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ब्लैकमेलिंग गैंग का खुलासा: 'पहले IGRS पर शिकायत, फिर रिश्वत की डील'; ऐसे चल रहा था एलडीए में वसूली का खेल

Sun, 02 Aug 2026 09:29 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Sun, 02 Aug 2026 09:29 AM IST
सार

विजिलेंस की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। एलडीए में लंबे समय से रिश्वतखोरी का खेल जारी था। पहले IGRS पर शिकायत, फिर रिश्वत की डील की जाती थी। कई और कर्मचारी व दलाल रडार पर हैं। जल्द बड़ी कार्रवाई हो सकती है। आगे पढ़ें पूरी खबर...

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First complaint on IGRS then bribe deal this is how extortion racket was operating at LDA in lucknow
एलडीए में वसूली का खेल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) में रिश्वतखोरी के मामले की जांच में वसूली के एक संगठित खेल के संकेत मिले हैं। शुरुआती जांच के मुताबिक, गिरोह पहले निर्माणाधीन भवनों को चिह्नित करता था। इसके बाद अपने लोगों से आईजीआरएस पोर्टल पर अवैध निर्माण की शिकायत दर्ज कराई जाती थी। फिर भवन स्वामी से संपर्क कर कार्रवाई का डर दिखाया जाता और मामला निपटाने के नाम पर लाखों रुपये की रिश्वत मांगी जाती थी।

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सूत्रों के मुताबिक, गिरोह लंबे समय से इसी तरीके से काम कर रहा था। इसमें सबका काम बंटा हुआ था। एलडीए का कर्मचारी व दलाल निर्माणाधीन भवनों को चिन्हित करते थे। उसकी जानकारी अवर अभियंता को दी जाती थी। उसके बाद दलाल से ही ऑनलाइन शिकायत की जाती थी।

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बुलडोजर चलाए जाने का डर दिखाया जाता था

शिकायत को रफादफा करने के लिए अधिकारी बिचौलिए को भेजते थे। जो भवन स्वामियों को जुर्माने से लेकर जेल भेजे जाने और मकान पर बुलडोजर चलाए जाने का डर दिखाया जाता था। इससे वह दबाव में आ जाते थे और रकम देने के लिए तैयार हो जाते थे। सूत्रों का दावा है कि इस तरीके से कई लोगों से लाखों रुपये की रिश्वत ली गई है। हालांकि अब जब मामले की विस्तृत जांच होगी तो पूरी परतें खुलेंगी।

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शिकायतों की होगी तस्दीक

मामला सामने आने के बाद एलडीए ने भी व्यवस्था में बदलाव किया है। अब आईजीआरएस, व्हाट्सएप और अन्य माध्यमों से मिलने वाली शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई नहीं होगी। पहले शिकायत की गहन जांच की जाएगी, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। साथ ही प्रवर्तन अनुभाग के कार्यालयों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

दर्ज कराई जाएगी एफआईआर

एलडीए का कहना है कि शिकायतों को किसी नागरिक को परेशान करने या ब्लैकमेल करने का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा। निजी रंजिश या वसूली की नीयत से बार-बार शिकायत करने वाले लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। वहीं विजिलेंस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल थे और अब तक कितने लोगों से इसी तरह वसूली की गई।

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