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राम मंदिर दान चोरी: कौन हैं अनिल मिश्रा जो गिनते थे राशि के पैसे? तीन और नामों के हुए खुलासे; जानिए कहानी

सूरज शुक्ला, अमर उजाला लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 17 Jun 2026 06:39 AM IST
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सार

Ram Mandir donation: राम मंदिर के दान में हुए चोरी की अब रोज नई परतें खुल रही हैं। जांच में यह बात सामने आ रही है कि इस मामले में कई लोगों की भूमिका है। 

Ram Temple donation theft: Anil Mishra was counting the money, three more names revealed; who bought land wort
अयोध्या का राम मंदिर। - फोटो : amar ujala
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विस्तार

श्रीराम मंदिर की दान की राशि के गबन मामले में चर्चा में आए रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू मंगलवार को कैमरे के सामने आए। एक बयान में उन्होंने कहा कि राशि की गितनी की जिम्मेदारी अनिल मिश्रा की रहती थी। उनकी देखरेख में ही गिनती होती थी। इसके अलावा तीन और नामों का खुलासा किया जो गिनती प्रक्रिया में अहहम भूमिका निभाते थे। अब ये सभी सवालों के घेरे में आ गए हैं।



टिन्नू ने कहा कि गिनती प्रक्रिया के तीन इंचार्ज थे। इसमें दीनानाथ वर्मा, प्रकाश गुप्ता और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं। एक चाबी ट्रस्ट के पास रहती थी और दूसरी बैंक कर्मियों के पास। दोनों चाबियों की मदद से ताला खोला जाता था। उसके बाद गिनती शुरू होती थी। गिनती प्रक्रिया के बारे में बताते हुए कहा कि ट्रस्ट के अनिल मिश्रा की जिम्मेदारी कैश को लेकर रहती थी। टिन्नू खुद सवालों के घेरे में तो हैं ही अब इन सभी पर सवाल खड़े हो गए हैं। एसआईटी इन सभी से पूछताछ करेगी। सूत्रों के मुताबिक जो इंचार्ज हैं, उनसे पूछताछ हो भी रही है। टिन्नू ने कहा कि कुछ लोग मेरे खिलाफ साजिश कर रहे हैं, बस उनके नाम नहीं पता चल रहे।

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50 करोड़ की संपत्ति की बात में सच नहीं, 2008 में खरीदी थी जमीन : टिन्नू

राम मंदिर चढ़ावा चोरी और दानराशि गड़बड़ी प्रकरण में चर्चाओं के केंद्र में आए रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू ने वीडियो जारी कर अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर उनकी संपत्ति को लेकर किया जा रहा प्रचार पूरी तरह भ्रामक है।

टिन्नू ने बताया कि उन्होंने 1988 में ओटीसी किया और 1993 में विश्व हिंदू परिषद से जुड़कर राम जन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके अनुसार जिस जमीन और मकान को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वह जमीन उन्होंने वर्ष 2008 में खरीदी थी तथा 2015 में उस पर मकान का निर्माण कराया था।

उन्होंने कहा कि संगठन से मिलने वाले मानदेय और अपने ऑटोमोबाइल व्यवसाय की आय से यह संपत्ति बनाई गई। बाद में राम मंदिर निर्माण के दौरान एलएंडटी की टीम को मकान किराए पर दिया गया, जिससे आय होती रही। टिन्नू ने 50 करोड़ रुपये की संपत्ति होने के दावों को दुष्प्रचार बताते हुए कहा कि सच का फैसला भगवान श्रीराम करेंगे।

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