 दिनों से पानी नहीं आने को लेकर 2022 में नंगलदेवी में आंदोलन किया और अब तक कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं। बीते 11 दिनों से गांव में पानी नहीं आ रहा। शर्मला के उपप्रधान नरेंद्र ने कहा कि कुर्पण खड्ड के लिए आए पाइप बगीचों में नजर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पंचायत में जो पानी आता है, वह न पीने लायक है और न खाना पकाने लायक। कई पंचायतों के वर्तमान और पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों ने भी पानी की कमी और योजनाओं के सही काम न करने का मुद्दा उठाया। बैठक में संघर्ष मोर्चा के सदस्यों पवन बंसल, सोहन ठाकुर, संदीप सोनू, सुरेश वर्मा ने भी अपने विचार रखे।
ठियोग की सभी पेयजल योजनाएं बीमार : सिंघा
महासम्मेलन में पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि इस गैर राजनीतिक मोर्चे का काम ठियोग की जनता के साथ मिलकर पानी की सुविधा दिलवाना रहेगा, जो संभव है। कहा कि ठियोग की सभी पेयजल योजनाएं बीमार हैं। इस घोटाले के बाद सरकार बैक फुट पर है। टैंकरों से जो पानी दिया गया, उसका रेट 17 रुपये प्रति किलोमीटर हजार लीटर के बजाय, 34 रुपये दिया गया। ठियोग में पानी का यह घोटाला काफी पहले से चल रहा है, जो अभी उजागर हुआ है। वीरवार को गठित मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल जल शक्ति विभाग के मुख्य अभियंता से मिलेगा। 21 जनवरी को मोर्चा ठियोग में बड़ा सम्मेलन करेगा, जिसमें हर पंचायत से पेयजल समस्या से प्रभावित लोग एकत्र होंगे। इसमें आगामी रणनीति बनाई जाएगीश्र
मामले में विजिलेंस कस रही शिकंजा
ठियोग टैंकर से पेयजल आपूर्ति ने नाम पर किए गए घोटाले में विजिलेंस अपना शिकंजा कसती जा रही है। बुधवार को जल शक्ति विभाग का एक कर्मचारी पानी के टैंकरों की सप्लाई से संबंधित कई दस्तावेज लेकर शिमला रवाना हुआ। इन दस्तावेजों में टैंकरों के सप्लाई से जुड़ी कई जानकारियां हैं। मामले के गंभीरता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि कार्यालय का कोई भी कर्मचारी इस मुद्दे पर बात करने से कतरा रहा है। बीते दिनों विजिलेंस की टीम ने नगर परिषद ठियोग के वार्डों और आसपास की पंचायतों में टैंकरों से पानी के सप्लाई के बारे में विभाग के कर्मचारियों, फीटरों से पूछताछ कर तथ्य जुटाए थे। सप्लाई करने वाले ठेकेदारों के बैंक खातों के जांच भी की गई है।
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