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UP News: सरफेसी एक्ट के तहत वसूली में उछाल, छह महीने में लगभग दोगुनी हुई राशि; अभियान का दिखा सकारात्मक असर

अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sat, 24 Jan 2026 01:01 PM IST
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सार

सरफेसी एक्ट के तहत वसूली में काफी उछाल आई है। छह महीने में राशि लगभग दोगुनी हो गई है। वसूली अभियान का सकारात्मक असर दिखा। सितंबर तक 3,107 करोड़ रुपये की वसूली हुई। आगे पढ़ें पूरा मामला...

Recovery under SARFAESI Act surges nearly doubling in six months campaign shows positive impact
bank - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में सरफेसी एक्ट (संपत्ति प्रतिभूतिकरण और वित्तीय परिसंपत्तियों का प्रवर्तन अधिनियम) के तहत बैंकों द्वारा की जा रही वसूली में पिछले छह महीनों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मार्च 2025 में सरफेसी खातों की कुल राशि 1,706 करोड़ रुपये थी, जो सितंबर 2025 तक बढ़कर 3,107 करोड़ रुपये हो गई है। यह लगभग दोगुनी वृद्धि, राजस्व विभाग और विभिन्न बैंकों के बीच बेहतर समन्वय और प्रभावी वसूली अभियान का परिणाम है।

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सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2025 में प्रदेश में 4,833 सरफेसी खाते दर्ज थे, जिनकी कुल बकाया राशि 1,706 करोड़ रुपये थी। वहीं, सितंबर 2025 तक यह संख्या बढ़कर 5,190 खाते हो गई और बकाया राशि बढ़कर 3,107 करोड़ रुपये पहुंच गई। 

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सरफेसी एक्ट के दायरे में लाने का प्रयास

इस महत्वपूर्ण उछाल में पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे बड़े बैंकों का विशेष योगदान रहा है। बैंकों द्वारा अधिक संख्या में डिफॉल्ट खातों को सरफेसी एक्ट के दायरे में लाने का प्रयास किया गया है। 

इसके अतिरिक्त, जिला स्तर पर लंबित मामलों की नियमित समीक्षा, संपत्ति पर कब्जा लेने की प्रक्रिया में तेजी लाना और राजस्व विभाग के पोर्टल पर डेटा को अद्यतन करने की कवायदों ने भी वसूली में इस वृद्धि को गति दी है। लंबे समय से अटके मामलों के निपटारे पर जोर देने से बकाया राशि का वास्तविक स्वरूप सामने आया, जिससे कुल वसूली राशि में वृद्धि परिलक्षित हुई।

लंबित मामले और आगे की राह

समीक्षा बैठक में यह भी सामने आया कि प्रदेश में अभी भी लगभग 10.34 लाख रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) मामले लंबित हैं, जिनकी कुल राशि 20,412 करोड़ रुपये से अधिक है। इसके अलावा, सरफेसी एक्ट के तहत विभिन्न बैंकों के लगभग 4,351 आवेदन जिला मजिस्ट्रेट स्तर पर संपत्ति पर कब्जा प्राप्त करने की अनुमति के लिए लंबे समय से लंबित हैं। इन लंबित मामलों के निपटारे में हो रही देरी बैंकों की वसूली प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है। 

इस परिप्रेक्ष्य में, राजस्व विभाग ने बैंकों को निर्देश दिया है कि जिन खातों में वसूली पूरी हो चुकी है, उनकी स्थिति को पोर्टल पर तत्काल अपडेट किया जाए ताकि वास्तविक आंकड़े सामने आ सकें। साथ ही, जिला मजिस्ट्रेट स्तर पर सरफेसी मामलों में भौतिक कब्जा दिलाने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

क्या है सरफेसी एक्ट

सरफेसी एक्ट बैंकों और वित्तीय संस्थानों को ऋण डिफॉल्टरों की गिरवी रखी संपत्तियों को बिना कोर्ट जाए जब्त करने और नीलामी करके लोन वसूलने का अधिकार देता है। इसका मुख्य उद्देश्य बैंकों के नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स को कम करना और वित्तीय प्रणाली में स्थिरता लाना है।

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