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Lucknow News: फास्ट फूड की लत से बीमार हो रहा बचपन
Sat, 01 Aug 2026 09:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 01 Aug 2026 09:19 PM IST
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मेडिकल कॉलेज की बाल रोग ओपीडी में बालक को फास्ट फूड के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करते वि
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अयोध्या। बच्चों में फास्ट फूड का बढ़ता चलन अब उनकी सेहत पर भारी पड़ने लगा है। मेडिकल कॉलेज की बाल रोग ओपीडी में पिछले कुछ वर्षों की तुलना में मोटापा, पेट संबंधी बीमारियां और पोषण असंतुलन की शिकायत लेकर पहुंचने वाले बच्चों की संख्या बढ़ी है। बाल रोग विशेषज्ञ इसकी प्रमुख वजह खान-पान की बदलती आदतों और शारीरिक गतिविधियों में कमी को मान रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद शुक्ला ने बताया कि पहले की अपेक्षा अब अधिक बच्चे जंक फूड के दुष्प्रभाव के साथ ओपीडी में पहुंच रहे हैं। ओपीडी में औसतन दो-तीन बच्चे इसके दुष्प्रभाव से ग्रसित होकर आ रहे हैं। इसका सेवन बच्चों के शरीर पर नकारात्मक असर डाल रहा है। इसके कारण मोटापा, कब्ज, पेट दर्द, गैस, विटामिन और आयरन की कमी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे बच्चों के परिजनों को भी जागरूक किया जाता है। कई लोग इससे सतर्क होकर वापस लौटे और फीडबैक भी दिया।
घट रही रोग प्रतिरोधक क्षमता
डॉ. आनंद शुक्ला ने बताया कि फास्ट फूड में नमक, चीनी और वसा अधिक होती है, जबकि शरीर के विकास के लिए जरूरी पोषक तत्व कम होते हैं। यही वजह है कि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी प्रभावित हो रही है। कई बच्चों में कम उम्र में ही जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के शुरुआती लक्षण दिखाई देने लगे हैं। कहा कि अभिभावक बच्चों को घर का ताजा और संतुलित भोजन देने की आदत विकसित करें। मौसमी फल, हरी सब्जियां, दूध, दाल और प्रोटीन युक्त भोजन को प्राथमिकता दें। साथ ही बच्चों को प्रतिदिन कम से कम एक घंटे खेल-कूद या अन्य शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करें और फास्ट फूड को केवल कभी-कभार तक सीमित रखें।
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मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद शुक्ला ने बताया कि पहले की अपेक्षा अब अधिक बच्चे जंक फूड के दुष्प्रभाव के साथ ओपीडी में पहुंच रहे हैं। ओपीडी में औसतन दो-तीन बच्चे इसके दुष्प्रभाव से ग्रसित होकर आ रहे हैं। इसका सेवन बच्चों के शरीर पर नकारात्मक असर डाल रहा है। इसके कारण मोटापा, कब्ज, पेट दर्द, गैस, विटामिन और आयरन की कमी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे बच्चों के परिजनों को भी जागरूक किया जाता है। कई लोग इससे सतर्क होकर वापस लौटे और फीडबैक भी दिया।
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घट रही रोग प्रतिरोधक क्षमता
डॉ. आनंद शुक्ला ने बताया कि फास्ट फूड में नमक, चीनी और वसा अधिक होती है, जबकि शरीर के विकास के लिए जरूरी पोषक तत्व कम होते हैं। यही वजह है कि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी प्रभावित हो रही है। कई बच्चों में कम उम्र में ही जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के शुरुआती लक्षण दिखाई देने लगे हैं। कहा कि अभिभावक बच्चों को घर का ताजा और संतुलित भोजन देने की आदत विकसित करें। मौसमी फल, हरी सब्जियां, दूध, दाल और प्रोटीन युक्त भोजन को प्राथमिकता दें। साथ ही बच्चों को प्रतिदिन कम से कम एक घंटे खेल-कूद या अन्य शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करें और फास्ट फूड को केवल कभी-कभार तक सीमित रखें।
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