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Lucknow News: राजधानी के चारों ओर दौड़ेंगी ऑर्बिटल रेल, चारबाग पर घटेगा दबाव; बनेंगे छह बड़े स्टेशन
Fri, 17 Jul 2026 09:53 AM IST
Bhupendra Singh
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Bhupendra Singh
Updated Fri, 17 Jul 2026 09:53 AM IST
सार
राजधानी के चारों ओर ऑर्बिटल रेल दौड़ेंगी। इससे चारबाग पर दबाव घटेगा। इसके लिए छह बड़े स्टेशन बनेंगे। इनका दायरा 170 किमी का होगा। प्रोजेक्ट पर दो हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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कुछ ऐसा होगा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
राजधानी लखनऊ में चारबाग स्टेशन और शहर के अंदर की रेल लाइनों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए चारों तरफ 170 किमी लंबा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर बनाया जाएगा। प्रोजेक्ट का उद्देश्य शहर के बीच से गुजरने वाली पैसेंजर ट्रेनों और मालगाड़ियों को बाहर से निकालना है, ताकि जाम व भीड़ कम हो सके।
ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर रिंग रेल लाइन होगी, जो लखनऊ के बाहरी इलाकों को आपस में जोड़ेगी। इससे शहर के अंदर बिना आए ही एक से दूसरे जिले जाया जा सकेगा। इस ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर के बनने से लखनऊ के आसपास के शहरों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और राजधानी का ट्रैफिक सुगम होगा। प्रोजेक्ट पर करीब 2000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस योजना में पैसेंजर ट्रेनें और मालगाड़ी दोनों तरह की गाड़ियां चलाई जाएंगी।
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वर्तमान में लखनऊ से अयोध्या, वाराणसी, कानपुर, मुरादाबाद, सीतापुर, रायबरेली और सुल्तानपुर की ओर जाने वाले मार्गों पर सबसे ज्यादा ट्रेनों का संचालन है। लखनऊ और ऐशबाग स्टेशनों पर करीब 90 प्रतिशत मालगाड़ियां और 70-80 प्रतिशत यात्री गाड़ियां गुजरती हैं। ज्यादा दबाव होने से ट्रेनों को आउटर पर रुकना पड़ता है, जिससे ये लेट भी होती हैं। यह कॉरिडोर बनने से ट्रेनों के संचालन में काफी आसानी हो जाएगी।
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि एससीआर में सड़क के साथ रेल यातायात भी आसान करने की योजना है। इसके तहत ही शहर में ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर बनाने की योजना है। इसका प्रेजेंटेशन शासन में हो चुका है। इसका डीपीआर बनाया जाना है।
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ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर रिंग रेल लाइन होगी, जो लखनऊ के बाहरी इलाकों को आपस में जोड़ेगी। इससे शहर के अंदर बिना आए ही एक से दूसरे जिले जाया जा सकेगा। इस ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर के बनने से लखनऊ के आसपास के शहरों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और राजधानी का ट्रैफिक सुगम होगा। प्रोजेक्ट पर करीब 2000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस योजना में पैसेंजर ट्रेनें और मालगाड़ी दोनों तरह की गाड़ियां चलाई जाएंगी।
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भारी दबाव के कारण रेल यातायात बाधित हो रहा
रेलवे के जानकारों ने बताया कि लखनऊ क्षेत्र में अभी सात मुख्य रेल मार्ग हैं। इन पर भारी दबाव के कारण रेल यातायात बाधित हो रहा है। यह क्षेत्र उत्तर रेलवे, उत्तर-पूर्व रेलवे और पूर्व-मध्य रेलवे के लिए प्रवेश द्वार के रूप में काम करता है, जिससे यहां रेल यातायात का दबाव बढ़ जाता है।
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वर्तमान में लखनऊ से अयोध्या, वाराणसी, कानपुर, मुरादाबाद, सीतापुर, रायबरेली और सुल्तानपुर की ओर जाने वाले मार्गों पर सबसे ज्यादा ट्रेनों का संचालन है। लखनऊ और ऐशबाग स्टेशनों पर करीब 90 प्रतिशत मालगाड़ियां और 70-80 प्रतिशत यात्री गाड़ियां गुजरती हैं। ज्यादा दबाव होने से ट्रेनों को आउटर पर रुकना पड़ता है, जिससे ये लेट भी होती हैं। यह कॉरिडोर बनने से ट्रेनों के संचालन में काफी आसानी हो जाएगी।
इन जगहों पर बनेंगे स्टेशन
काकोरी, बख्शी का तालाब, जहांगीराबाद, रसौली, अनूपगंज, मोहनलालगंज और पिपरसंड।एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि एससीआर में सड़क के साथ रेल यातायात भी आसान करने की योजना है। इसके तहत ही शहर में ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर बनाने की योजना है। इसका प्रेजेंटेशन शासन में हो चुका है। इसका डीपीआर बनाया जाना है।