100 करोड़ की कर चोरी मामला: गिरोह में CGST का इंस्पेक्टर भी शामिल, गाजियाबाद केस में चार आरोपी हुए थे गिरफ्तार
100 करोड़ की कर चोरी के गिरोह में CGST का इंस्पेक्टर भी शामिल है। एसटीएफ ने गाजियाबाद के केस में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब दिल्ली में तैनात सीजीएसटी इंस्पेक्टर को आरोपी बनाया गया है।
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उत्तर प्रदेश में 100 करोड़ की जीएसटी चोरी के मामले में सेंट्रल जीएसटी का एक इंस्पेक्टर भी शामिल है। इंस्पेक्टर की तैनाती दिल्ली में है। गाजियाबाद में दर्ज एफआईआर में उसको भी अब आरोपी बनाया गया है। एसटीएफ उसकी तलाश में है।
एसटीएफ ने शुक्रवार को दिल्ली निवासी स्क्रैप कारोबारी हरदीप सिंह उर्फ प्रिंस, जितेंद्र झा, पुनीत अग्रवाल और शिवम सिंह को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने बोगस फर्में व फर्जी ईवे बिल-इनवाइस काटकर करीब सौ करोड़ रुपये की कर चोरी की थी। गाजियाबाद के कवि नगर थाने में केस दर्ज था। एसटीएफ लखनऊ की टीम आरोपियों की धरपकड़ में जुटी है।
तफ्तीश में सामने आया है कि दिल्ली में सेंट्रल जीएसटी में तैनात इंस्पेक्टर मोहित अग्रवाल भी इस गिरोह में शामिल है। एसटीएफ ने उसके खिलाफ पुख्ता साक्ष्य जुटाए। उसी आधार पर उसको आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा हरियाणा निवासी आलोक नाम का भी शख्स गिरोह का हिस्सा है। आलोक एकमुश्त कमीशन पर फर्जी फर्में हरदीप को उपलब्ध करवाता था।
सस्पेंड फर्म को कर दिया था रिस्टोर
एसटीएफ के मुताबिक आरोपी पुनीत अग्रवाल की एक फर्म एडॉन ऑटोमोबाइल है। ये फर्म भी बोगस थी। करोड़ों का हेरफेर इसके जरिये किया गया था। तीन महीने पहले इस फर्म को सस्पेंड कर दिया गया था। तब पुनीत ने इंस्पेक्टर मोहित अग्रवाल के जरिये इस फर्म को रिस्टोर करवा लिया था। उस पर फिर से लेनदेन शुरू कर दिया था। इंस्पेक्टर को इसके एवज में 40 हजार रुपये दिए थे।
इंस्पेक्टर ने लाखों वसूले, चैट में मिले सबूत
इंस्पेक्टर मोहित अग्रवाल ने गिरोह की विभागीय तौर पर मदद की जिससे आरोपी हेरफेर करते रहें। इसके बदले में उसने लाखों रुपये वसूले। अंदेशा है कि इस तरह सैकड़ों फर्मों में उसने खेल किया। एसटीएफ ने पुनीत के मोबाइल से इस संबंध में अहम व्हाट्सएप चैट जुटाया है। इसमें पुनीत और इंस्पेक्टर लेनदेन से लेकर हेरफेर करने की बातचीत कर रहे थे।
सीओ एसटीएफ प्रमेश शुक्ला ने बताया कि इंस्पेक्टर की भूमिका सामने आई है। गिरोह में वह भी शामिल है। इसलिए उसको भी आरोपी बनाया गया है। गिरफ्तारी के लिए टीम लगाई गई है।