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UP News: साइबर टीम ने 7.80 करोड़ की ठगी का किया खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार; कई राज्यों में दर्ज हैं केस
अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा
Published by: Bhupendra Singh
Updated Thu, 02 Apr 2026 07:15 PM IST
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सार
गोंडा में साइबर टीम ने 7.80 करोड़ की ठगी का खुलासा किया है। मामले में दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। इनके खिलाफ कई राज्यों में 25 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। आगे पढ़ें पूरी खबर...
पुलिस गिरफ्त में साइबर ठग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
यूपी के गोंडा में साइबर सेल ने नौकरी दिलाने के नाम पर 7.80 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बुधवार को कोतवाली नगर के सोनी कपूर, देवरिया चूड़ामणि निवासी सुधीर कुमार गुप्ता व माधवपुरम कॉलोनी निवासी बृजेश मिश्र को गिरफ्तार किया है। इसमें से एक करोड़ 11 लाख की धनराशि को पुलिस ने बैंक खातों में होल्ड करा दिया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
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एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि समन्वय (प्रतिबिंब) पोर्टल पर संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के दौरान फरवरी 2026 में छत्तीसगढ़ निवासी एक पीड़ित की शिकायत से इस गिरोह का सुराग मिला। जांच में कई मोबाइल नंबर सामने आए। इनकी लोकेशन गोंडा में मिली। जबकि, सिम अन्य राज्यों के लोगों के नाम से जारी थे। इसके बाद एएसपी (पूर्वी) मनोज कुमार रावत और सीओ आनंद कुमार राय के पर्यवेक्षण में साइबर सेल प्रभारी संजय कुमार गुप्ता की टीम को लगाया गया।
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नौकरी दिलाने के फर्जी पोस्टर चिपकाते थे
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के बदमाश उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, कर्नाटक और तेलंगाना समेत कई राज्यों में बस स्टैंड व रेलवे स्टेशनों के आसपास स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने के फर्जी पोस्टर चिपकाते थे। नौकरी की तलाश कर रहे लोग इन विज्ञापनों में दिए गए मोबाइल नंबरों पर संपर्क करते थे।इसके बाद गिरोह के लोग रजिस्ट्रेशन, इंटरव्यू, ट्रेनिंग और जॉइनिंग के नाम पर उनसे रकम वसूलते थे। पीड़ितों को भरोसा दिलाने के लिए फर्जी ट्रेनिंग लेटर भी भेजे जाते थे। ठगी की रकम म्यूल अकाउंट (किराये के बैंक खाते) में ट्रांसफर कराई जाती थी। इसमें से 20 प्रतिशत कमीशन खाता धारकों को देकर बाकी रकम निकाल ली जाती थी।
25 से अधिक ऑनलाइन शिकायतें दर्ज हैं
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सोनी गुमटी से बूढ़ादेवर मार्ग पर रेल पटरी के पास से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह करीब डेढ़ साल से सक्रिय था। आरोपियों के खिलाफ देश के कई राज्यों में 25 से अधिक ऑनलाइन शिकायतें दर्ज हैं।ठगी के लिए 51 बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। कुल सात करोड़ 80 लाख रुपये की ठगी रिपोर्ट हुई। इसमें से 1.11 करोड़ रुपये खातों में होल्ड कराए जा चुके हैं। एसपी ने बताया कि खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है।