केजी से पीजी तक निशुल्क और एक समान शिक्षा की ओर बढ़ रहा उत्तर प्रदेश : दिनेश शर्मा
विधान परिषद में नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश में केजी से पीजी तक निशुल्क और एकसमान शिक्षा की व्यवस्था की जा रही है। आर्थिक विकास के साथ-साथ आम लोगों के जीवनस्तर ऊंचा उठाने के प्रयास भी लगातार जारी हैं। अन्य मंत्रियों और सदस्यों ने भी सतत विकास के 16 लक्ष्यों पर विचार रखे।
समूचे विपक्ष की गैरमौजूदगी में बुधवार को विधान परिषद के विशेष सत्र की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। इसमें भाजपा के अलावा शिक्षक दल और निर्दल समूह के सदस्यों ने भी हिस्सा लिया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के योगदान को याद करते हुए डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा, केजी से लेकर पीजी (स्नातकोत्तर) तक निशुल्क शिक्षा देने की दिशा में गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। परिषदीय व माध्यमिक स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। बीच में ही स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या लगातार कम हो रही है। परिषदीय विद्यालयों में 5.80 लाख नियमित शिक्षक, डेढ़ लाख शिक्षामित्र और 29330 अनुदेशक विद्यार्थियों को नए भारत के निर्माण में योगदान के लिए तैयार कर रहे हैं।
माध्यमिक शिक्षा में सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के अलावा बड़ी संख्या वित्तविहीन स्कूलों में विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वर्ष 2030 तक हम शत-प्रतिशत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का लक्ष्य हासिल कर लेंगे। प्रदेश में 16 राज्य विश्वविद्यालय हैं, जबकि तीन विश्वविद्यालय निर्माणाधीन हैं।
डॉ. शर्मा ने कहा कि गांधीजी चाहते थे कि देश में ज्यादा उत्पादन के बजाय ज्यादा लोगों द्वारा उत्पादन की नीति पर अमल हो। इसके तहत वर्तमान केंद्र व प्रदेश सरकार ने एमएसएमई सेक्टर को प्रोत्साहन देने के लिए भी कई योजनाओं और नीति को लागू किया है।
गांधीजी का भी सम्मान नहीं करता विपक्ष
नेता सदन ने कहा, उम्मीद थी कि इस परिचर्चा में विपक्ष भी भाग लेगा, लेकिन दुर्भाग्य से इस अवसर पर भी विपक्ष राजनीति करने से बाज नहीं आया। विधान परिषद की लगातार 36 घंटे चलने वाली यह कार्यवाही इतिहास में दर्ज होगी। साथ ही यह भी दर्ज होगा कि कुछ ऐसे लोग भी थे, जो बापू की जयंती पर भी विचार रखने नहीं आए।
एक दिन झाड़ू लगाने की रस्मअदायगी से नहीं चलेगा काम
अपना दल के आशीष पटेल ने गांधीजी के स्वच्छता, स्वावलंबन, स्वदेशी और सर्वोदय संबंधी विचारों पर प्रकाश डाला। कहा कि विशिष्ट लोगों के सिर्फ एक दिन झाड़ू लगाने की रस्मअदायगी से काम नहीं चलेगा। इसके लिए सतत प्रयास करने होंगे।
सैकड़ों स्कूल सिर्फ एक शिक्षक के सहारे
शिक्षक दल के सदस्यों ने कहा, सरकार कह रही है कि हमने अपराधी खत्म कर दिए हैं, लेकिन यह गांधीजी के विचारों से मेल नहीं खाता। गांधीजी कहा करते थे कि अपराध खत्म करो, अपराधी नहीं। सदस्य राजबहादुर सिंह चंदेल ने कहा कि आज भी सैकड़ों उच्च प्राथमिक स्कूल ऐसे हैं, जहां सिर्फ एक ही शिक्षक कार्यरत है। उन्होंने जल प्रदूषण पर भी चिंता जताई। सदस्य जगवीर किशोर जैन ने गांधी के देश में भीड़ हिंसा पर चिंता जताई।
सौर ऊर्जा से पैदा करेंगे 10 हजार मेगावाट बिजली
कैबिनेट मंत्री सतीश महाना ने कहा कि अगले पांच साल में प्रदेश में सौर ऊर्जा से 10 हजार मेगावाट बिजली पैदा करेंगे। प्रदेश में तेजी से निवेश बढ़ रहा है। रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। हम किसी बड़े उद्योगपति का नाम लेकर निशाना साधने में यकीन नहीं रखते। न ही हमें उद्योगपतियों से वार्ता करने में कोई गुरेज है। हां, हम उन्हें कोई भी गलत काम नहीं करने देते।
राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी ने कहा कि गांधीजी ने हमें अस्पृश्यता और आत्मानुशासन का पाठ पढ़ाया। आजादी के बाद आई सरकारों ने बापू के सिद्धांतों को भुला दिया।
