Lucknow News: 310 ट्रेनों में लगेंगी अत्याधुनिक महिला बोगियां, सुरक्षित व सुहाना होगा सफर; पढ़ें पूरी खबर
310 ट्रेनों में अत्याधुनिक महिला बोगियां लगेंगी। सफर सुरक्षित व सुहाना होगा। महीनेभर के अंदर अफसरों को ट्रेनों की सूची और डिमांड देनी होगी। अप्रैल से ट्रेनों में नई महिला बोगियां लगनी शुरू हो जाएंगी। आगे पढ़ें पूरी खबर...
विस्तार
राजधानी लखनऊ में ट्रेनों में महिलाओं के सफर को और सुरक्षित व सुहाना बनाने के लिए नई अत्याधुनिक बोगियों को लगाया जाएगा। 310 ट्रेनों में अप्रैल से नई बोगियां लगनी शुरू हो जाएगी। खास बात यह है कि इन बोगियों को वूमेन फ्रेंडली बनाया जाएगा। इसमें बेबी फीडिंग के लिए भी जगह उपलब्ध कराई जाएगी। रेलवे अफसरों से ऐसी ट्रेनों की सूची मांगी गई है। इनमें इन बोगियों को डिमांड के अनुसार लगाया जा सके।
महिलाओं की सुरक्षा, उनके रेल सफर को उत्कृष्ट बनाने के लिए रेलवे बोर्ड की ओर से कई प्रयास किए जा रहे हैं। महिला आरपीएफ जवानों की संख्या में वृद्धि, महिला एस्कॉर्ट सहित रेलवे के फ्रंटलाइन स्टाफ में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जा रही है। इसके अतिरिक्त ट्रेनों में महिलाओं के सफर को बेहतर बनाने के लिए नई महिला बोगियों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं।
इसका उद्देश्य महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देना
लखनऊ के रास्ते आने-जाने वाली ट्रेनों में 310 महिला बोगियों को ट्रेनों में लगाया जाएगा। रेलवे अधिकारी बताते हैं कि महिला बोगियों को लगाने के पीछे रेलवे बोर्ड का उद्देश्य महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देना है। अभी तक ट्रेनों में जो महिला बोगियां लगी हैं, उनकी हालत खस्ता है।
त्योहारों, परीक्षा आदि के समय महिला बोगियों में पुरुषों का कब्जा हो जाता है, जिससे महिलाओं को ट्रेनों में खड़े होकर सफर करना पड़ता है। उनकी समस्याओं को देखते हुए उक्त निर्णय लिया गया है। इससे महिला यात्रियों को काफी राहत मिल जाएगी, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।
बेबी फीडिंग के लिए होगी जगह
महिला बोगियों में सफर करने वाली माताओं के लिए कई सुविधाएं होंगी। आरामदायक सीटों के साथ-साथ सेनेटरी नैपकिन की सुविधा होगी। इतना ही नहीं बेबी फीडिंग के लिए भी महिलाओं को जगह उपलब्ध कराई जाएगी। जिन ट्रेनों में लोड अधिक रहता है, उसमें महिला बोगियों में आरपीएफ की महिला जवान भी तैनात की जाएगी।
कोटे में भी मिलती है महिलाओं को वरीयता
रेलवे की ओर से महिलाओं को टिकटों के रिजर्वेशन में भी राहत मिलती है। सीनियर सिटीजन कोटे में छूट मिलती है। साथ ही महिला कोटा भी रहता है। बोगियों में महिलाओं के लिए सीटों की संख्या भी तय है। आवश्यकता होने पर इनमें भी वृद्धि की जा सकती है।
