फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   fake question submitted to UP Legislative Council using SP MLC forged sign investigation has been launched

UP News: सपा एमएलसी के फेक हस्ताक्षर कर विधान परिषद में लगा फर्जी सवाल, खुलासा हुआ तो सभी हैरान; जांच शुरू

Mon, 10 Aug 2026 09:11 AM IST
Bhupendra Singh चंद्रभान यादव, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
चंद्रभान यादव, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Mon, 10 Aug 2026 09:11 AM IST
सार

यूपी विधान परिषद में फर्जी सवाल लगाया गया। इसकी जांच शुरू की गई है। सपा एमएलसी के फर्जी हस्ताक्षर वाले पत्र के जरिये यह सवाल उठाया गया। परिषद ने आख्या तलब की तब पूरा मामला खुला। आगे पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
fake question submitted to UP Legislative Council using SP MLC forged sign investigation has been launched
विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

उत्तर प्रदेश विधान परिषद में सपा एमएलसी मुकुल यादव के फर्जी हस्ताक्षर कर स्वास्थ्य विभाग से संबंधित सवाल लगा दिया गया। परिषद ने स्वास्थ्य विभाग से आख्या भी तलब कर ली। इस बीच मुकुल यादव के ही अन्य सवालों के पत्रों में उनके हस्ताक्षर अलग मिले तो एमएलसी से पुष्टि की गई। एमएलसी ने संबंधित सवाल लगाने से इन्कार किया। आनन-फानन परिषद सभापति ने मामले की जांच शुरू करा दी।
विज्ञापन


सपा के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) मुकुल यादव के हस्ताक्षर से पांच अगस्त को विधान परिषद में नियम 111 (लोक महत्व का प्रश्न) के तहत पत्र दिया गया। इसमें बताया गया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों के लिए सुबह 9:45 बजे कार्यालय आना अनिवार्य है। कंप्यूटर ऑपरेटर, प्रोग्राम असिस्टेंट, कंसल्टेंट व अन्य संविदा कर्मियों के एक मिनट भी देर से आने पर आधे दिन का वेतन काट लिया जाता है।
विज्ञापन

पत्र मिलते ही विभाग में मची हलचल

वहीं, महाप्रबंधक, उपप्रबंधक, वित्त नियंत्रक व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर घंटों देर से आने के बाद भी कार्रवाई नहीं होती। विधान परिषद ने उसी दिन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से प्रकरण में आख्या तलब कर ली। पत्र मिलते ही विभाग में हलचल मच गई और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ. पिंकी जोएल को पत्र भेजा गया। विभाग ने एमएलसी मुकुल यादव से पूछा तो पता चला कि यह सवाल उन्होंने लगाया ही नहीं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

हिंदी में मिले हस्ताक्षर तो हुआ शक 

एनएचएम से जुड़े सवाल में एमएलसी के हस्ताक्षर हिंदी में हैं। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अन्य सवालों में उनके हस्ताक्षर अंग्रेजी में मिले। शक होने पर एमएलसी से पुष्टि की गई। एमएलसी ने कहा कि वह हर सवाल के पत्र पर अंग्रेजी में हस्ताक्षर करते हैं।

क्या है सवाल लगाने का नियम

एमएलसी अपने सवाल विधान परिषद सचिवालय में देते हैं। विधान परिषद सभापति संबंधित सवाल सरकार को आवश्यक कार्यवाही के लिए संदर्भित करते हैं। इसके आधार पर विभाग से रिपोर्ट मांगी जाती है।

विधान परिषद सदस्य मुकुल यादव ने बतया कि एनएचएम की कोई शिकायत नहीं की थी। मेरे फर्जी हस्ताक्षर से शिकायत की बात सामने आई है। सभापति से जांच की मांग की है। 


विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि मामले की जांच प्रमुख सचिव को दी गई है। कैमरों के जरिये शिकायतकर्ता का पता लगाया जा रहा है। दोषी पर सख्त कार्रवाई होगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed